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मेरठ में बारिश ने बिगाड़ा पेराई शेड्यूल: मवाना टली, दौराला 6 नवंबर और नंगलामल 5 से 7 नवंबर के बीच चलेगी

Aamir Raza Aamir Raza • Nov 2, 2026 • 6 min read
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मेरठ में बारिश ने बिगाड़ा पेराई शेड्यूल: मवाना टली, दौराला 6 नवंबर और नंगलामल 5 से 7 नवंबर के बीच चलेगी
अंतिम अपडेट: November 2, 2026 10:40 AM IST — यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

मेरठ के गन्ना किसानों के लिए 2 नवंबर की सुबह वैसी नहीं रही जैसी उन्होंने सोची थी। मवाना, दौराला और नंगलामल मिलों के लिए गन्ना तैयार कर चुके किसानों को अब नई तारीख का इंतजार करना होगा। 29 और 30 अक्टूबर की भारी बारिश ने खेतों में पानी भर दिया, कटाई-छिलाई रुक गई और केंद्रों पर कीचड़ फैल गया। नतीजा यह हुआ कि तीनों मिलों का पेराई शेड्यूल आगे बढ़ गया है। मवाना की नई तारीख अभी घोषित नहीं हुई है, दौराला 6 नवंबर से चलेगी और नंगलामल 5 से 7 नवंबर के बीच शुरू होने की उम्मीद है।

मवाना मिल: 2 नवंबर से चलनी थी, अब नई तारीख का इंतजार

मवाना शुगर वर्क्स का पेराई सत्र 2026-27 दो नवंबर से शुरू होना था। मिल ने 174 में से 162 क्रय केंद्र स्थापित कर लिए थे और 31 अक्टूबर व 1 नवंबर के लिए इंडेंट भी जारी कर दिया था। लेकिन 29 और 30 अक्टूबर की बारिश ने सारी तैयारी पर पानी फेर दिया। अमर उजाला की 30 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, भारी बारिश से गन्ने की कटाई-छिलाई रुक गई।

मिल के महाप्रबंधक प्रमोद बालियान ने बताया है कि बारिश से मिल परिसर में बेगास गीली हो गई है और कई क्रय केंद्रों पर तौल का काम भी संभव नहीं है। मिल संचालन की नई तारीख जल्द घोषित की जाएगी। किसानों से अपील की गई है कि वे नई तारीख के बाद ही गन्ने की कटाई-छिलाई करें। इसका सीधा मतलब है कि मवाना से जुड़े किसान अभी गन्ना न काटें। कटा हुआ गन्ना खेत में पड़ा रहा तो उसका वजन घटेगा और चीनी की मात्रा भी कम होगी।

दौराला मिल: 2 नवंबर की जगह अब 6 नवंबर से पेराई

दौराला चीनी मिल में पहले 2 नवंबर को पेराई शुरू होनी थी, लेकिन लगातार बारिश से कटाई और ढुलाई प्रभावित होने की आशंका से तारीख बढ़ा दी गई है। अब दौराला मिल का पेराई सत्र 6 नवंबर से शुरू होगा। मिल के वरिष्ठ महाप्रबंधक आरएस सहरावत के अनुसार, पेराई की सभी तैयारियां पूरी हैं, केवल खेतों के सूखने का इंतजार है।

दौराला से जुड़े किसानों के लिए यह चार दिन की देरी छोटी नहीं है। जिन किसानों की पर्ची 2 या 3 नवंबर की थी, उनकी पर्ची का शेड्यूल भी आगे खिसक सकता है। इसलिए पर्ची की नई तारीख के लिए अपने क्रय केंद्र या गन्ना समिति से संपर्क जरूर करें। पुरानी पर्ची के भरोसे गन्ना लेकर केंद्र पहुंचने पर तौल से इनकार हो सकता है।

नंगलामल मिल: 5 से 7 नवंबर के बीच शुरू होने की संभावना

नंगलामल शुगर मिल का पेराई सत्र भी पहले 2 नवंबर को शुरू होना था। खराब मौसम और केंद्रों पर कीचड़ के कारण इसे टाल दिया गया है। अब यह 5 से 7 नवंबर के बीच शुरू होने की संभावना है। गन्ना महाप्रबंधक अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया है कि जलभराव के कारण 2 नवंबर को पेराई शुरू नहीं हो सकी।

यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि नंगलामल की तारीख अभी एक तय दिन नहीं, बल्कि तीन दिन का अनुमान है। मिल प्रबंधन खेतों के सूखने और केंद्रों की स्थिति देखकर अंतिम तारीख घोषित करेगा। इसलिए नंगलामल से जुड़े किसान 5 नवंबर से पहले अपने केंद्र से ताजा सूचना जरूर लें। अनुमान के भरोसे मजदूर और ट्रॉली बुक कराना महंगा पड़ सकता है।

सकौती मिल में हवन-पूजन, बाकी मिलों की तैयारी पूरी

सकौती स्थित आईपीएल चीनी मिल में नए पेराई सत्र के निर्विघ्न संचालन की कामना के साथ हवन-पूजन किया गया है। मेरठ जिले की छह चीनी मिलों की कुल पेराई क्षमता 48,800 टीसीडी बताई गई है। दैनिक जागरण के अनुसार, किनौनी मिल 1 नवंबर से शुरू हुई और मोहिउद्दीनपुर व सकौती मिलें नवंबर के पहले सप्ताह में शुरू होने वाली थीं। कुल मिलाकर मेरठ में पेराई सत्र शुरू तो हो गया है, लेकिन बारिश ने उसके पहले सप्ताह की रफ्तार धीमी कर दी है।

नई पर्ची और इंडेंट: किसान ये 5 काम जरूर करें

पहला काम, अपनी मिल की नई तारीख की पुष्टि करें। दूसरा काम, क्रय केंद्र से नई पर्ची या इंडेंट की तारीख पूछें, क्योंकि पुरानी पर्ची की तारीख अपने आप आगे नहीं बढ़ती। तीसरा काम, मजदूर और ट्रॉली की बुकिंग नई तारीख के हिसाब से दोबारा पक्की करें। चौथा काम, खेत सूखने के बाद ही कटाई करें और साफ गन्ना ही केंद्र पर ले जाएं। पांचवां काम, तौल रसीद को संभालकर रखें, क्योंकि भुगतान का हिसाब उसी रसीद के आधार पर होगा।

भुगतान को लेकर भी एक बात साफ रखनी चाहिए। मिल प्रबंधन का दावा है कि भुगतान नियमानुसार 14 दिनों के भीतर किया जाएगा, लेकिन उत्तर प्रदेश की कुल 122 चीनी मिलों में भुगतान की गति अलग-अलग रहती है। देरी होने पर गन्ना समिति और जिला गन्ना अधिकारी से शिकायत करें। गन्ना विभाग के टोल-फ्री नंबर 1800-121-3203 पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।

2026-27 एसएपी की घोषणा अब भी बाकी है

पेराई शुरू होने के बावजूद इस सत्र के गन्ना मूल्य की घोषणा अभी बाकी है। साफ-साफ समझ लें कि 2026-27 एसएपी की घोषणा अभी नहीं हुई है। पिछले पेराई सत्र यानी 2025-26 में अगेती किस्म का गन्ना मूल्य 400 रुपये प्रति क्विंटल और सामान्य किस्म का मूल्य 390 रुपये प्रति क्विंटल था। ये आंकड़े पिछले सत्र के हैं, इस सत्र के नहीं। इन्हें इस सत्र का भाव मानकर हिसाब न लगाएं। किसान संगठनों की मांग गन्ने का भाव 500 से 600 रुपये प्रति क्विंटल के बीच करने की रही है, लेकिन सरकार की अधिसूचना आने तक किसी भी दावे को पक्का न मानें।

आज का मौसम: मेरठ में धूप, खेत सूखने का मौका

राहत की खबर है कि मेरठ में आज मौसम साफ रहने का अनुमान है। धूप निकलने से खेतों का पानी सूखेगा और कटाई-छिलाई का काम फिर पटरी पर आएगा। फिर भी निचले इलाकों के खेतों में पानी दो-तीन दिन और रह सकता है। जिन खेतों में अभी पानी भरा है, वहां ट्रैक्टर ले जाने से बचें। मेरठ के किसानों के लिए सार यही है कि बारिश ने शेड्यूल जरूर बिगाड़ा है, लेकिन घबराहट में गन्ना काटना उससे बड़ा नुकसान है। मवाना की नई तारीख का इंतजार करें, दौराला के लिए 6 नवंबर और नंगलामल के लिए 5 से 7 नवंबर के बीच की तैयारी रखें। पर्ची, केंद्र और तारीख तीनों का मिलान करके ही गन्ना भेजें।

जवाब जानिए

मवाना मिल कब से चलेगी? मवाना मिल का पेराई सत्र 2 नवंबर से शुरू होना था, लेकिन 29-30 अक्टूबर की बारिश से यह टल गया है। मिल प्रबंधन के अनुसार नई तारीख जल्द घोषित की जाएगी।

दौराला और नंगलामल मिल की नई तारीख क्या है? दौराला मिल अब 6 नवंबर से और नंगलामल मिल 5 से 7 नवंबर के बीच शुरू होने की संभावना है। अंतिम तारीख के लिए अपने क्रय केंद्र से पुष्टि करें।

पुरानी पर्ची पर गन्ना तौला जाएगा? पुरानी पर्ची की तारीख आगे बढ़ सकती है। बिना नई सूचना के गन्ना लेकर केंद्र न जाएं।

बारिश के बाद गन्ना कब काटें? खेत सूखने के बाद ही कटाई करें। गीला गन्ना वजन और चीनी की मात्रा दोनों घटाता है।

2026-27 का गन्ना भाव क्या है? 2026-27 एसएपी की घोषणा अभी बाकी है। 2025-26 में अगेती का भाव 400 रुपये और सामान्य का 390 रुपये प्रति क्विंटल था।

स्रोत: अमर उजाला (30 अक्टूबर 2026), दैनिक जागरण (27 और 29 अक्टूबर 2026), नवभारत टाइम्स।

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Aamir Raza
लेखक एवं मुख्य संपादक

Aamir Raza

संस्थापक एवं प्रधान संपादक — CaneUp.xyz। उत्तर प्रदेश गन्ना उद्योग, पर्ची कैलेंडर, SAP/MSP मूल्य नीति, ई-गन्ना पोर्टल और किसान अधिकारों पर 10+ वर्षों का जमीनी अनुभव।

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