पश्चिमी यूपी में किसान ड्रोन फ्लीट बढ़कर 60 हुई — 15,000 एकड़ से अधिक गन्ने पर छिड़काव का लक्ष्य

मेरठ / सहारनपुर: उत्तर प्रदेश गन्ना विकास विभाग द्वारा 1 सितंबर से शुरू की गई 50% सब्सिडी वाली ‘किसान ड्रोन छिड़काव प्रोत्साहन योजना’ को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों से मिले जबरदस्त प्रतिसाद के बाद विभाग ने योजना के दायरे का त्वरित विस्तार कर दिया है। मात्र 48 घंटों के भीतर 14,000 एकड़ से अधिक रकबे की अग्रिम ऑनलाइन बुकिंग दर्ज होने के बाद विभाग ने आज 3 सितंबर की सुबह मेरठ, सहारनपुर और मुरादाबाद मंडलों में 25 नए हाई-कैपेसिटी किसान ड्रोन शामिल कर कुल सक्रिय फ्लीट की संख्या बढ़ाकर 60 कर दी है।
उप गन्ना आयुक्त मेरठ परिक्षेत्र ने बताया कि सितंबर माह में गन्ने की फसल 12 से 14 फीट ऊंची हो चुकी है, जिसके कारण हाथ से चलने वाले स्प्रेयर से मजदूर खेत के भीतर नहीं जा सकते। ड्रोन तकनीक से किसान को न केवल शारीरिक श्रम और विषैले रसायनों के सीधे संपर्क से मुक्ति मिली है, बल्कि लागत भी आधी हो गई है।
प्रति एकड़ मात्र ₹250 में 10 मिनट में पूरा छिड़काव
योजना के तहत सामान्य तौर पर ₹500 प्रति एकड़ लगने वाले कमर्शियल स्प्रे शुल्क पर सरकार 50% (₹250 प्रति एकड़) का सीधा अनुदान दे रही है। किसान को अपनी जेब से केवल ₹250 प्रति एकड़ का भुगतान करना होता है:
- समय की बचत: 1 एकड़ गन्ने के खेत में छिड़काव मात्र 8 से 10 मिनट में पूरा हो जाता है।
- पानी की भारी बचत: जहां पारंपरिक स्प्रेयर में 200 लीटर पानी ढोना पड़ता था, वहीं ड्रोन तकनीक में केवल 10 से 12 लीटर पानी में अल्ट्रा-फाइन मिस्ट (सूक्ष्म फुहार) से पूरी फसल ढक जाती है।
- 100% कवरेज: ड्रोन के पंखों से उत्पन्न होने वाले डाउनवॉश एयर प्रेशर के कारण दवा पत्तियों के ऊपरी और निचले दोनों सिरों तथा तने के जोड़ों तक समान रूप से पहुंचती है।
मुजफ्फरनगर और बिजनौर में ड्रोन हब स्थापित
विभाग ने मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना, खतौली और बिजनौर के धामपुर व नजीबाबाद में विशेष ड्रोन रिपेयर एवं मोबाइल चार्जिंग हब बनाए हैं। प्रत्येक ड्रोन यूनिट के साथ एक वैन में 4 अतिरिक्त लिथियम-आयन बैटरियां और जनरेटर बैकअप उपलब्ध रहता है, जिससे ड्रोन लगातार 8 घंटे तक बिना किसी रुकावट के उड़ान भर सकते हैं।
गन्ना विकास विभाग ने बताया कि अब तक बुक किए गए 14,000 एकड़ में से 4,200 एकड़ रकबे पर पोटाश (0:0:50) और फफूंदनाशक दवाओं का छिड़काव सफलतापूर्वक पूरा किया जा चुका है। किसान भाई अभी भी CaneUp पोर्टल या eGanna App पर जाकर अपने किसान कोड के माध्यम से शेष बचे हुए स्लॉट बुक कर सकते हैं।
ड्रोन पायलटों को दिया गया विशेष कृषि प्रशिक्षण
ड्रोन उड़ाने वाली तकनीकी टीमों में डीजीसीए (DGCA) प्रमाणित ड्रोन पायलटों के साथ स्थानीय कृषि स्नातकों को जोड़ा गया है। इससे यह सुनिश्चित हो रहा है कि दवा का घोल वैज्ञानिक अनुपात में ही तैयार हो और खेत के किसी भी हिस्से में ओवर-डोजिंग न हो।
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