हरियाणा कैबिनेट में गन्ने का भाव ₹405 करने का प्रस्ताव तैयार — देश में सबसे महंगे गन्ने का रिकॉर्ड कायम

चंडीगढ़ / करनाल: हरियाणा सरकार ने आगामी पेराई सत्र 2026-27 के लिए राज्य के गन्ना किसानों को देश में सबसे अधिक मूल्य देने की अपनी परंपरा को बरकरार रखते हुए अगेती प्रजाति के गन्ने का राज्य परामर्शित मूल्य (SAP) ₹405 प्रति क्विंटल करने का औपचारिक प्रस्ताव तैयार कर लिया है। हरियाणा कृषि एवं किसान कल्याण विभाग और हरियाणा राज्य सहकारी चीनी मिल संघ (Sugarfed) द्वारा संयुक्त रूप से तैयार किए गए इस कैबिनेट नोट को इस सप्ताह मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में होने वाली राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में अंतिम मंजूरी के लिए रखा जाएगा।
यदि कैबिनेट इस प्रस्ताव को मंजूरी दे देती है, तो हरियाणा देश का पहला ऐसा राज्य बन जाएगा जहां गन्ने का सरकारी खरीद भाव ₹400 प्रति क्विंटल के ऐतिहासिक आंकड़े को पार करेगा। पिछले पेराई सत्र 2025-26 में हरियाणा में अगेती गन्ने का भाव ₹386 और सामान्य किस्म का भाव ₹379 प्रति क्विंटल था, जिसमें इस वर्ष ₹19 प्रति क्विंटल की सीधी बढ़ोतरी की जा रही है।
हरियाणा और उत्तर प्रदेश के गन्ना मूल्य की तुलना
हरियाणा सरकार द्वारा ₹405 प्रति क्विंटल का भाव तय किए जाने के कदम ने पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश पर भी एसएपी बढ़ाने का भारी राजनीतिक और आर्थिक दबाव बना दिया है:
| विवरण पैरामीटर | हरियाणा (प्रस्तावित 2026-27) | उत्तर प्रदेश (वर्तमान 2025-26) | अंतर |
|---|---|---|---|
| अगेती प्रजाति भाव (Early Variety) | ₹405 / क्विंटल | ₹370 / क्विंटल | + ₹35 प्रति क्विंटल |
| सामान्य प्रजाति भाव (General Variety) | ₹397 / क्विंटल | ₹360 / क्विंटल | + ₹37 प्रति क्विंटल |
| औसत भुगतान समयसीमा | 7 से 10 दिन (सीधे बैंक में) | 14 दिन (एस्क्रो निगरानी) | 4 दिन तेज |
| सहकारी मिलों को राज्य सब्सिडी | ₹16 प्रति क्विंटल राज्य बजट से | मिलों के आंतरिक राजस्व से | हरियाणा में शत-प्रतिशत बजट सपोर्ट |
करनाल, यमुनानगर और पानीपत की मिलों में तैयारी तेज
हरियाणा शुगरफेड के प्रबंध निदेशक ने बताया कि राज्य की सभी 14 चीनी मिलों (11 सहकारी और 3 निजी मिलें जिनमें सरस्वती शुगर मिल यमुनानगर शामिल है) को 25 अक्टूबर से पेराई सत्र शुरू करने का निर्देश दिया गया है।
उन्होंने बताया, “हरियाणा सरकार किसानों की आय सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। चीनी मिलों को आर्थिक संकट से बचाने के लिए राज्य सरकार बजट से प्रति क्विंटल ₹16 की अतिरिक्त वित्तीय सहायता प्रदान करती है, जिसके कारण हमारी मिलें किसानों को पेराई के 10 दिन के भीतर पूरा भुगतान कर देती हैं।”
हरियाणा द्वारा ₹405 के भाव की घोषणा की तैयारियों से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों (शामली, सहारनपुर और बागपत) के किसानों में भी उत्साह बढ़ गया है। भारतीय किसान यूनियन ने मांग की है कि उत्तर प्रदेश सरकार भी हरियाणा की तर्ज पर कम से कम ₹405 से ₹450 प्रति क्विंटल का भाव तुरंत अधिसूचित करे ताकि सीमावर्ती क्षेत्रों से गन्ने की अवैध तस्करी और किसानों का असंतोष रोका जा सके।
उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में हलचल
हरियाणा द्वारा ₹405 के भाव की तैयारी की खबर फैलते ही शामली, सहारनपुर और बागपत के किसान संगठनों ने उत्तर प्रदेश सरकार से तत्काल प्रभाव से भाव की घोषणा करने की मांग की है।
किसानों का कहना है कि यमुना नदी पार करते ही हरियाणा में गन्ने का भाव ₹405 मिलता है, जबकि यूपी में पिछले साल मात्र ₹370 था। इस ₹35 प्रति क्विंटल के भारी अंतर के कारण सीमावर्ती किसान अपना गन्ना हरियाणा की मिलों (यमुनानगर और करनाल) में ले जाने के लिए विवश होते हैं, जिससे यूपी की मिलों को पेराई के लिए कच्चे माल का संकट झेलना पड़ता है।
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