गन्ना बेल्ट में खाद की किल्लत रोकने को इफको के 150 मोबाइल ट्रक तैनात — ₹1,350 में गाँव-गाँव डीएपी वितरण

लखनऊ / मुजफ्फरनगर: उत्तर प्रदेश में 15 सितंबर से आरंभ होने जा रही व्यापक शरदकालीन गन्ना बुवाई (Autumn Sugarcane Sowing) के दौरान रासायनिक उर्वरकों, विशेष रूप से डीएपी (DAP) और पोटाश (MOP) की कालाबाजारी, ओवर-रेटिंग और समितियों पर लगने वाली लंबी कतारों को पूरी तरह समाप्त करने के लिए राज्य सरकार ने एक अनूठी पहल की है। उत्तर प्रदेश सहकारिता विभाग, इफको (IFFCO) और कृभको (KRIBHCO) ने आज 3 सितंबर की सुबह पश्चिमी और तराई गन्ना बेल्ट के 14 प्रमुख जिलों में 150 विशेष सचल उर्वरक वितरण ट्रकों (Mobile Fertilizer Distribution Vans) को हरी झंडी दिखाकर गाँव-गाँव के लिए रवाना कर दिया।
सहकारिता आयुक्त उत्तर प्रदेश ने बताया कि मुजफ्फरनगर, शामली, मेरठ, सहारनपुर, बिजनौर, बागपत, बुलंदशहर, लखीमपुर खीरी, सीतापुर और पीलीभीत जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों में ये मोबाइल ट्रक पूर्व-निर्धारित रोस्टर के अनुसार सीधे ग्राम पंचायत सचिवालयों और प्राथमिक विद्यालयों के पास पहुंचेंगे।
पीओएस मशीन से ₹1,350 की सरकारी दर पर खाद उपलब्ध
मोबाइल वितरण वैन पर तैनात सहकारी समिति के सचिव बायोमेट्रिक पीओएस (Point of Sale) मशीन के माध्यम से किसान के आधार कार्ड और किसान पंजीकरण संख्या का सत्यापन कर तुरंत खाद की बोरियां वितरित कर रहे हैं:
- डीएपी (DAP 18:46:0): सरकारी रियायती दर ₹1,350 प्रति 50 किग्रा बोरी पर उपलब्ध है।
- एमओपी पोटाश (MOP 0:0:60): ₹1,650 प्रति बोरी की दर पर दिया जा रहा है।
- एनपीके (NPK 12:32:16): ₹1,470 प्रति बोरी पर सुलभ कराया गया है।
सहकारिता अधिकारी ने स्पष्ट किया कि किसी भी किसान को डीएपी के साथ जबरन नैनो यूरिया या सल्फर की बोतल लेने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा (No Mandatory Tagging)। यदि कोई कर्मचारी टैगिंग करता है तो उसके खिलाफ तत्काल निलंबन की कार्रवाई होगी।
छोटे और सीमांत किसानों को घर के पास मिली सुविधा
मुजफ्फरनगर के शाहपुर ब्लॉक के एक किसान ने बताया, “पहले डीएपी की 2 बोरी लेने के लिए साधन सहकारी समिति पर सुबह 5:00 बजे से लाइन लगानी पड़ती थी और पूरा दिन खराब हो जाता था। आज इफको का मोबाइल ट्रक सीधे हमारे गाँव की चौपाल पर आया और 10 मिनट में अंगूठा लगाकर ₹1,350 की पक्की रसीद के साथ 3 बोरी डीएपी मिल गई।”
सहकारिता विभाग ने बताया कि प्रत्येक मोबाइल ट्रक में 200 से 250 बोरी डीएपी लोड रहती है। जिला कृषि अधिकारी प्रतिदिन सुबह इन ट्रकों का रूट मैप जारी करेंगे, जिसकी जानकारी संबंधित गाँव के लेखपाल और ग्राम प्रधान के माध्यम से किसानों को पहले ही दे दी जाएगी। उर्वरक संबंधी किसी भी शिकायत के लिए राज्य स्तरीय टोल-फ्री कंट्रोल रूम नंबर 0522-2208572 चौबीसों घंटे सक्रिय है।
कालाबाजारी पर कड़ा पहरा
जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि मोबाइल ट्रकों के आवागमन की जीपीएस ट्रैकिंग की जाए ताकि खाद की कोई भी बोरी किसी निजी डीलर या अवैध गोदाम में न जा सके। किसानों को पारदर्शी वितरण से रबी और शरदकालीन बुवाई समय पर पूरी करने में मदद मिलेगी।
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