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मेरठ व सहारनपुर मंडल में किसान ड्रोन छिड़काव पर 50% सब्सिडी — आज से ऑनलाइन स्लॉट बुकिंग शुरू

Randhir Patil Randhir Patil Sep 1, 2026 3 min read
मेरठ व सहारनपुर मंडल में किसान ड्रोन छिड़काव पर 50% सब्सिडी — आज से ऑनलाइन स्लॉट बुकिंग शुरू
अंतिम अपडेट: September 1, 2026 7:50 AM IST — यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

इस आर्टिकल में: CaneUp पर इस पोस्ट में गन्ना किसानों के लिए उपयोगी जानकारी दी गई है — गन्ना पर्ची कैलेंडर, MSP/FRP रेट, भुगतान स्थिति, सरकारी योजनाएं, eGanna App, खेती के टिप्स, और बिज़नेस आइडियाज। यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

मेरठ / सहारनपुर: उत्तर प्रदेश गन्ना विकास विभाग ने गन्ने की 12 फीट ऊंची खड़ी फसल में लाल सड़न (Red Rot) और चोटी बेधक (Top Borer) कीटों के प्रभावी नियंत्रण तथा सूक्ष्म पोषक तत्वों के छिड़काव के लिए मेरठ, सहारनपुर और मुरादाबाद मंडल के 8 जिलों (मेरठ, मुजफ्फरनगर, शामली, बागपत, सहारनपुर, बिजनौर, मुरादाबाद और अमरोहा) में ‘किसान ड्रोन छिड़काव प्रोत्साहन योजना’ के तहत आज 1 सितंबर 2026 से 50% सब्सिडी वाले ऑनलाइन स्लॉट की बुकिंग शुरू कर दी है।

विभागीय योजना के अंतर्गत सामान्य तौर पर ड्रोन सेवा प्रदाता कंपनियों द्वारा लिया जाने वाला ₹500 प्रति एकड़ का शुल्क अब किसानों के लिए घटाकर मात्र ₹250 प्रति एकड़ कर दिया गया है। शेष ₹250 प्रति एकड़ की धनराशि का भुगतान गन्ना विकास विभाग सीधे डीबीटी के माध्यम से अधिकृत ड्रोन पायलट एजेंसियों को अनुदान के रूप में करेगा।

CaneUp पोर्टल और eGanna App से स्लॉट बुक करें

उप गन्ना आयुक्त मेरठ परिक्षेत्र ने योजना के संचालन विवरण की जानकारी देते हुए बताया, “सितंबर माह में गन्ने की फसल इतनी घनी और ऊंची हो जाती है कि मजदूर पीठ पर स्प्रेयर टांगकर खेत के अंदर नहीं घुस पाते। ड्रोन तकनीक से मात्र 7 से 10 मिनट में 1 एकड़ खेत में 100% एकसमान और सूक्ष्म बूंदों से छिड़काव हो जाता है, जिससे दवा की 30% और पानी की 90% बचत होती है।”

किसान भाई निम्नलिखित 4 आसान चरणों में अपना स्लॉट बुक कर सकते हैं:

  1. उत्तर प्रदेश गन्ना पोर्टल caneup.in या eGanna App खोलें।
  2. होमपेज पर दिए गए ‘किसान ड्रोन स्प्रे बुकिंग (Drone Spray Booking 2026)’ लिंक पर क्लिक करें।
  3. अपना किसान कोड, गाँव, गन्ने का रकबा और छिड़काव की जाने वाली दवा का प्रकार (कीटनाशक / नैनो यूरिया / पोटाश) दर्ज करें।
  4. बुकिंग कन्फर्म होते ही 48 घंटे के भीतर अधिकृत ड्रोन पायलट की टीम जीपीएस लोकेशन लेकर सीधे किसान के खेत पर पहुंचेगी।

36 विशेष कस्टम हायरिंग केंद्रों पर ड्रोन तैनात

सहारनपुर और मुजफ्फरनगर जिलों में कृषि विज्ञान केंद्रों और सहकारी समितियों के माध्यम से 36 विशेष ड्रोन कस्टम हायरिंग केंद्र स्थापित किए गए हैं। प्रत्येक ड्रोन में 10 से 16 लीटर क्षमता का टैंक, हाई-प्रिसिजन जीपीएस और कोलाइडल ऑटो-सेंसर लगे हैं जो गन्ने की ऊंचाई से 1.5 मीटर ऊपर रहकर ऑटोमैटिक छिड़काव करते हैं।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि पहले चरण में ‘पहले आओ-पहले पाओ’ के आधार पर प्रत्येक ब्लॉक में 5,000 एकड़ रकबे के लिए सब्सिडी स्लॉट आवंटित किए जाएंगे। किसान भाई अपनी गन्ना समिति या चीनी मिल के गन्ना पर्यवेक्षक के पास जाकर भी ऑफलाइन बुकिंग करा सकते हैं।

ड्रोन छिड़काव से पर्यावरण और किसान स्वास्थ्य की सुरक्षा

परंपरागत रूप से गन्ने के घने खेतों में पीठ पर भारी टंकी लादकर कीटनाशक का छिड़काव करने से मजदूरों में त्वचा रोग, आंखों में जलन और जहरीली गैस की सांस लेने से स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं हो जाती थीं। ड्रोन तकनीक से किसान और मजदूर दोनों ही जहरीले रसायनों के सीधे संपर्क से पूरी तरह सुरक्षित रहते हैं।

इसके अतिरिक्त, ड्रोन के नीचे लगे हाई-प्रेशर प्रोपेलर डाउनवॉश (हवा के तेज दबाव) के कारण दवा पत्तियों के ऊपरी हिस्से के साथ-साथ निचली सतह और तने के जोड़ों तक भी 100% पहुंचती है, जिससे कीटों और फंगस का समूल नाश होता है।

Randhir Patil
लेखक

Randhir Patil

गन्ना उद्योग विशेषज्ञ — ChiniMandi पर 425+ लेख। गन्ना खेती, शुगर मिल, MSP रेट, सरकारी योजनाओं पर विश्वसनीय जानकारी।

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