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गन्ना समिति सदस्यता: 10 अक्टूबर 2026 तक आखिरी मौका, देरी हुई तो पर्ची और सरकारी भाव दोनों से वंचित रहेंगे किसान

Aamir Raza Aamir Raza • Oct 2, 2026 • 6 min read
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गन्ना समिति सदस्यता: 10 अक्टूबर 2026 तक आखिरी मौका, देरी हुई तो पर्ची और सरकारी भाव दोनों से वंचित रहेंगे किसान
अंतिम अपडेट: October 2, 2026 4:07 PM IST — यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

पेराई सत्र 2026-27 में चीनी मिलों को गन्ना बेचने की योजना बनाने वाले किसानों के लिए राहत की बड़ी खबर आई है। आयुक्त, गन्ना एवं चीनी (उत्तर प्रदेश) के ताजा आदेश के बाद गन्ना समिति की सदस्यता लेने और उपज बढ़ोतरी के आवेदन की अंतिम तिथि 30 सितंबर से बढ़ाकर 10 अक्टूबर 2026 कर दी गई है। यानी जो किसान अभी तक समिति के सदस्य नहीं बन पाए हैं, उनके पास अब 10 दिन का अतिरिक्त समय है।

दरअसल, पिछले हफ्तों में प्रदेश के कई हिस्सों में हुई भारी बारिश और बाढ़ जैसी स्थितियों की वजह से गन्ने की फसल को नुकसान पहुंचा है और कई खेतों में फसल गिर गई है। ऐसी हालत में किसान संगठन लगातार मांग कर रहे थे कि सदस्यता की अंतिम तिथि आगे बढ़ाई जाए। प्रशासन ने इस मांग को स्वीकार करते हुए किसानों को राहत दी है।

आयुक्त के आदेश में क्या कहा गया

आयुक्त, गन्ना एवं चीनी की ओर से जारी आदेश में साफ कहा गया है कि पेराई सत्र 2026-27 के लिए गन्ना समिति की सदस्यता लेने और उपज बढ़ोतरी के आवेदन की अंतिम तिथि अब 10 अक्टूबर 2026 रहेगी। पहले यह सीमा 30 सितंबर 2026 तय की गई थी, जो अब 10 दिन आगे बढ़ा दी गई है।

आदेश में यह भी स्पष्ट है कि जो किसान 10 अक्टूबर तक समिति के सदस्य बन जाएंगे, वे मौजूदा पेराई सत्र में चीनी मिलों को गन्ने की आपूर्ति कर सकेंगे और पर्ची आवंटन समेत अन्य संस्थागत लाभ पाने के हकदार होंगे। गन्ना विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे अंतिम समय का इंतजार न करें और समय रहते अपनी सदस्यता प्रक्रिया पूरी कर लें।

नए गन्ना किसानों के लिए यह सबसे जरूरी खबर है

यह फैसला खासतौर पर उन किसानों के लिए अहम है, जिन्होंने पहली बार गन्ने की खेती की है या कई साल के अंतराल के बाद दोबारा गन्ना बोया है। नियमानुसार सरकारी भाव पर चीनी मिलों को गन्ना बेचने के लिए किसान का गन्ना समिति का सदस्य होना अनिवार्य है।

आयुक्त की ओर से की गई अपील में कहा गया है कि पहली बार गन्ने की खेती करने वाले किसान समिति की सदस्यता जरूर लें, ताकि वे सरकारी गन्ना मूल्य यानी एफआरपी पर अपनी उपज संबंधित चीनी मिलों को बेच सकें। अगर किसान समिति का सदस्य नहीं होगा, तो उसे पेराई सत्र में मिलों को आपूर्ति का लाभ नहीं मिल पाएगा।

अधिक उपज वालों को भी मिला मौका: उपज बढ़ोतरी आवेदन

आदेश का दूसरा अहम पहलू उपज बढ़ोतरी से जुड़ा है। जिन किसानों के खेत की गन्ना उपज अपने जिले की औसत उपज से अधिक है, वे भी 10 अक्टूबर 2026 तक उपज बढ़ोतरी के लिए आवेदन जमा कर सकते हैं। तय तारीख तक आवेदन करने वाले किसानों को ही उपज बढ़ोतरी की सुविधा का लाभ मिलेगा।

सरल भाषा में समझें तो उपज बढ़ोतरी का मतलब है कि अगर आपके खेत में जिले के औसत से ज्यादा गन्ना हुआ है, तो आप अतिरिक्त उपज की आपूर्ति के लिए पंजीकरण करा सकते हैं। विभाग ने साफ किया है कि निर्धारित तारीख के बाद आवेदन करने वालों को यह लाभ नहीं दिया जाएगा। इसलिए ज्यादा उपज वाले किसान भी इस अवधि का पूरा फायदा उठाएं।

बारिश-बाढ़ बना राहत का कारण

विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, इस बार अंतिम तिथि बढ़ाने के पीछे प्रदेश में हुई अतिवृष्टि मुख्य वजह है। हाल के दिनों में कई जिलों में हुई भारी बारिश के कारण खेतों में पानी भर गया और जगह-जगह गन्ने की फसल गिर गई। इससे किसानों को खेतों तक पहुंचने और कागजी प्रक्रिया पूरी करने में दिक्कत हो रही थी।

बलरामपुर के जिला गन्ना अधिकारी संजय कुमार के मुताबिक, भारी बारिश से किसानों को आ रही व्यावहारिक समस्याओं को देखते हुए किसान प्रतिनिधि लगातार अंतिम तिथि बढ़ाने की मांग कर रहे थे। किसानों की सुविधा और पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए आयुक्त, गन्ना एवं चीनी ने तिथि विस्तार का आदेश जारी किया है।

समिति सदस्यता और आवेदन के लिए क्या करना होगा

अभी तक जो किसान समिति के सदस्य नहीं बने हैं, वे अपने क्षेत्र की संबंधित गन्ना विकास समिति में जाकर सदस्यता के लिए आवेदन कर सकते हैं। पिछले हफ्तों में प्रदेश की सभी गन्ना समितियों में सट्टा प्रदर्शन मेले भी लगाए गए थे, जिनमें किसान अपने गन्ना रकबे, सट्टा और आपूर्ति से जुड़े अभिलेखों का मिलान कर सकते थे और त्रुटियों में मौके पर सुधार करा सकते थे।

आवेदन के समय किसानों को अपने गन्ना रकबे, सट्टा, बैंक खाता और मोबाइल नंबर जैसे अभिलेख दुरुस्त रखने होंगे, ताकि आपूर्ति के समय भुगतान में कोई अड़चन न आए। विभाग का कहना है कि अभिलेखों में त्रुटि होने पर समय रहते सुधार करा लेना ही फायदेमंद रहता है।

10 अक्टूबर चूके तो क्या होगा

विभाग ने दो टूक कहा है कि अंतिम तिथि के बाद समिति सदस्यता और उपज बढ़ोतरी दोनों के आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। इसका सीधा मतलब यह है कि तय तारीख तक सदस्य न बनने वाले नए किसान इस पेराई सत्र में चीनी मिलों को आपूर्ति नहीं कर पाएंगे, और अधिक उपज वाले किसान उपज बढ़ोतरी के लाभ से वंचित रह जाएंगे।

इसलिए विभाग की अपील है कि पात्र किसान 10 अक्टूबर का इंतजार न करें और जल्द से जल्द अपनी प्रक्रिया पूरी करें। किसानों से यह भी कहा गया है कि वे यह जानकारी अपने साथी किसानों तक भी पहुंचाएं, ताकि कोई भी पात्र किसान समय सीमा बीतने के कारण सुविधा से वंचित न रहे।

किसी भी तरह की समस्या या जानकारी के लिए गन्ना विभाग का 24x7 टोल-फ्री किसान कॉल सेंटर 1800-121-3203 संचालित है। किसान अपनी समस्या के समाधान के लिए इस नंबर पर किसी भी समय संपर्क कर सकते हैं।

पूछे जाने वाले प्रश्न

गन्ना समिति की सदस्यता की अंतिम तिथि अब क्या है?

पेराई सत्र 2026-27 के लिए गन्ना समिति की सदस्यता लेने और उपज बढ़ोतरी के आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाकर 10 अक्टूबर 2026 कर दी गई है। पहले यह तिथि 30 सितंबर 2026 थी।

क्या बिना समिति सदस्यता के चीनी मिल को गन्ना बेचा जा सकता है?

नहीं। सरकारी भाव पर चीनी मिलों को गन्ना बेचने के लिए गन्ना समिति का सदस्य होना जरूरी है। खासतौर पर पहली बार गन्ना बोने वाले किसानों के लिए सदस्यता अनिवार्य है।

उपज बढ़ोतरी का आवेदन कौन कर सकता है?

जिन किसानों के खेत की गन्ना उपज उनके जिले की औसत उपज से अधिक है, वे 10 अक्टूबर 2026 तक उपज बढ़ोतरी के लिए आवेदन जमा कर सकते हैं। तय तारीख के बाद आवेदन करने वालों को यह लाभ नहीं मिलेगा।

सदस्यता की अंतिम तिथि क्यों बढ़ाई गई?

हाल में हुई अतिवृष्टि, बारिश और बाढ़ जैसी स्थितियों से गन्ने की फसल को नुकसान हुआ है और खेतों में फसल गिर गई है। किसान प्रतिनिधियों की मांग पर आयुक्त, गन्ना एवं चीनी ने 10 दिन का अतिरिक्त समय देने का आदेश जारी किया है।

गन्ना विभाग की हेल्पलाइन क्या है?

किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए गन्ना विकास विभाग का टोल-फ्री किसान कॉल सेंटर 1800-121-3203 24x7 संचालित है।

स्रोत: किसान इंडिया (Kisan India) और पब्लिक ऐप (Public App), बलरामपुर रिपोर्ट — आयुक्त, गन्ना एवं चीनी के आदेश के आधार पर।

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Aamir Raza
लेखक एवं मुख्य संपादक

Aamir Raza

संस्थापक एवं प्रधान संपादक — CaneUp.xyz। उत्तर प्रदेश गन्ना उद्योग, पर्ची कैलेंडर, SAP/MSP मूल्य नीति, ई-गन्ना पोर्टल और किसान अधिकारों पर 10+ वर्षों का जमीनी अनुभव।

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