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आज से मोदीनगर मोदी मिल में पेराई शुरू: 95 लाख क्विंटल का लक्ष्य, पिछले सत्र का पूरा भुगतान किसानों को बड़ी राहत

Aamir Raza Aamir Raza • Nov 4, 2026 • 6 min read
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आज से मोदीनगर मोदी मिल में पेराई शुरू: 95 लाख क्विंटल का लक्ष्य, पिछले सत्र का पूरा भुगतान किसानों को बड़ी राहत
अंतिम अपडेट: November 4, 2026 9:50 AM IST — यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

गाजियाबाद जिले के मोदीनगर क्षेत्र के गन्ना किसानों के लिए आज का दिन खास है। मोदी चीनी मिल में पेराई सत्र 2026-27 का औपचारिक शुभारंभ आज, 4 नवंबर से हो रहा है। मिल प्रबंधन ने इस सत्र के लिए 95 लाख क्विंटल गन्ना पेराई का लक्ष्य रखा है, और राहत की बात यह है कि बीते सत्र 2025-26 का संपूर्ण भुगतान किसानों को पहले ही किया जा चुका है।

मोदीनगर मिल का यह सत्र ऐसे समय में शुरू हो रहा है जब प्रदेश भर में पेराई का काम गति पकड़ रहा है, लेकिन इस सत्र का गन्ना मूल्य यानी एसएपी अभी घोषित नहीं हुआ है। इसलिए आज की खबर में दो बातें एक साथ हैं — पेराई शुरू होने और लक्ष्य तय होने की ठोस खबर, और भाव की घोषणा का इंतजार।

हवन-पूजन के साथ शुरुआत, आज से औपचारिक पेराई

मोदी चीनी मिल के नए पेराई सत्र की शुरुआत शनिवार को हवन-पूजन के साथ हुई थी। इस मौके पर उपजिलाधिकारी कोमल पंवार, सहकारी गन्ना समिति के चेयरमैन राजन चौधरी, ब्लॉक प्रमुख सुचेता सिंह, उमेश मोदी ग्रुप के सीईओ एनपी बंसल और मिल के उपाध्यक्ष वेदपाल मलिक मौजूद रहे। क्षेत्र के किसानों के साथ केन कैरियर में गन्ना डालकर सत्र की औपचारिक शुरुआत की गई।

इस अवसर पर जलालाबाद गांव के किसान श्योराज सिंह को पहली ट्रैक्टर-ट्रॉली से गन्ना आपूर्ति करने पर प्रथम पुरस्कार दिया गया। मिल के महाप्रबंधक डीडी कौशिक और उपाध्यक्ष वेदपाल मलिक ने कहा कि मिल प्रबंधन गन्ना किसानों के हितों को प्राथमिकता देगा।

95 लाख क्विंटल का लक्ष्य किसानों के लिए क्या मतलब रखता है

95 लाख क्विंटल का लक्ष्य एक बड़ा आंकड़ा है — लक्ष्य जितना बड़ा होगा, मिल को उतने ही अधिक गन्ने की जरूरत होगी, यानी क्रय केंद्रों पर आपूर्ति की रफ्तार बनी रहनी चाहिए। किसानों के लिए इसका मतलब यह है कि पर्ची और इंडेंट की व्यवस्था समय पर चलती रहे, तो गन्ना खेत में रुकेगा नहीं और अगली फसल की तैयारी के लिए खेत समय से खाली होगा।

यह भी ध्यान रखना होगा कि लक्ष्य पूरा होना इस बात पर निर्भर करता है कि मिल बिना लंबे ठहराव के चलती रहे और क्रय केंद्रों पर तौल व्यवस्था सुचारु रहे। इसलिए किसानों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी पर्ची की तारीख से पहले गन्ने की कटाई और छिलाई पूरी रखें, ताकि केंद्र पर पहुंचने में देरी न हो।

पिछले सत्र का पूरा भुगतान — भरोसे की सबसे बड़ी बात

मोदीनगर मिल की इस खबर का सबसे मजबूत पहलू पिछले सत्र का पूरा भुगतान है। प्रदेश में अभी भी कई मिलों पर पिछले सत्र का बकाया अटका है — बरेली की केसर मिल पर 162 करोड़ रुपये और बिजनौर की बिलाई मिल पर 26 करोड़ रुपये का बकाया चर्चा में है। ऐसे माहौल में किसी मिल का पिछले सत्र का भुगतान पूरा होना किसानों के भरोसे के लिए बड़ी बात है।

उपजिलाधिकारी की ओर से इस बात की सार्वजनिक प्रशंसा भी इसीलिए मायने रखती है, क्योंकि भुगतान पूरा होने की पुष्टि प्रशासन के सामने हुई है। फिर भी किसानों को सलाह है कि वे हर आपूर्ति की तौल पर्ची और भुगतान की जानकारी अपने पास सुरक्षित रखें।

प्रदेश की तस्वीर: 9 मिलें चल रहीं, 33 ने इंडेंट जारी किए

गन्ना विकास विभाग के अनुसार, प्रदेश में पेराई सत्र 2026-27 का काम शुरू हो चुका है। प्रदेश की 9 चीनी मिलों में पेराई शुरू हो गई है, जिनमें सहकारी क्षेत्र की 1 और निजी क्षेत्र की 8 मिलें शामिल हैं। साथ ही 33 चीनी मिलों ने गन्ना खरीद के लिए इंडेंट जारी कर दिया है, जिनमें से 24 में दिवाली से पहले पेराई शुरू होने का प्रस्ताव है।

मोदीनगर मिल मेरठ परिक्षेत्र में आती है, जहां नवंबर के पहले सप्ताह में ज्यादातर मिलें चालू हो रही हैं। मेरठ जिले में छह मिलें संचालित हैं — मवाना, दौराला, नंगलामल, सकौती, मोहिउद्दीनपुर और किनौनी — जिनमें से कई 2 से 7 नवंबर के बीच शुरू हो रही हैं।

भाव का सवाल अभी बाकी: 2026-27 एसएपी की घोषणा नहीं

इस खबर को पढ़ते समय सबसे जरूरी सावधानी भाव को लेकर है। पेराई सत्र 2026-27 के लिए राज्य परामर्शित मूल्य यानी एसएपी की घोषणा अभी बाकी है। पिछले सत्र 2025-26 का एसएपी अगेती किस्म के लिए 400 रुपये प्रति क्विंटल और सामान्य किस्म के लिए 390 रुपये प्रति क्विंटल था, लेकिन यह दर नए सत्र की दर नहीं है।

ताजा रिपोर्टों के अनुसार, सरकार 2026-27 सत्र के लिए एसएपी में 10 से 20 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी पर विचार कर रही है। किसान संगठनों ने 50 से 100 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की मांग की है, जबकि मिल मालिक मौजूदा दरें बनाए रखने के पक्ष में हैं। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत ने कहा है कि गन्ने की उत्पादन लागत 400 रुपये प्रति क्विंटल को पार कर गई है। एसएपी सिफारिश समिति की बैठक मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हो चुकी है और अंतिम फैसला कैबिनेट से होगा।

किसान अब क्या करें — पर्ची, तौल और भुगतान की पांच जांच

नए सत्र में गन्ना आपूर्ति से पहले किसान ये जांच जरूर कर लें: ई-गन्ना ऐप या गन्ना समिति से पर्ची और इंडेंट की तारीख पहले से देख लें; क्रय केंद्र पर तौल के समय पर्ची पर दर्ज वजन और किस्म को मिलाएं; हर आपूर्ति की रसीद संभालकर रखें; और भुगतान की जानकारी नियमित रूप से बैंक खाते और ई-गन्ना ऐप पर जांचते रहें। किसी भी गड़बड़ी पर पहले गन्ना समिति और जिला गन्ना अधिकारी से संपर्क करें।

शिकायत या जानकारी के लिए किसान सरकार के सत्यापित माध्यमों का इस्तेमाल करें: टोल-फ्री नंबर 1800-121-3203 और 1800-180-5129, तथा एसएमएस शॉर्टकोड 51969। किसी भी अनजान नंबर पर भुगतान या पर्ची के नाम पर जानकारी साझा न करें।

आगे क्या देखना होगा

आने वाले दिनों में तीन बातों पर नजर रहेगी: मोदीनगर मिल में 4 नवंबर से शुरू हुई औपचारिक पेराई बिना रुकावट चलती है या नहीं; मेरठ परिक्षेत्र की बाकी मिलों का संचालन तय तारीखों पर शुरू होता है या नहीं; और सबसे अहम, सरकार 2026-27 सत्र के एसएपी की घोषणा कब करती है।

आपके सवाल

मोदीनगर मोदी मिल में पेराई कब से शुरू हो रही है? मिल के नए पेराई सत्र 2026-27 की शुरुआत हवन-पूजन के साथ हो चुकी है और औपचारिक पेराई 4 नवंबर से शुरू हो रही है।

इस सत्र में कितने गन्ने की पेराई का लक्ष्य है? मिल प्रबंधन ने इस सत्र के लिए 95 लाख क्विंटल गन्ना पेराई का लक्ष्य रखा है।

क्या पिछले सत्र का भुगतान पूरा हो गया है? हां, उपजिलाधिकारी ने बीते पेराई सत्र 2025-26 का संपूर्ण भुगतान करने के लिए मिल प्रबंधन की प्रशंसा की है।

2026-27 सत्र का गन्ना भाव क्या है? इस सत्र के एसएपी की घोषणा अभी बाकी है। पिछले सत्र का भाव अगेती के लिए 400 रुपये और सामान्य के लिए 390 रुपये प्रति क्विंटल था, लेकिन इसे नए सत्र का भाव न समझें।

पर्ची और भुगतान की जानकारी कहां देखें? ई-गन्ना ऐप और अपनी गन्ना समिति से पर्ची व भुगतान की जानकारी मिलती है। शिकायत के लिए टोल-फ्री नंबर 1800-121-3203 और 1800-180-5129 तथा एसएमएस शॉर्टकोड 51969 उपलब्ध हैं।

स्रोत: अमर उजाला (1 नवंबर 2026), नवभारत टाइम्स (30 अक्टूबर 2026), बिजनेस स्टैंडर्ड (3 नवंबर 2026), किसान तक (4 नवंबर 2026)

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Aamir Raza
लेखक एवं मुख्य संपादक

Aamir Raza

संस्थापक एवं प्रधान संपादक — CaneUp.xyz। उत्तर प्रदेश गन्ना उद्योग, पर्ची कैलेंडर, SAP/MSP मूल्य नीति, ई-गन्ना पोर्टल और किसान अधिकारों पर 10+ वर्षों का जमीनी अनुभव।

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