होम › गन्ना किसानों के लिए KCC लोन पर 3 …

गन्ना किसानों के लिए KCC लोन पर 3 प्रतिशत ब्याज छूट, समय पर अदायगी पर मात्र 4 प्रतिशत लगेगा ब्याज

Aamir Raza Aamir Raza • Aug 30, 2026 • 3 min read
Google पर हमें फ़ॉलो करें
शेयर करें:
गन्ना किसानों के लिए KCC लोन पर 3 प्रतिशत ब्याज छूट, समय पर अदायगी पर मात्र 4 प्रतिशत लगेगा ब्याज
अंतिम अपडेट: August 30, 2026 5:45 PM IST — यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

गन्ना किसानों के लिए KCC लोन पर 3 प्रतिशत ब्याज छूट, समय पर अदायगी पर मात्र 4 प्रतिशत लगेगा ब्याज

By
Aamir Raza - 2026-08-30

लखनऊ (विशेष संवाददाता)। उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों के लिए कृषि वित्त के मोर्चे पर राहत भरी खबर आई है। राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) और उत्तर प्रदेश राज्य सहकारी बैंक (यूपीसीबी) ने संयुक्त रूप से किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) फसली ऋण पर मिलने वाली 3 प्रतिशत ब्याज सबवेंशन (ब्याज छूट) योजना को वर्ष 2026-27 के लिए नवीनीकृत कर दिया है।

इस योजना के तहत 3 लाख रुपये तक का अल्पकालिक कृषि ऋण लेने वाले जो गन्ना किसान अपने ऋण की अदायगी नियत तिथि (एक वर्ष के भीतर) कर देंगे, उन्हें 7 प्रतिशत की सामान्य ब्याज दर के स्थान पर मात्र 4 प्रतिशत वार्षिक ब्याज ही देना होगा।

केसीसी ब्याज छूट का गणित और किसानों को बचत

उत्तर प्रदेश को-ऑपरेटिव बैंक के प्रबंध निदेशक ने बताया कि केंद्र सरकार कृषि ऋण पर 2 प्रतिशत की सहायता बैंकों को देती है, जिससे ब्याज दर 9% से घटकर 7% रह जाती है। इसके अतिरिक्त, समय पर कर्ज चुकाने वाले अनुशासित किसानों को 3 प्रतिशत की प्रोत्साहन छूट (प्रॉम्प्ट रीपेमेंट इंसेंटिव) सीधे उनके खाते में लौटाई जाती है।

अधिकारी ने कहा, “गन्ना किसानों का भुगतान सीधे मिलों के एस्क्रो खाते से बैंक खातों में ट्रांसफर होता है। किसान अपनी गन्ना पर्ची के भुगतान से सीधे केसीसी खाते का नवीनीकरण करा सकते हैं। इससे उन्हें साहूकारों के 24 से 36 प्रतिशत के भारी ब्याज जाल में नहीं फंसना पड़ता।”

ऋण राशिसामान्य ब्याज दर (9%)सरकारी छूट के बाद (7%)समय पर अदायगी पर प्रभावी दर (4%)कुल वार्षिक बचत
₹1,00,000₹9,000₹7,000₹4,000₹5,000 की शुद्ध बचत
₹2,00,000₹18,000₹14,000₹8,000₹10,000 की शुद्ध बचत
₹3,00,000 (अधिकतम)₹27,000₹21,000₹12,000₹15,000 की शुद्ध बचत

खाद-बीज और डीजल के लिए नकद सीमा का लाभ

केसीसी के तहत कुल स्वीकृत सीमा का 20 प्रतिशत हिस्सा किसान की घरेलू जरूरतों और 10 प्रतिशत फसल कटाई व ढुलाई खर्च के लिए नकद निकासी हेतु उपलब्ध रहता है।

अमरोहा जिला सहकारी बैंक के शाखा प्रबंधक ने बताया कि जिन किसानों ने डिजिटल किसान आईडी (एग्रीस्टैक) बनवा ली है, उनका केसीसी नवीनीकरण मात्र 24 घंटे में बिना किसी अतिरिक्त दस्तावेज के किया जा रहा है।

डिजिटल किसान आईडी से सीधा लिंक हुआ नवीनीकरण

सहकारी बैंकों ने स्पष्ट किया है कि अब किसानों को केसीसी नवीनीकरण के लिए बैंक शाखाओं के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है।

एग्रीस्टैक पोर्टल पर किसान की खतौनी और आधार का सत्यापन होते ही सहकारी बैंक किसान के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर ओटीपी भेजकर खाते का स्वतः नवीनीकरण (Auto-Renewal) कर रहे हैं। इससे किसानों का समय और कागजी कार्रवाई का झंझट पूरी तरह समाप्त हो गया है।

पश्चिमी यूपी के अमरोहा जिले की चीनी मिलों जैसे चंदनपुर मिल, असमौली चीनी मिल और अगवानपुर मिल के किसान अपनी विकास समिति या प्राथमिक कृषि साख समिति (PACS) से संपर्क कर केसीसी का लाभ ले सकते हैं।

किसान अपने सट्टे की स्थिति enquiry.caneup.in पर देखें और गन्ना पर्ची कैलेंडर 2026-27 की जानकारी पोर्टल से प्राप्त करें।

🌾 CaneUp किसान सहायता पोर्टल

अपनी समस्या या सवाल दर्ज करें

गन्ना पर्ची, सट्टा संशोधन, सर्वे, ई-गन्ना ऐप या भुगतान में कोई भी दिक्कत हो, नीचे अपनी जानकारी भरें। हमारी टीम समाधान में आपकी पूरी मदद करेगी।

1 जिला व मिल चुनें
2 गांव व नाम डालें
3 समस्या लिखकर भेजें
उत्तर प्रदेश का अपना जनपद चुनें
आपके जिले से संबंधित चीनी मिलें
इस नंबर पर आपको पर्ची और भुगतान के व्हाट्सएप अपडेट्स मिलेंगे
जितना स्पष्ट लिखेंगे, उतनी जल्दी सटीक समाधान मिलेगा

🔒 आपकी निजी जानकारी 100% सुरक्षित है। हम कोई स्पैम नहीं भेजते। केवल आपकी मिल से जुड़े आधिकारिक अपडेट्स शेयर किए जाते हैं।

✓
Aamir Raza
लेखक एवं मुख्य संपादक

Aamir Raza

संस्थापक एवं प्रधान संपादक — CaneUp.xyz। उत्तर प्रदेश गन्ना उद्योग, पर्ची कैलेंडर, SAP/MSP मूल्य नीति, ई-गन्ना पोर्टल और किसान अधिकारों पर 10+ वर्षों का जमीनी अनुभव।

यह आर्टिकल कैसा लगा?

📬 गन्ना अपडेट पाएं

MSP रेट, पर्ची कैलेंडर, सरकारी योजनाएं — सीधे आपके इनबॉक्स में