सट्टा प्रदर्शन शिविरों में भारी भीड़ — पश्चिमी यूपी व तराई के 4.8 लाख किसानों ने दूर कराई रकबा व प्रजाति विसंगतियां

मेरठ / बरेली (CaneUp ग्राउंड रियलिटी): उत्तर प्रदेश के गन्ना विकास विभाग द्वारा प्रदेश की सभी 168 गन्ना विकास परिषदों और 2,800 से अधिक ग्राम पंचायतों में आयोजित किए जा रहे सट्टा प्रदर्शन एवं आपत्ति निस्तारण पखवाड़े (Satta Display Campaign 2026) में किसानों की अभूतपूर्व भीड़ उमड़ रही है। पिछले 5 दिनों के भीतर पश्चिमी उत्तर प्रदेश और तराई बेल्ट के 4 लाख 82 हजार से अधिक किसानों ने अपने सट्टे में दर्ज त्रुटियों, कम रकबे, गलत प्रजाति और बैंक खाता विसंगतियों का ऑन-द-स्पॉट निस्तारण करा लिया है।
गन्ना आयुक्त कार्यालय ने सख्त चेतावनी जारी करते हुए किसानों से अपील की है कि 15 सितंबर 2026 की मध्यरात्रि को विभागीय सर्वर को फ्रीज कर दिया जाएगा। इसके बाद पेराई सत्र के दौरान किसी भी परिस्थिति में सट्टे में नाम, बैंक खाता या बेसिक कोटे में कोई बदलाव नहीं किया जा सकेगा।
📋 सट्टा शिविरों में सामने आ रही टॉप 5 आपत्तियां व उनका समाधान
विभागीय आंकड़ों के अनुसार, शिविरों में दर्ज कराई गई 4.8 लाख शिकायतों का श्रेणीवार विश्लेषण इस प्रकार है:
| आपत्ति की श्रेणी | प्राप्त शिकायतें | निस्तारित प्रतिशत | आवश्यक दस्तावेज |
|---|---|---|---|
| जीपीएस रकबा कम दर्ज होना | 1,84,000 | 92% | किसान घोषणा पत्र + खेत की भौतिक सत्यापन पर्ची |
| पेड़ी की जगह पौधा दर्ज होना | 1,22,000 | 96% | सुपरवाइजर की मौके की संयुक्त जांच रिपोर्ट |
| बैंक खाता व NPCI मिसमैच | 94,000 | 99% | बैंक पासबुक + आधार कार्ड (डीबीटी एक्टिवेशन) |
| अगेती किस्म (Co-0118) को सामान्य दिखाना | 56,000 | 94% | बीज खरीद रसीद या सुपरवाइजर प्रजाति प्रमाणन |
| वरासत / पिता की मृत्यु के बाद नाम ट्रांसफर | 26,000 | 88% | मृत्यु प्रमाण पत्र + कानूनी वारिसान शपथ पत्र |
⚠️ ‘अमान्य सट्टा’ होने से कैसे बचाएं अपनी पर्चियां?
सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और शामली के जिला गन्ना अधिकारियों ने शिविरों का निरीक्षण करते हुए किसानों को सावधान किया कि यदि आपके सट्टे में निम्नलिखित 3 में से कोई भी कमी रह गई, तो कंप्यूटर कैलेंडर आपकी पर्चियां जनरेट नहीं करेगा:
- मोबाइल नंबर का आधार से लिंक न होना: ई-गन्ना ऐप पर पासवर्ड बनाने और पर्ची का डिजिटल एसएमएस पाने के लिए सट्टे में दर्ज 10-अंकीय मोबाइल नंबर चालू होना अनिवार्य है।
- राजस्व खतौनी में नाम का मिसमैच: यदि सट्टे में ‘राम सिंह’ और खतौनी में ‘रामपाल सिंह’ दर्ज है, तो तुरंत सचिव के नाम प्रार्थना पत्र देकर राजस्व रिकॉर्ड के अनुरूप शुद्ध कराएं।
- गन्ना घोषणा पत्र (Declaration Form) न भरना: यदि किसी किसान ने 30 सितंबर तक ऑनलाइन घोषणा पत्र सबमिट नहीं किया, तो उसका सट्टा ‘डिफॉल्टर’ सूची में डाल दिया जाएगा।
📲 घर बैठे ई-गन्ना ऐप और CaneUp पोर्टल पर जांचें अपना विवरण
किसानों को लंबी कतारों में लगने से बचाने के लिए विभाग ने eGanna App v6.2 और CaneUp.in पोर्टल पर ऑनलाइन आपत्ति सुविधा भी सक्रिय कर दी है:
- किसान अपने 14 अंकों के यूजीसी कोड (UGC Code) या जिला-समिति-गांव-किसान कोड डालकर अपना 12 पखवाड़े का सट्टा कैलेंडर देख सकते हैं।
- यदि कोई विसंगति नजर आती है, तो ‘शिकायत दर्ज करें’ टैब पर सीधे प्रार्थना पत्र अपलोड कर सकते हैं।
15 सितंबर के बाद पूरे प्रदेश का फाइनल सट्टा डेटाबेस लॉक हो जाएगा और इसी के आधार पर आगामी 5 अक्टूबर से चीनी मिलों के लिए कंप्यूटर पर्ची इंडेंट जारी किए जाएंगे।
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