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गन्ना आयुक्त का सख्त अल्टीमेटम: पिछले सत्र का ₹1,240 करोड़ बकाया भुगतान 15 अक्टूबर तक निपटाएं चीनी मिलें — वरना नहीं मिलेगा पेराई लाइसेंस

Aamir Raza Sep 22, 2026 3 min read
गन्ना आयुक्त का सख्त अल्टीमेटम: पिछले सत्र का ₹1,240 करोड़ बकाया भुगतान 15 अक्टूबर तक निपटाएं चीनी मिलें — वरना नहीं मिलेगा पेराई लाइसेंस
अंतिम अपडेट: September 22, 2026 1:45 PM IST — यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

लखनऊ / शामली / गोंडा (CaneUp विशेष ब्यूरो — 22 सितंबर 2026): उत्तर प्रदेश शासन ने गन्ना मूल्य भुगतान में हीलाहवाली करने वाली निजी चीनी मिलों के खिलाफ आर-पार की जंग छेड़ दी है। गन्ना आयुक्त लखनऊ द्वारा 22 सितंबर 2026 को जारी सख्त परिपत्र में प्रदेश की सभी डिफाल्टर मिलों को स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि वे 15 अक्टूबर 2026 तक पिछले पेराई सत्र 2025-26 का संपूर्ण ₹1,240 करोड़ का बकाया भुगतान चुकता नहीं करती हैं, तो उन्हें आगामी पेराई सत्र के लिए ‘क्रशिंग लाइसेंस’ जारी नहीं किया जाएगा।

विभाग के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश की 120 मिलों में से 92 मिलों ने शत-प्रतिशत भुगतान पूरा कर लिया है, लेकिन लगभग 28 निजी मिलों (विशेषकर शामली, बदायूं, संभल, सिंभावली, मोदीनगर और गोंडा परिक्षेत्र) पर अभी भी ₹1,240 करोड़ से अधिक की देनदारी शेष है।


🏭 सर्वाधिक बकायेदार 5 चीनी मिलों की स्थिति

मिल का नाम (Sugar Mill)जनपद (District)लंबित बकाया (करोड़ रु.)भुगतान प्रतिशत
शामली शुगर मिल (अपर दोआब)शामली₹214 करोड़68.4%
मोदीनगर शुगर मिलगाजियाबाद₹182 करोड़72.1%
सिंभावली शुगर मिलहापुड़₹165 करोड़74.8%
गोंडा शुगर मिल (बजाज हिंदुस्तान)गोंडा₹148 करोड़71.5%
बिसौली शुगर मिलबदायूं₹122 करोड़76.2%

⚖️ धारा 17 व 85:15 एस्क्रो खाते का डंडा

गन्ना आयुक्त ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि:

  1. एस्क्रो खाते की मॉनिटरिंग: चीनी मिलों द्वारा चीनी, शीरा और इथेनॉल की बिक्री से होने वाली आय का 85% हिस्सा सीधे एस्क्रो खाते में जमा कराया जाए और उससे केवल किसानों का भुगतान हो।
  2. आरसी (Recovery Certificate) जारी करने की तैयारी: यदि 15 अक्टूबर तक मिलों ने बैंक कंसोर्टियम से लोन लेकर या चीनी बेचकर भुगतान नहीं किया, तो चीनी स्टॉक को जब्त कर नीलामी कराई जाएगी।
  3. 15% कानूनी साधारण ब्याज: अधिनियम की धारा 17 के तहत 14 दिन की मियाद के बाद के विलंबित भुगतान पर किसानों को 15% ब्याज दिलाने के लिए रिकवरी नोटिस भेजे जा रहे हैं।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

प्रश्न 1: 14 दिन में भुगतान न होने पर किसान कहां शिकायत करें?

उत्तर: किसान अपनी तौल रसीद के साथ जिला गन्ना अधिकारी (DCO) कार्यालय में लिखित शिकायत कर सकते हैं या मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 और गन्ना टोल-फ्री 1800-121-3203 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

प्रश्न 2: क्या बकायेदार मिलों को चालू होने से रोका जा सकता है?

उत्तर: बिल्कुल! गन्ना आयुक्त के पास शक्ति है कि वे अधिनियम के तहत पेराई का अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) रोक सकते हैं।

प्रश्न 3: अपना गन्ना भुगतान स्टेटस कैसे चेक करें?

उत्तर: आप enquiry.caneup.in पर ‘Payment Status’ टैब में जाकर अपनी तौल पर्ची वार भुगतान की लाइव तारीख देख सकते हैं।

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Aamir Raza
लेखक एवं मुख्य संपादक

Aamir Raza

संस्थापक एवं प्रधान संपादक — CaneUp.xyz। उत्तर प्रदेश गन्ना उद्योग, पर्ची कैलेंडर, SAP/MSP मूल्य नीति, ई-गन्ना पोर्टल और किसान अधिकारों पर 10+ वर्षों का जमीनी अनुभव।

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