हरियाणा मंत्रिमंडलीय उप-समिति ने ₹405 गन्ना भाव को दी मंजूरी — इसी सप्ताह जारी होगी अधिसूचना

चंडीगढ़ / करनाल: हरियाणा में आगामी पेराई सत्र 2026-27 के लिए गन्ने के राज्य परामर्शित मूल्य (SAP) निर्धारण को लेकर गठित उच्चस्तरीय मंत्रिमंडलीय उप-समिति (Cabinet Sub-Committee) ने आज शाम चंडीगढ़ में आयोजित बैठक में अगेती प्रजाति के गन्ने का खरीद भाव ₹405 प्रति क्विंटल करने के प्रस्ताव को औपचारिक मंजूरी दे दी है। हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री कंवर पाल गुर्जर और सहकारिता मंत्री की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में शुगरफेड हरियाणा और वित्त विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक के बाद कृषि मंत्री ने मीडिया को बताया कि समिति ने राज्य के गन्ना किसानों की उत्पादन लागत, चीनी रिकवरी और मिलों की वित्तीय क्षमता का समग्र मूल्यांकन करने के बाद ₹19 प्रति क्विंटल की वृद्धि की सिफारिश को स्वीकार कर लिया है। सामान्य किस्म के गन्ने का भाव ₹397 प्रति क्विंटल तय किया गया है। इस निर्णय की अंतिम फाइल मुख्यमंत्री कार्यालय को भेज दी गई है और राज्यपाल की सहमति के बाद इसी सप्ताह के अंत तक औपचारिक राजपत्र अधिसूचना जारी कर दी जाएगी।
देश में सबसे अधिक गन्ना भाव देने वाला राज्य बना हरियाणा
₹405 प्रति क्विंटल की इस ऐतिहासिक घोषणा के साथ ही हरियाणा पूरे देश में गन्ने का सर्वाधिक सरकारी खरीद मूल्य देने वाला राज्य बन जाएगा। केंद्र सरकार ने इस वर्ष गन्ने का एफआरपी ₹365 प्रति क्विंटल निर्धारित किया है, जिससे हरियाणा का एसएपी प्रति क्विंटल ₹40 अधिक है:
| राज्य | अगेती प्रजाति भाव (प्रस्तावित/लागू 2026-27) | सामान्य प्रजाति भाव | भुगतान की औसत स्थिति |
|---|---|---|---|
| हरियाणा | ₹405 / क्विंटल | ₹397 / क्विंटल | 7 से 10 दिन (100% समयबद्ध) |
| पंजाब | ₹391 / क्विंटल (₹410 मांग) | ₹383 / क्विंटल | 14 दिन में राज्य सब्सिडी सहित |
| उत्तर प्रदेश | ₹370 / क्विंटल (वर्तमान) | ₹360 / क्विंटल | 14 दिन एस्क्रो खाता व्यवस्था |
| केंद्र सरकार (FRP) | ₹365 / क्विंटल (10.25% रिकवरी) | — | राष्ट्रीय न्यूनतम आधार मूल्य |
उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों पर बढ़ा भारी दबाव
हरियाणा कैबिनेट द्वारा ₹405 के भाव को मंजूरी दिए जाने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार पर भी गन्ने का एसएपी बढ़ाने का भारी राजनीतिक दबाव बन गया है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शामली, सहारनपुर और बागपत जिलों की सीमाएं हरियाणा के यमुनानगर, करनाल और पानीपत से सटी हुई हैं।
यदि उत्तर प्रदेश सरकार ने अपने भाव में पर्याप्त बढ़ोतरी नहीं की, तो सीमावर्ती किसान अपना गन्ना हरियाणा की सहकारी मिलों और सरस्वती शुगर मिल यमुनानगर में ले जाने को प्राथमिकता देंगे। भारतीय किसान यूनियन ने मांग की है कि योगी सरकार भी हरियाणा की तर्ज पर कम से कम ₹405 से ₹450 प्रति क्विंटल का भाव तुरंत घोषित करे।
हरियाणा शुगरफेड ने यह भी घोषणा की है कि 25 अक्टूबर से सभी मिलें पेराई शुरू कर देंगी और किसानों को इंडेंट जारी करने के 7 दिन के भीतर सीधा बैंक भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा।
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