आज से हरदोई में गन्ना पेराई शुरू: हरियावां मिल का पहिया घूमा, 215 क्रय केंद्रों पर किसानों की उपज की खरीद शुरू

हरदोई जिले के गन्ना किसानों का इंतजार खत्म हो गया है। जिले में 3 नवंबर से नए गन्ना पेराई सत्र की शुरुआत हो गई है। सबसे पहले हरियावां चीनी मिल का पहिया घूमा है, और 215 गन्ना क्रय केंद्रों पर खरीद का सिलसिला तेज हो गया है। धान की कटाई के बाद अब किसानों को अपनी फसल बेचने का रास्ता साफ मिल गया है।
गन्ना विभाग ने चारों मिलों के लिए कुल 1,09,032 हेक्टेयर गन्ना क्षेत्रफल आवंटित किया है। जिला गन्ना अधिकारी निधि गुप्ता ने बताया कि विभागीय तैयारियां पूरी हैं और पेराई की तिथियां मिलों ने अपनी तैयारी के हिसाब से तय की हैं।
पिसावां क्षेत्र में तौल पहले ही शुरू, पहला ट्रक रवाना
हरियावां मिल ने पेराई से एक दिन पहले ही पिसावां क्षेत्र के सभी क्रय केंद्रों पर तौल शुरू कर दी थी। मिल के क्षेत्रीय सहायक महाप्रबंधक चंद्रवीर सिंह ने बताया कि मंगलवार से पेराई शुरू होगी। जल्लापुर डी केंद्र से तौल के बाद गन्ने से लदा पहला ट्रक मिल के लिए रवाना कर दिया गया।
जल्लापुर डी केंद्र पर तौल लिपिक सुनील मिश्रा ने कांटे का पूजन कर तौल शुरू की। इस मौके पर गन्ना समिति के संचालक, गन्ना अधिकारी और मिल के अधिकारी मौजूद रहे।
चारों मिलों का पूरा शेड्यूल: कौन सी मिल कब चलेगी
हरदोई में चार मिलें पेराई करेंगी: पहले हरियावां, फिर बघौली, और सबसे आखिर में लोनी व रूपापुर। किसान अपनी मिल की तारीख के हिसाब से कटाई और ढुलाई की योजना बनाएं।
हरियावां चीनी मिल 3 नवंबर से पेराई शुरू कर रही है और प्रतिदिन 13,000 मीट्रिक टन गन्ना पेराई करेगी, जो जिले की चारों मिलों में सबसे बड़ी दैनिक क्षमता है। बघौली चीनी मिल 5 नवंबर से चलेगी और प्रतिदिन 3,500 मीट्रिक टन गन्ना पेराई करेगी। लोनी और रूपापुर चीनी मिलों में पेराई सत्र 17 नवंबर से शुरू होगा। लोनी मिल प्रतिदिन 8,000 मीट्रिक टन और रूपापुर मिल प्रतिदिन 6,500 मीट्रिक टन गन्ना पेराई करेंगी।
लोनी या रूपापुर क्षेत्र के किसानों को 17 नवंबर तक अपनी कटाई की योजना आगे खिसकानी पड़ सकती है, जबकि हरियावां और बघौली क्षेत्र के किसान तुरंत आपूर्ति शुरू कर सकते हैं।
किस मिल को कितना क्षेत्रफल और कितने क्रय केंद्र मिले
गन्ना विभाग ने हर मिल के लिए क्षेत्रफल और क्रय केंद्र अलग-अलग तय किए हैं। डीसीएम श्रीराम की रूपापुर यूनिट को 22,311 हेक्टेयर गन्ना और 43 क्रय केंद्र मिले हैं, और इसी ग्रुप की लोनी यूनिट को 25,071 हेक्टेयर व 44 क्रय केंद्र।
हरियावां शुगर यूनिट को सबसे बड़ा हिस्सा मिला है। उसे 54,740 हेक्टेयर क्षेत्रफल का गन्ना और 99 क्रय केंद्रों के संचालन की अनुमति दी गई है, यानी जिले के कुल क्रय केंद्रों में से लगभग आधे अकेले हरियावां मिल से जुड़े हैं। डालमिया भारत शुगर एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड की यूनिट बीकापुर बघौज, यानी बघौली मिल को 6,910 हेक्टेयर क्षेत्रफल और 29 क्रय केंद्र मिले हैं।
ज्यादा क्षमता वाली मिल रोजाना ज्यादा गन्ना ले सकेगी, जिससे केंद्रों पर इंतजार कम होने की उम्मीद है। फिर भी, किसान अपनी पर्ची और इंडेंट की तारीख के हिसाब से ही गन्ना लेकर जाएं।
बारिश से देरी के बाद शुरू हुआ सत्र
इस साल पेराई सत्र की शुरुआत में अक्टूबर की बेमौसम बारिश ने बड़ी अड़चन डाली थी। खेतों में पानी भरने से गन्ने की कटाई कम से कम एक सप्ताह पिछड़ गई थी, जिसका असर मिलों की तैयारी और पेराई की तारीखों पर पड़ा। यही वजह है कि उत्तर प्रदेश में अक्टूबर के अंत तक सिर्फ 3 मिलें ही पेराई शुरू कर पाई थीं, जबकि पिछले साल इसी अवधि तक 10 मिलें चल चुकी थीं। अब नवंबर के पहले सप्ताह से मिलें एक-एक करके शुरू हो रही हैं। किसान अपने क्रय केंद्र की सूचना पर नजर रखें, क्योंकि किसी मिल की तारीख में मामूली बदलाव संभव है।
2026-27 का गन्ना मूल्य अभी घोषित नहीं, किसान ₹500 की मांग पर अड़े
पेराई शुरू होने के बावजूद एक बड़ा सवाल अभी अनुत्तरित है: 2026-27 सत्र के लिए गन्ने का राज्य परामर्श मूल्य, यानी एसएपी, अभी तक घोषित नहीं हुआ है। किसान लंबे समय से मांग कर रहे हैं कि पेराई शुरू होने से पहले ही गन्ने का भाव घोषित कर दिया जाए, ताकि वे अपनी आर्थिक योजना बना सकें। किसान संगठनों ने ₹500 प्रति क्विंटल एसएपी की मांग उठाई है, और इस मांग को लेकर 3 नवंबर को प्रदेश के कई हिस्सों में प्रदर्शन की भी घोषणा की गई थी।
साफ रहे कि पिछले सत्र 2025-26 की दर इस सत्र की दर नहीं है। 2025-26 में अगेती किस्म का मूल्य ₹400 प्रति क्विंटल और सामान्य किस्म का ₹390 प्रति क्विंटल था। 2026-27 की नई दर की घोषणा अभी बाकी है, इसलिए किसी अनौपचारिक दावे को अंतिम दर न मानें। केंद्र का एफआरपी ₹365 प्रति क्विंटल है, पर यूपी में असली भाव एसएपी ऐलान के बाद ही साफ होगा।
किसानों की मांग के पीछे बढ़ती उत्पादन लागत का तर्क है, जबकि मिलों का पक्ष है कि बाजार भाव और रिकवरी को देखते हुए बड़ी बढ़ोतरी का बोझ उठाना मुश्किल होगा।
गन्ना आपूर्ति के समय किसान इन बातों का ध्यान रखें
शुरुआती दिनों में कुछ सावधानियां काम आएंगी। सबसे पहले, अपने क्रय केंद्र की पर्ची और इंडेंट की तारीख जांच लें, क्योंकि बिना पर्ची या गलत तारीख पर केंद्र से लौटना पड़ सकता है। गन्ना साफ-सुथरा और पत्ती रहित करके ले जाएं।
दूसरा, तौल पर्ची संभालकर रखें और उस पर दर्ज वजन, तारीख और केंद्र का नाम जांच लें। गड़बड़ी लगे तो उसी समय केंद्र प्रभारी से बात करें। समस्या होने पर गन्ना विभाग के टोल-फ्री नंबर 1800-121-3203 या 1800-180-5129 पर संपर्क करें।
हरदोई के किसानों के लिए आगे क्या देखें
आने वाले दिनों में तीन बातों पर नजर रखें: 5 नवंबर को बघौली और 17 नवंबर को लोनी व रूपापुर मिलों की शुरुआत, 2026-27 के एसएपी की घोषणा, और क्रय केंद्रों पर तौल की रफ्तार। हरियावां की शुरुआत से 99 केंद्रों पर खरीद खुलने से हजारों किसानों को राहत मिली है।
आपके सवाल
हरदोई जिले में गन्ना पेराई कब से शुरू हुई है? 3 नवंबर से। सबसे पहले हरियावां चीनी मिल का पहिया घूमा है, और पिसावां क्षेत्र के क्रय केंद्रों पर तौल एक दिन पहले से शुरू हो गई थी।
बघौली, लोनी और रूपापुर मिलें कब से चलेंगी? बघौली चीनी मिल 5 नवंबर से पेराई शुरू करेगी। लोनी और रूपापुर चीनी मिलों में पेराई सत्र 17 नवंबर से शुरू होगा।
हरदोई जिले में कुल कितने गन्ना क्रय केंद्र हैं? जिले की चारों चीनी मिलों के लिए कुल 215 गन्ना क्रय केंद्रों के संचालन की अनुमति दी गई है। इनमें हरियावां के 99, लोनी के 44, रूपापुर के 43 और बघौली के 29 केंद्र शामिल हैं।
2026-27 सत्र के लिए गन्ने का मूल्य घोषित हो गया है? नहीं, एसएपी की घोषणा अभी बाकी है। पिछले सत्र 2025-26 में अगेती का मूल्य ₹400 और सामान्य का ₹390 प्रति क्विंटल था। किसान संगठनों ने ₹500 प्रति क्विंटल की मांग उठाई है।
गन्ना देते समय किसान को सबसे जरूरी क्या जांचना चाहिए? क्रय केंद्र की पर्ची और इंडेंट की तारीख जांचें, तौल पर्ची पर वजन व तारीख का मिलान करें। समस्या पर टोल-फ्री नंबर 1800-121-3203 पर संपर्क करें।
स्रोत: अमर उजाला (हरदोई, 29 अक्टूबर 2026; सीतापुर, 2 नवंबर 2026), द इनसाइडर पॉइंट (29 अक्टूबर 2026), रूरल वॉयस (बारिश से कटाई में देरी पर रिपोर्ट)।
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