महाराष्ट्र में किसानों का बड़ा आंदोलन — गन्ने का ₹7,000/टन भाव माँगा! पुणे शुगर कमिश्नर ऑफिस पर धरना

देशभर में आगामी पेराई सत्र 2026-27 की तैयारियों के बीच गन्ना मूल्य को लेकर किसानों का गुस्सा फूट पड़ा है। 24 अगस्त 2026 को महाराष्ट्र के पुणे स्थित शुगर कमिश्नर (चीनी आयुक्त) कार्यालय के बाहर हजारों गन्ना किसानों ने विशाल धरना-प्रदर्शन किया। किसान संगठनों ने बढ़ती लागत के अनुपात में गन्ने का भाव सीधे ₹7,000 प्रति टन (यानी ₹700 प्रति क्विंटल) तय करने की पुरजोर माँग उठाई है।
पुणे धरने की प्रमुख माँगें और किसानों का आक्रोश
प्रदर्शनकारी किसानों का कहना है कि डीजल, उर्वरक, कीटनाशक और मजदूरी की लागत दोगुनी से अधिक हो चुकी है, जबकि गन्ने का सरकारी भाव बेहद कम है। धरने के दौरान किसानों ने निम्नलिखित प्रमुख माँगें रखीं:
- ₹7,000 प्रति टन का भाव: मौजूदा एफआरपी (FRP) किसानों की लागत निकालने में असमर्थ है, इसलिए इसे बढ़ाकर ₹7,000/टन किया जाए।
- चीनी व बाई-प्रोडक्ट्स में पारदर्शिता: मिलों द्वारा चीनी बिक्री, शीरा (Molasses), बगास और एथेनॉल से होने वाली भारी कमाई का ब्योरा सार्वजनिक हो।
- वजन में हेराफेरी पर रोक: कांटा पर्ची और वजन तौल की डिजिटल निगरानी की जाए।
- तत्काल भुगतान: 14 दिनों के भीतर शत-प्रतिशत भुगतान सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजा जाए।
देशव्यापी आंदोलन की सुगबुगाहट: पंजाब से महाराष्ट्र तक
यह आक्रोश सिर्फ महाराष्ट्र तक सीमित नहीं है। संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) ‘किसान बचाओ पदयात्रा’ के जरिए राज्यों में किसानों को लामबंद कर रहा है। वहीं, पंजाब में BKU (दोआबा) ने भी पिछले सत्र के करोड़ों रुपये के बकाया भुगतान को लेकर राज्यव्यापी चक्का जाम और आंदोलन की अंतिम चेतावनी दे दी है।
गन्ना भाव तुलना: किसानों की माँग बनाम मौजूदा दरें
| राज्य / श्रेणी | मौजूदा सरकारी दर | किसानों की ताज़ा माँग |
|---|---|---|
| महाराष्ट्र (FRP आधार) | ~₹3,400 - ₹3,650 / टन | ₹7,000 / टन (माँग) |
| उत्तर प्रदेश (SAP) | ₹370 / क्विंटल (₹3,700/टन) | ₹450 - ₹500 / क्विंटल |
| पंजाब (SAP) | ₹391 / क्विंटल (₹3,910/टन) | ₹450+ / क्विंटल + बकाया ब्याज |
उत्तर प्रदेश (UP) के गन्ना किसानों पर क्या होगा असर?
महाराष्ट्र के इस बड़े आंदोलन का सीधा असर उत्तर प्रदेश के 45 लाख से अधिक गन्ना किसानों पर पड़ेगा:
- SAP ₹450 पार करने का दबाव: यूपी में योगी सरकार 15 अक्टूबर 2026 से मिलें चलाने की तैयारी कर रही है। पश्चिमी यूपी और पूर्वांचल के किसान संगठन अब ₹450 से ₹500 प्रति क्विंटल राज्य परामर्शित मूल्य (SAP) घोषित करने की माँग तेज करेंगे।
- एथेनॉल मुनाफे में हिस्सेदारी: महाराष्ट्र की तर्ज पर यूपी के किसान भी एथेनॉल और सह-उत्पादों के मुनाफे में 20% राजस्व साझेदारी की माँग को प्रमुख मुद्दा बनाएंगे।
- चुनावी व नीतिगत प्रभाव: पेराई सत्र शुरू होने से पहले किसानों की यह लामबंदी सरकारों को गन्ना मूल्य में ठोस बढ़ोतरी करने पर विवश कर सकती है।
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