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चीनी गोदामों पर प्रशासनिक छापे तेज — 2,000 क्विंटल स्टॉक सीमा का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश

Aamir Raza Aamir Raza • Sep 2, 2026 • 3 min read
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चीनी गोदामों पर प्रशासनिक छापे तेज — 2,000 क्विंटल स्टॉक सीमा का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश
अंतिम अपडेट: September 2, 2026 9:30 PM IST — यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

मेरठ / हापुड़: केंद्र सरकार द्वारा चीनी व्यापारियों के लिए स्टॉक सीमा 4,000 क्विंटल से घटाकर 2,000 क्विंटल किए जाने के बाद उत्तर प्रदेश के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) और मंडी परिषद की संयुक्त प्रवर्तन टीमों ने आज 2 सितंबर को पश्चिमी यूपी के प्रमुख थोक व्यापारिक केंद्रों में व्यापक छापेमारी अभियान चलाया। मेरठ के दिल्ली रोड थोक गल्ला मंडी, हापुड़ नवीन मंडी और मुजफ्फरनगर के गुड मंडी परिसर में स्थित 28 बड़े चीनी थोक विक्रेताओं के गोदामों का भौतिक सत्यापन किया गया।

निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने व्यापारियों के स्टॉक रजिस्टर, खरीद बिल, जीएसटी ई-वे बिल और गोदामों में रखी चीनी की बोरियों की गिनती का प्रत्यक्ष मिलान किया। जांच में हापुड़ और मेरठ के दो बड़े थोक व्यापारियों के गोदामों में घोषित मात्रा से अधिक चीनी मिलने और स्टॉक रजिस्टर में डिस्पैच की सही प्रविष्टि न होने पर आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act, 1955) के तहत कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

30 दिनों से अधिक भंडारण पर पूर्ण प्रतिबंध

मंडी समिति के सचिव ने निरीक्षण के बाद पत्रकारों को बताया, “सरकार का स्पष्ट निर्देश है कि आगामी त्योहारी सीजन में किसी भी स्थिति में चीनी की कृत्रिम किल्लत पैदा कर कीमतें न बढ़ाई जाएं। केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित नए नियमों के तहत 15 सितंबर से 2,000 क्विंटल की सख्त सीमा लागू हो जाएगी। इसके अलावा किसी भी व्यापारी को चीनी खरीद की तारीख से 30 दिनों से अधिक समय तक स्टॉक रोकने की अनुमति नहीं है। व्यापारियों को प्रतिदिन अपने स्टॉक की घोषणा ऑनलाइन पोर्टल पर करनी होगी।”

उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल ने इस संबंध में जिला पूर्ति अधिकारी से मुलाकात कर आग्रह किया है कि जिन व्यापारियों ने अगस्त के अंतिम सप्ताह में मिलों से माल उठाया था, उन्हें 15 सितंबर से पहले माल खपाने के लिए पर्याप्त समय दिया जाए। व्यापार मंडल ने आश्वस्त किया है कि सभी पंजीकृत व्यापारी सरकारी नियमों का पूर्ण अनुपालन करेंगे।

खुदरा बाजार में चीनी की कीमतों में नरमी का रुख

प्रशासनिक सख्ती और दैनिक जांच के डर से थोक व्यापारियों ने मिलों से आने वाले स्टॉक को तुरंत खुदरा किराना दुकानों में सप्लाई करना शुरू कर दिया है। इसके चलते पश्चिमी उत्तर प्रदेश की थोक मंडियों में चीनी का एक्स-मिल भाव प्रति क्विंटल ₹3,840 से गिरकर ₹3,780 पर आ गया है, जबकि खुदरा बाजार में चीनी ₹42 से ₹44 प्रति किलोग्राम के स्थिर स्तर पर बिक रही है।

जिलाधिकारी मेरठ ने स्पष्ट किया है कि यह चेकिंग अभियान आगामी तीन महीनों तक अनवरत चलेगा। यदि कोई व्यापारी बेनामी गोदामों या कोल्ड स्टोरेज में अवैध भंडारण करता पाया गया, तो उसका लाइसेंस निरस्त करने के साथ-साथ माल को कुर्क कर सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में नीलाम कर दिया जाएगा।

मिलों और डिस्टिलरियों के डिस्पैच पर नजर

प्रशासन ने चीनी मिलों के इलेक्ट्रॉनिक वे-ब्रिज और कांटों पर भी सीसीटीवी निगरानी बैठा दी है ताकि बिना वैध गेट-पास के कोई भी ट्रक मिल परिसर से बाहर न निकल सके। सभी ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों को चेतावनी दी गई है कि वे केवल पंजीकृत व्यापारियों का माल ही ले जाएं।

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Aamir Raza
लेखक एवं मुख्य संपादक

Aamir Raza

संस्थापक एवं प्रधान संपादक — CaneUp.xyz। उत्तर प्रदेश गन्ना उद्योग, पर्ची कैलेंडर, SAP/MSP मूल्य नीति, ई-गन्ना पोर्टल और किसान अधिकारों पर 10+ वर्षों का जमीनी अनुभव।

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