गन्ने की ड्रिप सिंचाई और पॉली-ट्रे नर्सरी पर 90 प्रतिशत सब्सिडी, 60 हजार का सिस्टम मात्र 6 हजार में

गन्ने की ड्रिप सिंचाई और पॉली-ट्रे नर्सरी पर 90 प्रतिशत सब्सिडी, 60 हजार का सिस्टम मात्र 6 हजार में
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Aamir Raza - 2026-08-30
मेरठ/अमरोहा (विशेष संवाददाता)। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गिरते भूजल स्तर को थामने और गन्ने की पैदावार में 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी के लिए कृषि एवं उद्यान विभाग ने ‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप’ योजना के तहत ड्रिप सिंचाई पर 90 प्रतिशत तक का अनुदान देना शुरू किया है। इसके साथ ही सिंगल बड नर्सरी तैयार करने के लिए पॉली-ट्रे पर भी विशेष छूट दी जा रही है।
कृषि उप निदेशक ने बताया कि पारंपरिक नाली सिंचाई की तुलना में ड्रिप सिस्टम से 50 प्रतिशत पानी की बचत होती है। एक एकड़ में ड्रिप सिस्टम लगाने की कुल लागत लगभग 60,000 रुपये आती है, जिसमें से 90 प्रतिशत अनुदान मिलने पर छोटे और सीमांत किसानों को मात्र 6,000 रुपये का अंशदान देना होता है।
ड्रिप सिंचाई के 4 मुख्य लाभ
- पैदावार में 30 प्रतिशत वृद्धि: जड़ों में सीधे पानी और तरल उर्वरक (फर्टिगेशन) पहुंचने से गन्ने का वजन बढ़ता है और पैदावार 400 से बढ़कर 520 क्विंटल प्रति एकड़ तक पहुंचती है।
- खाद की 35 प्रतिशत बचत: घुलनशील यूरिया और पोटाश सीधे ड्रिप लाइनों से दिया जाता है, जिससे खाद व्यर्थ नहीं बहती।
- निराई-गुड़ाई खर्च में कमी: कतारों के बीच पानी न भरने से खरपतवार नहीं उगते, जिससे मजदूरी का खर्च घटता है।
- बिजली व डीजल में बचत: नलकूप चलाने का समय आधा हो जाता है।
| किसान श्रेणी | सरकारी अनुदान | किसान अंशदान | 1 एकड़ पर अनुमानित खर्च |
|---|---|---|---|
| लघु एवं सीमांत (महिला/एससी/एसटी/1-2 हे.) | 90% | 10% | लगभग ₹6,000 |
| अन्य सामान्य कृषक (2 हेक्टेयर से अधिक) | 80% | 20% | लगभग ₹12,000 |
| पॉली-ट्रे नर्सरी यूनिट | 50% | 50% | ₹15,000 प्रति शेड |
ग्राउंड रियलिटी: किसानों को कैसे मिल रहा लाभ?
अमरोहा के हसनपुर क्षेत्र के किसान धर्मवीर सिंह ने बताया, “हमने पिछले साल दो एकड़ में ड्रिप लगवाई थी। पहले जहां 8 घंटे नलकूप चलाना पड़ता था, अब मात्र 2 घंटे में पूरे खेत की सिंचाई हो जाती है। खाद भी हमने सीधे पानी के साथ दी जिससे पौधों की मोटाई बहुत अच्छी रही।”
टोकन बुकिंग और आवेदन प्रक्रिया
इच्छुक किसान कृषि विभाग के आधिकारिक पोर्टल upagriculture.com पर जाकर ‘सूक्ष्म सिंचाई टोकन’ विकल्प चुन सकते हैं। इसके लिए 1,000 रुपये की जमानत राशि ऑनलाइन जमा कर टोकन जनरेट करना होगा। इसके बाद अनुमोदित कंपनियों के प्रतिनिधि खेत का सर्वे कर सिस्टम स्थापित करेंगे।
अमरोहा जिले की चीनी मिलों जैसे चंदनपुर मिल, असमौली मिल और अगवानपुर मिल ने ड्रिप लगाने वाले किसानों को पर्चियों में प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है।
किसान भाई अपनी पर्चियां enquiry.caneup.in पर देखें। विस्तृत जानकारी के लिए गन्ना पर्ची कैलेंडर 2026-27 और ई-गन्ना ऐप देखें।
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