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मवाना मिल में 2 नवंबर से पेराई शुरू, 162 क्रय केंद्र तैयार: 15 हजार क्विंटल का इंडेंट जारी, जानें आपकी पर्ची कब

Aamir Raza Aamir Raza • Nov 1, 2026 • 6 min read
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मवाना मिल में 2 नवंबर से पेराई शुरू, 162 क्रय केंद्र तैयार: 15 हजार क्विंटल का इंडेंट जारी, जानें आपकी पर्ची कब
अंतिम अपडेट: November 1, 2026 5:01 PM IST — यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

मेरठ जिले के गन्ना किसानों के लिए पेराई सत्र 2026-27 की सबसे ठोस खबर मवाना चीनी मिल से आई है। मिल प्रबंधन के अनुसार, मवाना मिल में 2 नवंबर से गन्ने की पेराई शुरू हो रही है और तौल का काम 31 अक्टूबर से ही शुरू कर दिया गया है। मिल क्षेत्र में निर्धारित 174 गन्ना क्रय केंद्रों में से 162 केंद्र स्थापित हो चुके हैं। 31 अक्टूबर को 30 केंद्रों पर 15 हजार क्विंटल गन्ने का इंडेंट जारी हुआ और 1 नवंबर के लिए 30 हजार क्विंटल का इंडेंट दिया गया है। यानी जिन किसानों की पर्ची इन तारीखों की है, वे तय केंद्र पर गन्ना पहुंचा सकते हैं।

मवाना मिल में 2 नवंबर से पेराई, 162 केंद्र तैयार

दैनिक जागरण की 29 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, मवाना चीनी मिल में पेराई सत्र 2026-27 की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। मिल के वरिष्ठ महाप्रबंधक एवं प्रशासनिक अधिकारी प्रमोद बालियान ने बताया है कि नए सत्र से पहले सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएंगी। क्रय केंद्र ही वह जगह है जहां किसान का गन्ना तुलता है, इसलिए 162 केंद्रों का तैयार होना किसानों के लिए सीधी राहत है — उन्हें गन्ना लेकर दूर की मिल तक भागने की जरूरत नहीं है।

मवाना मिल का यह शेड्यूल अकेली खबर नहीं है। नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट में भी मवाना का नाम 2 नवंबर से पेराई शुरू करने वाली मिलों में दर्ज है। फिर भी याद रखें — पेराई की तारीख मौसम और मिल की तैयारी के अनुसार आगे-पीछे हो सकती है। अपनी मिल और केंद्र की सही तारीख गन्ना समिति या क्रय केंद्र से जरूर पुष्टि करें।

इंडेंट का गणित: 31 अक्टूबर को 15 हजार, 1 नवंबर को 30 हजार क्विंटल

कई किसान इंडेंट शब्द से उलझ जाते हैं — इसका मतलब है कि मिल ने किसी खास तारीख को कितना गन्ना खरीदने का लक्ष्य तय किया है। मवाना मिल ने 31 अक्टूबर को 30 केंद्रों पर 15 हजार क्विंटल और 1 नवंबर के लिए 30 हजार क्विंटल गन्ने का इंडेंट जारी किया। यानी दो दिनों में कुल 45 हजार क्विंटल गन्ना खरीदने की व्यवस्था बनाई गई है।

किसान के लिए इसका मतलब यह है कि अगर आपकी पर्ची 31 अक्टूबर या 1 नवंबर की है, तो आपका गन्ना इन्हीं केंद्रों पर तुलना है। पर्ची से पहले गन्ना काटकर खेत में न रखें, क्योंकि कटा हुआ गन्ना सूखने पर वजन और चीनी की मात्रा घटाता है। पर्ची की तारीख, केंद्र का नाम और गन्ने की किस्म — तीनों का मिलान करके ही कटाई शुरू करें। गलत केंद्र पर गन्ना पहुंचाने से तौल में विवाद हो सकता है और भुगतान भी अटक सकता है।

मेरठ जिले का पूरा शेड्यूल: किनौनी से सकौती तक

मवाना अकेली मिल नहीं है। मेरठ जिला पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गन्ना बेल्ट का बड़ा केंद्र है। दैनिक जागरण के अनुसार, जिले में छह चीनी मिलें संचालित हैं और इनकी कुल पेराई क्षमता 48,800 टीसीडी है। जिले में गन्ना किसानों की संख्या करीब 2.22 लाख बताई गई है।

मेरठ जिले के शेड्यूल के अनुसार, 1 नवंबर से किनौनी चीनी मिल में गन्ने की पेराई शुरू हुई। 2 नवंबर को मवाना के साथ नंगलामल और दौराला की मिलें भी चलेंगी। इसके बाद मोहिउद्दीनपुर और सकौती मिलों का संचालन शुरू होगा। किसानों को सलाह है कि वे अपनी मिल की तारीख के हिसाब से मजदूर, ट्रैक्टर-ट्रॉली और रास्तों की व्यवस्था पहले से पक्की कर लें।

2026-27 एसएपी की घोषणा अब भी बाकी

अब सबसे बड़े सवाल पर आते हैं — इस सत्र का गन्ना भाव क्या होगा। साफ-साफ समझ लें: 2026-27 एसएपी की घोषणा अभी बाकी है। पेराई शुरू होने के बावजूद सरकार ने अब तक इस सत्र का गन्ना मूल्य घोषित नहीं किया है। पिछले पेराई सत्र यानी 2025-26 में अगेती किस्म का गन्ना मूल्य 400 रुपये प्रति क्विंटल और सामान्य किस्म का मूल्य 390 रुपये प्रति क्विंटल था। ये आंकड़े पिछले सत्र के हैं, इस सत्र के नहीं — इन्हें इस सत्र का भाव मानकर हिसाब न लगाएं।

किसान संगठनों की मांग गन्ने का भाव 500 से 600 रुपये प्रति क्विंटल के बीच करने की रही है। मीडिया में 28 से 40 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की अटकलें भी सामने आई हैं, लेकिन यह आधिकारिक घोषणा नहीं है। सरकार की अधिसूचना आने तक किसी भी दावे को पक्का न मानें। भाव घोषित होने के बाद भुगतान का हिसाब तौल रसीद के आधार पर होगा, इसलिए रसीद संभालकर रखें।

भुगतान: 14 दिन का दावा, देरी हो तो क्या करें

पेराई के बाद दूसरी बड़ी चिंता भुगतान की होती है। मवाना मिल प्रबंधन ने कहा है कि पिछले वर्ष की तरह इस बार भी किसानों को गन्ने का भुगतान नियमानुसार 14 दिनों के भीतर किया जाएगा। यह मिल प्रबंधन का आश्वासन है, हर मिल पर लागू नियम नहीं — उत्तर प्रदेश की कुल 122 चीनी मिलों में भुगतान की गति अलग-अलग रहती है।

भुगतान में देरी हो तो सबसे पहले अपनी तौल रसीद जांचें — उस पर तारीख, वजन और केंद्र का नाम सही होना चाहिए। इसके बाद गन्ना समिति और जिला गन्ना अधिकारी से संपर्क करें। सत्यापित हेल्पलाइन नंबर ये हैं: टोल-फ्री 1800-121-3203 और 1800-180-5129, और सरकारी एसएमएस शॉर्टकोड 51969। किसी अनजान नंबर पर अपनी पर्ची, बैंक खाता या ओटीपी कभी साझा न करें — ठग अक्सर भुगतान के नाम पर किसानों को फोन करते हैं।

पर्ची से पहले ये 5 काम जरूर करें

पहला, सट्टा और कैलेंडर जांच लें — ई-गन्ना ऐप या समिति से पर्ची की तारीख और क्रय केंद्र पुष्टि करें। दूसरा, पंजीकृत मोबाइल नंबर सक्रिय रखें, क्योंकि पर्ची की सूचना एसएमएस से भी आती है। तीसरा, मजदूर और ट्रैक्टर-ट्रॉली की व्यवस्था पहले से पक्की करें, खासकर बारिश के बाद कीचड़ वाले रास्तों को ध्यान में रखकर। चौथा, तौल के समय रसीद जरूर लें और उस पर तारीख तथा वजन जांचकर संभालकर रखें। पांचवां, किस्म और पर्ची का मिलान करें — गलत किस्म की आपूर्ति से विवाद हो सकता है।

एक और जरूरी बात — बारिश के बाद खेत में पानी भरा हो तो कटाई में जल्दबाजी न करें। गीला और अधिक नमी वाला गन्ना मिलें खरीदने से बचती हैं, क्योंकि इससे चीनी की रिकवरी घटती है। खेत सूखने का इंतजार करना फायदेमंद रहता है।

पूछे जाने वाले प्रश्न

मवाना मिल में पेराई कब से शुरू हो रही है? मिल प्रबंधन के अनुसार, मवाना मिल में पेराई 2 नवंबर से शुरू हो रही है। तौल 31 अक्टूबर से शुरू हो गई है।

मवाना मिल क्षेत्र में कितने क्रय केंद्र तैयार हैं? निर्धारित 174 क्रय केंद्रों में से 162 केंद्र स्थापित हो चुके हैं।

31 अक्टूबर और 1 नवंबर को कितना इंडेंट जारी हुआ है? 31 अक्टूबर को 30 केंद्रों पर 15 हजार क्विंटल और 1 नवंबर के लिए 30 हजार क्विंटल गन्ने का इंडेंट जारी किया गया है।

2026-27 का गन्ना भाव घोषित हुआ है क्या? नहीं, 2026-27 एसएपी की घोषणा अभी बाकी है। पिछले सत्र 2025-26 में अगेती का भाव 400 रुपये और सामान्य किस्म का भाव 390 रुपये प्रति क्विंटल था।

भुगतान कितने दिन में मिलेगा? मवाना मिल प्रबंधन ने नियमानुसार 14 दिनों के भीतर भुगतान का आश्वासन दिया है। देरी हो तो गन्ना समिति और जिला गन्ना अधिकारी से संपर्क करें।

स्रोत: दैनिक जागरण (29 अक्टूबर 2026), दैनिक जागरण मेरठ शेड्यूल (27 अक्टूबर 2026), नवभारत टाइम्स।

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Aamir Raza
लेखक एवं मुख्य संपादक

Aamir Raza

संस्थापक एवं प्रधान संपादक — CaneUp.xyz। उत्तर प्रदेश गन्ना उद्योग, पर्ची कैलेंडर, SAP/MSP मूल्य नीति, ई-गन्ना पोर्टल और किसान अधिकारों पर 10+ वर्षों का जमीनी अनुभव।

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