सट्टा सर्वे आपत्ति दर्ज कराने के अंतिम 24 घंटे शेष: 25 सितंबर शाम 5 बजे बंद होगा पोर्टल — रकबा व बैंक खाता सुधार का अंतिम मौका

लखनऊ / मुरादाबाद / बरेली (CaneUp विशेष ब्यूरो — 24 सितंबर 2026): उत्तर प्रदेश के 48 लाख गन्ना किसानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण सूचना है। पेराई सत्र 2026-27 के लिए चल रहे सट्टा प्री-कैलेंडर प्रदर्शन और आपत्ति निस्तारण अभियान में अब केवल 24 घंटे का समय शेष बचा है। शुक्रवार, 25 सितंबर 2026 की शाम 5:00 बजे गन्ना विभाग का आधिकारिक पोर्टल enquiry.caneup.in ऑनलाइन आपत्तियों के लिए पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा।
गन्ना आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि पोर्टल लॉक होने के बाद किसी भी स्तर पर रकबे में बदलाव, पौधे/पेड़ी का वर्गीकरण या बेसिक कोटे का समायोजन संभव नहीं होगा। इसी अंतिम डाटा के आधार पर आगामी सप्ताह में 12 पखवाड़ा और 15 कॉलम वाला मुख्य पर्ची कैलेंडर तैयार किया जाएगा।
🔴 लाइव अपडेट — 29 सितंबर 2026
जिला स्तर पर सट्टा प्रदर्शन मेले 28-29 सितंबर तक चलते रहे, किसानों को मौके पर सुधार का मौका मिला। बहेड़ी सहकारी गन्ना विकास समिति परिसर में 22 से 28 सितंबर तक सात दिवसीय गन्ना सर्वे सट्टा प्रदर्शन मेला लगाया गया, जहां 333 राजस्व ग्रामों के किसानों ने प्री-कैलेंडर में रकबा, आधार, बैंक खाता और मोबाइल नंबर की त्रुटियों का मौके पर संशोधन कराया। वहीं बलरामपुर जिले की तीनों समितियों में 21 से 29 सितंबर तक सट्टा प्रदर्शन मेले आयोजित हुए, जहां लिखित में आपत्तियां दर्ज कराने का अंतिम अवसर दिया गया।
30 सितंबर 2026 तक नई सदस्यता और उपज बढ़ोतरी की अंतिम तारीख, इसके बाद साइट बंद। गन्ना विभाग के अनुसार नई समिति सदस्यता लेने और उपज बढ़ोतरी की रसीद कटवाने की अंतिम तिथि 30 सितंबर है। मुरादाबाद के उप गन्ना आयुक्त हरपाल सिंह ने बताया कि निर्धारित अवधि में सदस्य बनने वाले किसानों को पेराई सत्र 2026-27 में चीनी मिलों को गन्ना आपूर्ति की सुविधा अनुमन्य होगी, जबकि 30 सितंबर के बाद संबंधित साइट बंद कर दी जाएगी।
🚨 अंतिम 24 घंटे में किसान इन 5 त्रुटियों को तुरंत सुधारें
- रकबा भिन्नता (Area Mismatch): यदि जीपीएस सर्वे में आपका वास्तविक गन्ना रकबा कम दर्ज हो गया है, तो खतौनी और घोषणा पत्र की प्रति संलग्न कर तुरंत आपत्ति (Form-3) दाखिल करें।
- पौधा व पेड़ी वर्गीकरण (Plant vs Ratoon): अगेती पर्चियां पेड़ी गन्ने पर पहले जारी होती हैं। यदि पेड़ी को भूलवश पौधा दर्ज कर दिया गया है, तो इसे आज ही ठीक कराएं।
- आधार व बैंक खाता एनपीसीआई (Aadhaar NPCI Linking): गन्ना भुगतान सीधे आधार आधारित डीबीटी (DBT) से होगा। सुनिश्चित करें कि बैंक खाता सक्रिय और एनपीसीआई से मैप है।
- मोबाइल नंबर संशोधन: पर्ची एसएमएस और डिजिटल सप्लाई टिकट प्राप्त करने के लिए अपना सही 10 अंकों का सक्रिय मोबाइल नंबर अपडेट कराएं।
- संयुक्त खातेदार व वारिसान: यदि मूल सट्टा धारक का निधन हो गया है, तो वारिस प्रमाण पत्र जमा कर आज ही सट्टा अपने नाम ट्रांसफर कराने का आवेदन दें।
📋 आपत्ति दर्ज कराने के दो त्वरित माध्यम
| माध्यम (Mode) | प्रक्रिया (Procedure) | आवश्यक दस्तावेज | समय-सीमा |
|---|---|---|---|
| ऑनलाइन (Online Portal) | enquiry.caneup.in > ‘Grievance’ > ‘सट्टा आपत्ति’ | घोषणा पत्र रसीद, आधार नंबर | 25 सितंबर 2026 (शाम 5:00 बजे) |
| ऑफलाइन (Society Helpdesk) | नजदीकी गन्ना समिति पर फॉर्म-3 भरकर पावती लें | खतौनी, आधार कार्ड, बैंक पासबुक | 25 सितंबर 2026 (शाम 5:00 बजे) |
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
प्रश्न 1: क्या 25 सितंबर के बाद तारीख बढ़ने की कोई संभावना है?
उत्तर: नहीं। गन्ना आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि 15 अक्टूबर से पहले पर्ची कैलेंडर तैयार करना अनिवार्य है, इसलिए तिथि में कोई विस्तार नहीं होगा।
प्रश्न 2: ऑनलाइन आपत्ति की रसीद कैसे प्राप्त करें?
उत्तर: पोर्टल पर फॉर्म सबमिट करते ही 10 अंकों का ‘शिकायत संदर्भ क्रमांक’ (Grievance ID) जनरेट होगा, जिसे भविष्य के संदर्भ के लिए सुरक्षित रख लें।
प्रश्न 3: यदि समिति सचिव आपत्ति लेने से मना करे तो कहां शिकायत करें?
उत्तर: किसान भाई सीधे गन्ना विभाग के राज्य स्तरीय टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800-121-3203 पर कॉल करके शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
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