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5 मिनट में बुक हो गए 2 लाख गन्ना बीज: नई किस्म को.शा. 23232 का क्रेज़, मिठास मेले में किट बांटने की तैयारी

Aamir Raza Aamir Raza • Oct 22, 2026 • 6 min read
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5 मिनट में बुक हो गए 2 लाख गन्ना बीज: नई किस्म को.शा. 23232 का क्रेज़, मिठास मेले में किट बांटने की तैयारी
अंतिम अपडेट: October 22, 2026 2:14 PM IST — यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों ने नई किस्मों को लेकर ऐसा उत्साह दिखाया कि बीज ही पलभर में खत्म हो गए। उत्तर प्रदेश गन्ना शोध परिषद (शाहजहांपुर) ने 9 अक्टूबर को सुबह 10 बजे गन्ना विभाग की वेबसाइट enquiry.caneup.in पर गन्ने की नई किस्मों के मिनी सीड किट की ऑनलाइन बुकिंग शुरू की थी — और बुकिंग खुलने के मात्र 5 मिनट के भीतर को.शा. 23232 किस्म के उपलब्ध पूरे 2 लाख बड्स बुक हो गए।

यह मांग का पैमाना इतना बड़ा था कि बड़ी संख्या में किसान बीज ले ही नहीं पाए। पर राहत की खबर यह है कि इन मिनी सीड किट का वितरण अक्टूबर में होने वाले मिठास मेला-2026 के दौरान किया जाएगा, और परिषद अब बीज उत्पादन बढ़ाने की तैयारी में जुटी है ताकि ज्यादा किसानों तक नई किस्म पहुंच सके।

इस बार कुल 3 लाख सिंगल बड उपलब्ध कराए गए थे — को.शा. 23232 के 2 लाख और को.शा. 19231 के 1 लाख। को.शा. 23232 किस्म को सितंबर 2026 में ही प्रदेश में खेती के लिए आधिकारिक रूप से जारी किया गया था। इसे मौजूदा सबसे लोकप्रिय किस्म को.0238 के विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है, क्योंकि यह जल्दी पकने के साथ ज्यादा वजन और ज्यादा चीनी की मात्रा देती है।

5 मिनट में खत्म हुआ स्टॉक: उस दिन क्या-क्या हुआ

गन्ना शोध परिषद ने बुकिंग प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी थी। किसान enquiry.caneup.in के माध्यम से अपने कृषक कोड से बुकिंग कर सकते थे, और मिनी सीड किट के लिए ऑफलाइन बुकिंग स्वीकार ही नहीं की गई। नियम साफ था — एक किसान अपने कृषक कोड से केवल एक बार ही बुकिंग कर सकेगा।

बुकिंग के बाद पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस से चार अंकों का पंजीकरण नंबर भेजा गया। वितरण की तारीख और अन्य जरूरी जानकारी भी अलग से एसएमएस के माध्यम से किसानों को दी जाएगी। परिषद के प्रजनन विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अरविंद कुमार ने बताया कि बुकिंग शुरू होने के पांच मिनट के भीतर ही पूरा स्टॉक बुक हो गया — नई किस्म को लेकर किसानों में काफी दिलचस्पी है, हालांकि सीमित उपलब्धता के कारण बड़ी संख्या में किसान बुकिंग नहीं करा सके।

परिषद के निदेशक अभिषेक आनंद ने जानकारी दी कि इन नई किस्मों से किसानों को बेहतर उत्पादकता, अधिक शर्करा प्रतिशत तथा रोग और कीटों के प्रति बेहतर प्रतिरोध का लाभ मिल सकता है। बीज बुकिंग के नोडल अधिकारी (बीज) डॉ. अजय तिवारी ने बताया कि मिठास मेला-2026 के दौरान किसानों को मिनी सीड किट वितरित किए जाएंगे।

को.शा. 23232 में ऐसा क्या खास है

किसानों का इतना उत्साह बेवजह नहीं है। एक नई गन्ना किस्म विकसित करने में आमतौर पर 10 से 12 साल का समय लगता है — शुरुआती क्रॉसिंग का काम कोयंबटूर में होता है, और इसके बाद कई चरणों के परीक्षण के बाद ही किसी किस्म को खेती के लिए चुना जाता है। परिषद के प्रसार अधिकारी डॉ. संजीव कुमार पाठक के अनुसार, को.शा. 23232 को करीब एक दशक के मूल्यांकन के बाद खेती के लिए पेश किया गया है।

इस किस्म को उत्तर भारत की को.शा. 8119 और दक्षिण भारत की को.775 किस्मों के संकरण से तैयार किया गया है। परिषद के अनुसार, इस किस्म में दूसरी किस्मों की तुलना में प्रति क्विंटल करीब 10 प्रतिशत अधिक वजन मिलने की बात सामने आई है। इसके गन्ने लंबे और मोटे होते हैं और इनमें चीनी की मात्रा भी अधिक बताई गई है। जल्दी पकने की खासियत इसे समय पर कटाई और अच्छी उपज चाहने वाले किसानों के लिए उपयोगी विकल्प बनाती है — यही वजह है कि मौजूदा लोकप्रिय किस्म को.0238 की जगह इसे अपनाने की मांग तेज हुई है।

मिनी सीड किट की बुकिंग प्रक्रिया: अगली बार के लिए तैयार रहें

जिन किसानों की बुकिंग नहीं हो पाई, उनके लिए बुकिंग की पूरी प्रक्रिया समझना काम आएगा, ताकि अगली बार वे तैयार रहें:

  1. बुकिंग केवल ऑनलाइन होती है — गन्ना विभाग की वेबसाइट enquiry.caneup.in के माध्यम से। ऑफलाइन बुकिंग स्वीकार नहीं की जाती।
  2. एक किसान अपने कृषक कोड से केवल एक बार बुकिंग कर सकता है — इसलिए अपना कृषक कोड और पंजीकृत मोबाइल नंबर पहले से संभालकर रखें।
  3. बुकिंग के बाद पंजीकृत मोबाइल नंबर पर चार अंकों का पंजीकरण नंबर एसएमएस से आता है — इसे सहेजकर रखें।
  4. किट वितरण की तारीख एसएमएस से सूचित की जाएगी।
  5. किट लेने के लिए किसान को स्वयं उपस्थित होना होगा। वितरण के समय पंजीकरण नंबर और आधार कार्ड की मूल प्रति प्रस्तुत करनी होगी।
  6. दस्तावेजों के सत्यापन के बाद किसान को टोकन दिया जाएगा, और फिर निर्धारित काउंटर से मिनी सीड किट प्राप्त की जा सकेगी।

जिनकी बुकिंग नहीं हो पाई, उनके लिए क्या उम्मीद है

किसान तक की रिपोर्ट के अनुसार, परिषद ने किसानों की बढ़ती मांग को देखते हुए बीज उत्पादन और प्रसार बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। डॉ. संजीव कुमार पाठक के मुताबिक, इसके लिए सिंगल-बड प्रोपेगेशन — यानी गन्ने की एक आंख से पौधा तैयार करने की तकनीक — और टिश्यू कल्चर का इस्तेमाल किया जा रहा है। इन तरीकों से रोपण सामग्री की उपलब्धता बढ़ाने और अधिक किसानों तक नई किस्म पहुंचाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

इसके अलावा, अक्टूबर के किसान मेले में नई किस्म की मिनी सीड किट वितरित होने की उम्मीद है — जिन किसानों को ऑनलाइन बुकिंग में बीज नहीं मिल पाया, उन्हें मेले में एक और मौका मिल सकता है।

बीज लेते समय इन बातों का ध्यान रखें

  • बुकिंग केवल आधिकारिक पोर्टल enquiry.caneup.in पर होती है — किसी बिचौलिए के भरोसे पैसे न दें।
  • वितरण के दिन चार अंकों का पंजीकरण नंबर और आधार कार्ड की मूल प्रति साथ लेकर स्वयं उपस्थित हों।
  • को.शा. 19231 किस्म के 1 लाख बड्स भी इस बार उपलब्ध कराए गए थे — अगले चरण में और बड्स उपलब्ध हो सकते हैं, इसलिए परिषद की सूचना पर नजर रखें।

आपके सवाल

प्रश्न: मिनी सीड किट की बुकिंग कहां और कैसे होती है? उत्तर: बुकिंग केवल गन्ना विभाग की वेबसाइट enquiry.caneup.in पर ऑनलाइन होती है। ऑफलाइन बुकिंग स्वीकार नहीं की जाती। एक किसान अपने कृषक कोड से सिर्फ एक बार बुकिंग कर सकता है।

प्रश्न: को.शा. 23232 इतनी लोकप्रिय क्यों हो रही है? उत्तर: यह जल्दी पकने वाली किस्म है, जिसमें दूसरी किस्मों की तुलना में प्रति क्विंटल करीब 10 प्रतिशत अधिक वजन और अधिक चीनी की मात्रा बताई गई है। इसे मौजूदा लोकप्रिय किस्म को.0238 के विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है।

प्रश्न: किट लेने के लिए क्या दस्तावेज जरूरी हैं? उत्तर: वितरण के समय चार अंकों का पंजीकरण नंबर (जो बुकिंग के बाद एसएमएस से मिलता है) और आधार कार्ड की मूल प्रति जरूरी है। किसान को स्वयं उपस्थित होना होगा।

प्रश्न: इस बार बुकिंग नहीं हो पाई — अब क्या करें? उत्तर: परिषद सिंगल-बड तकनीक और टिश्यू कल्चर से बीज उत्पादन बढ़ाने की तैयारी में है। अक्टूबर के किसान/मिठास मेले में मिनी सीड किट वितरित होने की उम्मीद है।

प्रश्न: क्या एक ही बुकिंग से दोबारा किट ले सकते हैं? उत्तर: नहीं। नियम के अनुसार एक कृषक कोड से केवल एक बार ही बुकिंग की जा सकती है।

स्रोत: चिनीमंडी (8 अक्टूबर 2026), गांव कनेक्शन (8 अक्टूबर 2026), किसान तक/पीटीआई (12 अक्टूबर 2026)

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Aamir Raza
लेखक एवं मुख्य संपादक

Aamir Raza

संस्थापक एवं प्रधान संपादक — CaneUp.xyz। उत्तर प्रदेश गन्ना उद्योग, पर्ची कैलेंडर, SAP/MSP मूल्य नीति, ई-गन्ना पोर्टल और किसान अधिकारों पर 10+ वर्षों का जमीनी अनुभव।

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