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हरदोई की 4 चीनी मिलों ने किया शत-प्रतिशत गन्ना भुगतान: 28 अक्टूबर से पेराई, डिजिटल कांटों की जांच अनिवार्य — गन्ना या धान, क्या बेहतर?

Aamir Raza Aamir Raza • Oct 10, 2026 • 6 min read
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हरदोई की 4 चीनी मिलों ने किया शत-प्रतिशत गन्ना भुगतान: 28 अक्टूबर से पेराई, डिजिटल कांटों की जांच अनिवार्य — गन्ना या धान, क्या बेहतर?
अंतिम अपडेट: October 10, 2026 8:10 AM IST — यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

किसान के दिमाग में अक्टूबर आते ही एक सवाल घूमने लगता है — खेत में खड़ी फसल के साथ इस बार सही फैसला क्या हो? हरदोई के किसानों के सामने यह सवाल इस साल कुछ ज्यादा ही तेज है: मिलों ने पिछले सत्र का पूरा भुगतान कर दिया है और नया पेराई सत्र शुरू होने वाला है, वहीं धान की खरीद चालू है और इस बार धान का समर्थन मूल्य भी बढ़ गया है। ईटीवी भारत की 7 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक हरदोई जिले की चारों निजी चीनी मिलों ने पिछले सत्र का शत-प्रतिशत गन्ना भुगतान पूरा कर दिया है, और 28 अक्टूबर से 5 नवंबर के बीच नया पेराई सत्र शुरू करने की तैयारी चल रही है।

जिले की हर एक मिल का हिसाब अलग-अलग सामने आया है। हरियावां चीनी मिल (डीसीएम श्रीराम समूह) ने बावन और हरियावां क्षेत्र के 180 आरक्षित गांवों का, लोनी चीनी मिल (डीसीएम श्रीराम समूह) ने शाहबाद और टोडरपुर के 160 आरक्षित गांवों का, रूपापुर चीनी मिल (उत्तम चीनी मिल समूह) ने पाली, सवायजपुर और भरखनी के 195 आरक्षित गांवों का, तथा बावन चीनी मिल ने सदर क्षेत्र के 120 आरक्षित गांवों के किसानों का शत-प्रतिशत भुगतान निपटा दिया है। जिला गन्ना अधिकारी निधि गुप्ता ने पुष्टि की है कि जिले में फिलहाल गन्ने का कोई बकाया शेष नहीं है और नए पेराई सत्र में भी 14 दिनों के भीतर भुगतान के कड़े निर्देश जारी किए गए हैं।

यह खबर सिर्फ हरदोई तक सीमित नहीं है। गन्ना विकास विभाग के 17 सितंबर 2026 के बयान (फ्री प्रेस जर्नल / द स्टेट्समैन) के अनुसार पेराई सत्र 2025-26 में प्रदेश भर में 102 चीनी मिलों ने शत-प्रतिशत भुगतान किया था और 94.86 प्रतिशत बकाया साफ हो चुका था।

28 अक्टूबर से 5 नवंबर: पेराई सत्र की तारीखें तय

हरदोई की चीनी मिलें 28 अक्टूबर से 5 नवंबर 2026 के बीच पेराई सत्र शुरू करने की तैयारी में हैं, और CaneUP पोर्टल के जरिए सट्टा-सर्वे का काम पूरा हो चुका है। टाइम्स ऑफ इंडिया की 28 सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार पश्चिमी यूपी की मिलें करीब 20 अक्टूबर से ही पेराई शुरू करने की ओर बढ़ रही हैं — राज्य की 122 चीनी मिलों में से 71 से अधिक पश्चिमी यूपी में हैं, और पूर्वी क्षेत्र की मिलें आमतौर पर नवंबर के पहले हफ्ते में चलती हैं।

घटतौली रोकने के लिए पेराई सत्र शुरू होने से पहले सभी बाह्य क्रय केंद्रों के डिजिटल कांटों की जांच अनिवार्य कर दी गई है — क्रय केंद्र पर तौल में कटौती का आरोप हर सत्र में उठता है, और इस बार पहले से ही जांच का निर्देश दिया गया है ताकि तौल पारदर्शी रहे।

धान खरीद 1 अक्टूबर से शुरू, एमएसपी बढ़कर 2,441 रुपये

खाद्य एवं रसद विभाग ने 1 अक्टूबर 2026 से हरदोई में लगभग 110 से 125 धान क्रय केंद्र खोल दिए हैं। खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए केंद्र सरकार ने सामान्य धान का एमएसपी 72 रुपये बढ़ाकर 2,441 रुपये और ग्रेड-ए धान का 2,461 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है (दैनिक जागरण / प्रभात खबर, 5-6 अक्टूबर 2026)। प्रदेश में करीब 500 धान क्रय केंद्र खोलने का प्रस्ताव है। ई-पॉप मशीनों से बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद 48 से 72 घंटे में डीबीटी से भुगतान की व्यवस्था है।

यहीं से किसान की असली दुविधा शुरू होती है। गन्ने का दाम तय और भुगतान भरोसेमंद है, लेकिन पैसा मिलने में समय लगता है। धान का दाम बढ़ा है और 48-72 घंटे में पैसा खाते में आता है। ग्राम कुमरपुर के किसान हरीचंद के मुताबिक गन्ना खेत में सुरक्षित खड़ा रहता है और अब भुगतान भी समय पर मिल रहा है, वहीं ग्राम कुरबी के किसान राम्मू चार महीने में कटने वाली धान को प्राथमिकता देते हैं ताकि पैसा तुरंत आए और खेत गेहूं के लिए खाली हो जाए।

रकबे की खींचतान: धान 1.98 लाख, गन्ना 1.37 लाख हेक्टेयर

2026-27 में हरदोई में धान का कुल रकबा लगभग 1.98 लाख हेक्टेयर और गन्ने का लगभग 1.37 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया है। बावन, हरियावां और पिहानी ब्लॉकों में मिलों की नजदीकी के कारण गन्ने का रकबा मजबूत बना हुआ है, वहीं टोडरपुर, शाहबाद और संडीला में Co 0238 प्रजाति में लगे रेड रॉट (लाल सड़न) रोग और फसल के लंबे चक्र के कारण किसान धान की ओर मुड़े हैं। जिले में करीब 60 प्रतिशत किसान दोनों फसलें साथ उगाते हैं, 25 प्रतिशत सिर्फ धान-गेहूं चक्र अपनाते हैं और 15 प्रतिशत पूर्णतः गन्ने पर टिके हैं। किसान जितेन्द्र सिंह चौहान के अनुसार गन्ने की बुआई और देखभाल में प्रति बीघा 10,000 से 15,000 रुपये की लागत आती है, इसलिए किसान नेता रेखा दीक्षित ने सरकार से गन्ने का समर्थन मूल्य बढ़ाने की मांग की है।

पिछले सत्र (2025-26) के लिए राज्य परामर्शित मूल्य (एसएपी) अगेती प्रजाति के लिए 400 रुपये और सामान्य प्रजाति के लिए 390 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया था (दैनिक जागरण / ट्रैक्टर जंक्शन)। पेराई सत्र 2026-27 के लिए एसएपी की घोषणा अभी बाकी है।

अक्टूबर-नवंबर में मजदूरों की किल्लत

गन्ना-धान की खींचतान का एक अनदेखा पहलू है — श्रम। अक्टूबर-नवंबर में धान की कटाई और गन्ने की छिलाई एक साथ शुरू होने से मजदूरों की किल्लत हो जाती है, जिससे मजदूरी 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़ जाती है (जिला खाद्य विपणन अधिकारी निहारिका, ईटीवी भारत)। दोनों फसलें लगाने वाले किसान छिलाई-कटाई का शेड्यूल पहले से तय करके रखें।

भुगतान की गारंटी: एस्क्रो व्यवस्था और 14 दिन का नियम

भुगतान समय पर मिले, इसके लिए चीनी और शीरे की बिक्री से प्राप्त राशि का 85 प्रतिशत हिस्सा एस्क्रो बैंक खाते में टैग रखा जाता है, जिससे सीधे डीबीटी के जरिए किसानों के खातों में भुगतान भेजा जाता है। हरदोई का शत-प्रतिशत भुगतान इसी व्यवस्था का नतीजा बताया गया है। नियमानुसार गन्ना आपूर्ति के 14 दिन के भीतर भुगतान होना चाहिए, और विलंब पर 15 प्रतिशत वार्षिक ब्याज का प्रावधान है — सुप्रीम कोर्ट के 6 अक्टूबर 2026 के आदेश (टाइम्स ऑफ इंडिया) ने इसे “ऋण जाल से अनिवार्य सुरक्षा” बताते हुए बरकरार रखा है।

किसानों के लिए सीधी सलाह: सट्टा-सर्वे CaneUP पोर्टल पर जांच लें, बैंक खाता सक्रिय और आधार से जुड़ा रखें। धान बेचने वाले नजदीकी क्रय केंद्र पर पंजीकरण और बायोमेट्रिक सत्यापन समय पर करवा लें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

हरदोई में पेराई सत्र कब से शुरू होगा? 28 अक्टूबर से 5 नवंबर 2026 के बीच। CaneUP पोर्टल पर सट्टा-सर्वे पूरा हो चुका है।

क्या सभी मिलों ने पुराना भुगतान कर दिया है? हां। हरियावां, लोनी, रूपापुर और बावन — चारों मिलों ने पिछले सत्र का शत-प्रतिशत भुगतान पूरा कर दिया है।

धान का एमएसपी 2026-27 में कितना है? सामान्य धान 2,441 रुपये और ग्रेड-ए 2,461 रुपये प्रति क्विंटल (72 रुपये बढ़ोतरी)।

गन्ने का एसएपी 2026-27 कितना तय हुआ? अभी घोषणा बाकी है। 2025-26 में अगेती के लिए 400 रुपये और सामान्य के लिए 390 रुपये प्रति क्विंटल था।

भुगतान में देरी पर कितना ब्याज मिलता है? 14 दिन से अधिक विलंब पर 15 प्रतिशत वार्षिक ब्याज का प्रावधान है, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने अनिवार्य बताया है।

स्रोत: ईटीवी भारत (7 अक्टूबर 2026), दैनिक जागरण (5-6 अक्टूबर 2026), प्रभात खबर (6 अक्टूबर 2026), टाइम्स ऑफ इंडिया (28 सितंबर व 9 अक्टूबर 2026), फ्री प्रेस जर्नल / द स्टेट्समैन (17 सितंबर 2026)।

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Aamir Raza
लेखक एवं मुख्य संपादक

Aamir Raza

संस्थापक एवं प्रधान संपादक — CaneUp.xyz। उत्तर प्रदेश गन्ना उद्योग, पर्ची कैलेंडर, SAP/MSP मूल्य नीति, ई-गन्ना पोर्टल और किसान अधिकारों पर 10+ वर्षों का जमीनी अनुभव।

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