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गन्ना बीज शोधन के लिए 120 चीनी मिलों में हॉट वाटर ट्रीटमेंट प्लांट अनिवार्य, लाल सड़न के बीजाणु होंगे नष्ट

Randhir Patil Randhir Patil Aug 31, 2026 3 min read
गन्ना बीज शोधन के लिए 120 चीनी मिलों में हॉट वाटर ट्रीटमेंट प्लांट अनिवार्य, लाल सड़न के बीजाणु होंगे नष्ट
अंतिम अपडेट: August 31, 2026 12:00 PM IST — यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

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गन्ना बीज शोधन के लिए 120 चीनी मिलों में हॉट वाटर ट्रीटमेंट प्लांट अनिवार्य, लाल सड़न के बीजाणु होंगे नष्ट

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Randhir Patil - 2026-08-31

लखनऊ/शाहजहांपुर (विशेष संवाददाता)। उत्तर प्रदेश में 15 सितंबर से शुरू होने जा रही शरदकालीन गन्ना बुवाई (Autumn Planting 2026) से पूर्व गन्ने के बीज को फंगस, वायरस और लाल सड़न (रेड रॉट) के सुप्त बीजाणुओं से 100 प्रतिशत मुक्त कराने के लिए शासन ने कड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है।

गन्ना आयुक्त उत्तर प्रदेश ने प्रदेश की समस्त 120 चीनी मिलों और शोध केंद्रों को आदेश जारी किया है कि वे अपने परिसर में स्थापित हॉट वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (Hot Water Treatment - HWT) और मॉइस्ट हॉट एयर ट्रीटमेंट प्लांट (MHAT) को तत्काल चालू करें और किसानों को प्रमाणित शोधित बीज उपलब्ध कराएं।

क्या है हॉट वाटर ट्रीटमेंट और यह क्यों है जरूरी?

यूपी गन्ना शोध परिषद के वैज्ञानिकों के अनुसार, लाल सड़न (Colletotrichum falcatum) और ग्रासी शूट जैसी गंभीर बीमारियों के फंगल बीजाणु गन्ने की आंख (Bud) और ऊतकों के अंदर सुप्त अवस्था में छिपे रहते हैं, जो ऊपर से दवा छिड़कने पर नहीं मरते।

हॉट वाटर तकनीक में गन्ने के टुकड़ों को विशेष चैंबर में 52 डिग्री सेल्सियस तापमान वाले गर्म पानी में 30 मिनट तक रखा जाता है। इसके बाद इसे कार्बेन्डाजिम या ट्राइकोडर्मा के घोल में डुबोकर सुखाया जाता है। इस तापमान पर गन्ने की आंख को कोई नुकसान नहीं पहुंचता, लेकिन अंदर छिपे सभी रोगकारक जीवाणु और फंगल स्पोर्स पूरी तरह नष्ट हो जाते हैं।

शोधन तकनीकतापमान व समयकिन बीमारियों पर प्रभावीअंकुरण दर पर प्रभाव
हॉट वाटर ट्रीटमेंट (HWT)52°C तापमान, 30 मिनटलाल सड़न (Red Rot), कंडुआ (Smut)95% से अधिक स्वस्थ अंकुरण
मॉइस्ट हॉट एयर ट्रीटमेंट (MHAT)54°C वाष्प हवा, 2 से 4 घंटेग्रासी शूट (GSB), रतून स्टंटिंग (RSD)रोगमुक्त प्राथमिक नर्सरी तैयार
रासायनिक फफूंदनाशक डिपिंगसामान्य पानी + कार्बेन्डाजिम (0.2%)सतही फंगल संक्रमणसामान्य अंकुरण

चीनी मिलों में स्थापित प्राथमिक बीज नर्सरी

आदेश के अनुसार, चीनी मिलें अपने फॉर्म पर HWT शोधित गन्ने से ‘प्राथमिक बीज नर्सरी’ (Primary Seed Nursery) तैयार करेंगी। इस नर्सरी से तैयार गन्ने की नई किस्मों (जैसे Co-15023, CoLk-14201, CoS-19231) का बीज किसानों को शरदकालीन बुवाई के लिए रियायती दरों पर बांटा जाएगा।

मुजफ्फरनगर और मेरठ के जिला गन्ना अधिकारियों ने बताया कि जिन किसानों ने पिछले सत्र में लाल सड़न की समस्या झेली थी, उन्हें बिना शोधन किए पुराने गन्ने की बुवाई न करने की सख्त सलाह दी गई है।

नर्सरी प्रमाणन और टैगिंग व्यवस्था

गन्ना विकास विभाग ने सभी 120 चीनी मिलों में उत्पादित होने वाले HWT शोधित बीज के लिए ‘डिजिटल क्यूआर टैगिंग’ व्यवस्था लागू की है।

जब किसान मिल से शोधित बीज की खरीद करेगा, तो उसे एक प्रमाणित टैग दिया जाएगा, जिसमें शोधन का तापमान, समय और किस्म का नाम दर्ज होगा। इस टैग के आधार पर किसान को समिति स्तर पर अगेती पर्चियां आवंटित की जाएंगी।

पश्चिमी यूपी के अमरोहा जिले की चीनी मिलों जैसे चंदनपुर चीनी मिल, असमौली चीनी मिल और बेलवाड़ा चीनी मिल ने अपने मिल गेट पर HWT बीज शोधन केंद्र चालू कर दिए हैं।

किसान भाई अपने सट्टे और पंजीकृत किस्म का विवरण enquiry.caneup.in पोर्टल पर देख सकते हैं। आगामी पेराई सत्र के लिए गन्ना पर्ची कैलेंडर 2026-27 देखें और ई-गन्ना ऐप डाउनलोड करें।

Randhir Patil
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Randhir Patil

गन्ना उद्योग विशेषज्ञ — ChiniMandi पर 425+ लेख। गन्ना खेती, शुगर मिल, MSP रेट, सरकारी योजनाओं पर विश्वसनीय जानकारी।

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