होम 5 सितंबर को सभी तहसीलों पर 24 घंटे का …

5 सितंबर को सभी तहसीलों पर 24 घंटे का उपवास — स्मार्ट मीटर और गन्ना मूल्य पर संयुक्त मोर्चा का ऐलान

Randhir Patil Randhir Patil Sep 3, 2026 3 min read
5 सितंबर को सभी तहसीलों पर 24 घंटे का उपवास — स्मार्ट मीटर और गन्ना मूल्य पर संयुक्त मोर्चा का ऐलान
अंतिम अपडेट: September 3, 2026 8:15 AM IST — यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

इस आर्टिकल में: CaneUp पर इस पोस्ट में गन्ना किसानों के लिए उपयोगी जानकारी दी गई है — गन्ना पर्ची कैलेंडर, MSP/FRP रेट, भुगतान स्थिति, सरकारी योजनाएं, eGanna App, खेती के टिप्स, और बिज़नेस आइडियाज। यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

मेरठ / मुजफ्फरनगर: आगामी 8 सितंबर को मुजफ्फरनगर के जीआईसी मैदान में प्रस्तावित ऐतिहासिक किसान महापंचायत से पूर्व आंदोलन को धार देने के लिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसान संगठनों ने विरोध की रणनीति तेज कर दी है। आज 3 सितंबर को मेरठ के कमिश्नरी पार्क में आयोजित संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और विभिन्न खाप चौधरियों की समन्वय बैठक में निर्णय लिया गया कि आगामी 5 सितंबर 2026 (शिक्षक दिवस) को पश्चिमी यूपी के 14 जिलों की सभी 56 तहसीलों पर किसान 24 घंटे का क्रमिक सांकेतिक उपवास (Token Fast) रखेंगे।

बैठक की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ किसान नेता ने बताया कि उपवास 5 सितंबर को सुबह 10:00 बजे से शुरू होकर 6 सितंबर को सुबह 10:00 बजे तक तहसील प्रांगणों में शांतिपूर्ण तरीके से चलेगा। उपवास के उपरांत सभी तहसीलों के उपजिलाधिकारी (SDM) के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री के नाम 7-सूत्रीय मांग पत्र प्रेषित किया जाएगा।

5 सितंबर के तहसील उपवास के 5 मुख्य बिंदु

किसान नेताओं ने स्पष्ट किया कि यह उपवास किसानों के अस्तित्व से जुड़े निम्नलिखित मुद्दों को लेकर किया जा रहा है:

  1. कृषि नलकूपों पर स्मार्ट मीटरों की तुरंत वापसी: बिजली निगम द्वारा नलकूपों पर लगाए जा रहे 4G स्मार्ट मीटरों को तुरंत हटाया जाए और चुनावी वादे के अनुरूप किसानों को नलकूपों के लिए पूर्णतः मुफ्त बिजली की आपूर्ति जारी रखी जाए।
  2. गन्ने का भाव ₹450 प्रति क्विंटल घोषित हो: हरियाणा और पंजाब द्वारा भाव बढ़ाने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार भी पेराई सत्र शुरू होने से पूर्व ₹450 की दर घोषित करे।
  3. गन्ना बकाए पर 15% का कानूनी ब्याज: पेराई सत्र समाप्त हुए 4 महीने बीत चुके हैं, अतः 14 दिन के नियम का उल्लंघन करने वाली मिलों से किसानों को 15% ब्याज दिलाया जाए।
  4. घोषणा पत्र भरने की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर तक बढ़े: बाढ़ और जलभराव से प्रभावित क्षेत्रों में किसानों को राहत देते हुए ऑनलाइन घोषणा पत्र की तारीख 30 सितंबर से बढ़ाई जाए।
  5. आवारा गोवंश से फसलों की सुरक्षा: खेतों को रात में बर्बाद कर रहे गोवंश के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर स्थायी गो-आश्रय स्थल संचालित हों।

शांतिपूर्ण प्रदर्शन का संकल्प और पुलिस की तैयारी

किसान नेताओं ने समस्त कार्यकर्ताओं को कड़े निर्देश दिए हैं कि किसी भी तहसील पर सड़क जाम या सरकारी कार्य में कोई बाधा नहीं डाली जाएगी। उपवास पूरी तरह गांधीवादी और अनुशासित रहेगा।

इधर मेरठ, सहारनपुर और मुरादाबाद परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षकों (IG) ने तहसील मुख्यालयों पर सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने किसान प्रतिनिधियों से वार्ता की पेशकश की है, लेकिन किसान नेताओं का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस सरकारी निर्णय नहीं होता, तब तक 5 सितंबर का उपवास, 7 सितंबर की ट्रैक्टर यात्रा और 8 सितंबर की मुजफ्फरनगर महापंचायत अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही आयोजित होगी।

किसान चौपालों पर जन-जागरण का दौर जारी

तहसील उपवास की सफलता के लिए खाप चौधरियों ने शामली के बाबरी, मुजफ्फरनगर के शाहपुर और मेरठ के सरधना क्षेत्र के गाँवों में रात्रि चौपालें आयोजित करना शुरू कर दिया है, जिसमें भारी संख्या में युवा किसान भाग ले रहे हैं।

Randhir Patil
लेखक

Randhir Patil

गन्ना उद्योग विशेषज्ञ — ChiniMandi पर 425+ लेख। गन्ना खेती, शुगर मिल, MSP रेट, सरकारी योजनाओं पर विश्वसनीय जानकारी।

यह आर्टिकल कैसा लगा?

📬 गन्ना अपडेट पाएं

MSP रेट, पर्ची कैलेंडर, सरकारी योजनाएं — सीधे आपके इनबॉक्स में