
इस आर्टिकल में: CaneUp पर इस पोस्ट में गन्ना किसानों के लिए उपयोगी जानकारी दी गई है — गन्ना पर्ची कैलेंडर, MSP/FRP रेट, भुगतान स्थिति, सरकारी योजनाएं, eGanna App, खेती के टिप्स, और बिज़नेस आइडियाज। यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।
इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने गन्ना किसानों के बकाया भुगतान पर 15% ब्याज के मामले में बड़ी सख्ती दिखाई है। कोर्ट ने पाया कि कुछ अधिकारी 15% की जगह सिर्फ 12% ब्याज दे रहे थे — जो कानून का उल्लंघन है।
गन्ना नियंत्रण आदेश के अनुसार, अगर कोई चीनी मिल किसान को 14 दिन के अंदर गन्ना भुगतान नहीं करती, तो उस पर 15% सालाना ब्याज देना अनिवार्य है।
लेकिन कई मिलें और कुछ गन्ना आयुक्तों ने यह दर 12% तक कम कर दी थी। इसी के खिलाफ एक जनहित याचिका (PIL) दायर की गई है।
| बात | विवरण |
|---|---|
| कोर्ट की नाराजगी | 12% ब्याज देना “गैरकानूनी” — 15% mandatory है |
| तलब | 2021 से अब तक के सभी पूर्व गन्ना आयुक्तों की लिस्ट माँगी |
| अगली सुनवाई | 31 अगस्त 2026 |
| संभावित कार्रवाई | Contempt of court proceedings हो सकती हैं |
अगर कोर्ट 15% ब्याज enforce कर देता है तो:
📞 हेल्पलाइन: 1800-121-3203 (toll-free) — गन्ना विकास परिषद
31 अगस्त की सुनवाई का live update CaneUp पर मिलेगा। शेयर करें ताकि हर किसान को पता चले।
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