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हरियाणा शुगरफेड की 14 मिलें 25 अक्टूबर से पेराई को तैयार — ₹405 भाव पर किसानों के बॉन्ड भरने का काम शुरू

Randhir Patil Randhir Patil Sep 3, 2026 3 min read
हरियाणा शुगरफेड की 14 मिलें 25 अक्टूबर से पेराई को तैयार — ₹405 भाव पर किसानों के बॉन्ड भरने का काम शुरू
अंतिम अपडेट: September 3, 2026 7:30 AM IST — यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

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चंडीगढ़ / करनाल: हरियाणा सरकार द्वारा आगामी पेराई सत्र 2026-27 के लिए अगेती गन्ने का राज्य परामर्शित मूल्य (SAP) देश में सर्वाधिक ₹405 प्रति क्विंटल करने की सैद्धांतिक मंजूरी दिए जाने के बाद हरियाणा राज्य सहकारी चीनी मिल संघ (Sugarfed Haryana) ने जमीनी स्तर पर पेराई की तैयारियां तेज कर दी हैं। शुगरफेड के प्रबंध निदेशक ने आज चंडीगढ़ में घोषणा की कि राज्य की सभी 11 सहकारी चीनी मिलों और 3 निजी मिलों (जिनमें देश की सबसे बड़ी निजी मिलों में शुमार सरस्वती शुगर मिल, यमुनानगर शामिल है) में आगामी 25 अक्टूबर 2026 से पेराई कार्य विधिवत शुरू कर दिया जाएगा।

शुगरफेड मुख्यालय द्वारा जारी सर्कुलर के अनुसार, करनाल, रोहतक, पानीपत, सोनीपत, कैथल, जींद, महम, पलवल, गोहाना और शाहबाद सहकारी चीनी मिलों में ऑफ-सीजन मेंटेनेंस का कार्य 90% पूरा कर लिया गया है और 15 से 20 सितंबर के बीच सभी बॉयलरों की हाइड्रो टेस्टिंग पूरी कर ली जाएगी।

₹405 प्रति क्विंटल की दर से सप्लाई बॉन्ड भरना शुरू

सभी मिल गेटों और ग्रामीण क्रय केंद्रों पर आज से किसानों के साथ गन्ना आपूर्ति अनुबंध (Sugarcane Supply Bond) भरने का विशेष अभियान शुरू कर दिया गया है। अनुबंध पत्र में स्पष्ट रूप से अगेती प्रजाति के लिए ₹405 और सामान्य प्रजाति के लिए ₹397 प्रति क्विंटल का भाव दर्ज किया गया है।

सरस्वती शुगर मिल यमुनानगर के मुख्य गन्ना प्रबंधक ने बताया, “यमुनानगर और कुरुक्षेत्र क्षेत्र के किसानों में रिकॉर्ड भाव को लेकर भारी उत्साह है। मिल ने इस वर्ष 1.85 करोड़ क्विंटल गन्ने की पेराई का लक्ष्य रखा है। हमने किसानों को आश्वस्त किया है कि पेराई शुरू होने के 7 से 10 दिन के भीतर किसान के बैंक खाते में सीधा भुगतान क्रेडिट कर दिया जाएगा। हरियाणा सरकार द्वारा प्रति क्विंटल दी जाने वाली ₹16 की वित्तीय सहायता सीधे मिल के एस्क्रो खाते में जमा होगी।”

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों में हलचल

हरियाणा द्वारा 25 अक्टूबर से ₹405 के भाव पर पेराई शुरू करने की आधिकारिक घोषणा से उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों (शामली, सहारनपुर और बागपत) के किसानों में हलचल मच गई है। यमुना नदी के पार हरियाणा में ₹405 का भाव मिलने से यूपी के किसानों में असंतोष बढ़ रहा है, क्योंकि उत्तर प्रदेश में पिछले साल अगेती गन्ने का भाव मात्र ₹370 था।

किसान संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि उत्तर प्रदेश सरकार ने भी हरियाणा के बराबर या उससे अधिक भाव घोषित नहीं किया, तो सीमावर्ती किसान अपना गन्ना अवैध रूप से हरियाणा की मिलों में बेचने को मजबूर होंगे, जिससे यूपी की मिलों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।

डिजिटल टोकन और मोबाइल पर्ची प्रणाली

हरियाणा शुगरफेड ने इस वर्ष सभी 14 मिलों में पर्ची वितरण के लिए शत-प्रतिशत डिजिटल व्हाट्सएप और एसएमएस टोकन प्रणाली लागू की है। किसान को मिल गेट पर आने से 24 घंटे पहले उसके मोबाइल पर क्यूआर कोड युक्त पर्ची मिल जाएगी, जिससे मिल यार्ड में ट्रॉलियों की कतारें नहीं लगेंगी।

Randhir Patil
लेखक

Randhir Patil

गन्ना उद्योग विशेषज्ञ — ChiniMandi पर 425+ लेख। गन्ना खेती, शुगर मिल, MSP रेट, सरकारी योजनाओं पर विश्वसनीय जानकारी।

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