मुजफ्फरनगर में आज 17 सितंबर की रात राकेश टिकैत की ऐतिहासिक 'रात्रि किसान महापंचायत' — शहर में ट्रैफिक डायवर्जन लागू, ₹500-₹600 गन्ना भाव का अल्टीमेटम

मुजफ्फरनगर / लखनऊ (CaneUp विशेष ब्यूरो — 17 सितंबर 2026): मुजफ्फरनगर में आज 17 सितंबर 2026 की शाम और रात को भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) की ऐतिहासिक ‘रात्रि किसान महापंचायत’ आयोजित हो रही है। राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत और राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत के आह्वान पर पश्चिमी यूपी, हरियाणा और पंजाब के हजारों किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ मुजफ्फरनगर पहुंच चुके हैं। सुरक्षा व सुचारू आवागमन के लिए महावीर चौक, सर्कुलर रोड और मेरठ-मुजफ्फरनगर मार्ग पर भारी वाहनों का डायवर्जन लागू किया गया है। महापंचायत में आगामी पेराई सत्र 2026-27 से पहले ₹500-₹600 प्रति क्विंटल गन्ना मूल्य घोषित करने का बड़ा अल्टीमेटम दिया जा रहा है।
📌 मुख्य घटनाक्रम और जमीनी विश्लेषण
उत्तर प्रदेश में आगामी पेराई सत्र 2026-27 के शुरू होने में अब मुश्किल से एक महीने का समय शेष बचा है। 17 सितंबर 2026 की इस बड़ी खबर के प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं:
- सीधा किसान प्रभाव: इस फैसले और घटनाक्रम से प्रदेश के लाखों गन्ना किसानों के सट्टे, आपूर्ति पर्चियों और समय पर भुगतान पर सीधा असर पड़ेगा।
- प्रशासनिक व विभागीय सक्रियता: गन्ना आयुक्त कार्यालय और संबंधित जिला गन्ना अधिकारियों (DCOs) ने पूरे मंडल में निगरानी बढ़ा दी है।
- लागत बनाम मूल्य की जंग: डीजल, खाद, कीटनाशक और श्रम लागत में आई बढ़ोतरी को देखते हुए किसान संगठन लगातार लामबंद हो रहे हैं।
📋 विस्तृत विवरण एवं तुलनात्मक तालिका
| प्रमुख मानक | वर्तमान स्थिति | आगामी सत्र 2026-27 के लिए लक्ष्य / मांग |
|---|---|---|
| गन्ना मूल्य (SAP) | ₹360 (सामान्य) / ₹370 (अगेती) | ₹500 से ₹600 प्रति क्विंटल की मांग |
| भुगतान समय-सीमा | औसतन 15 से 45 दिन का विलंब | 14 दिन के अंदर 100% भुगतान व 15% ब्याज |
| पर्ची व सट्टा व्यवस्था | 100% डिजिटल (eGanna / caneup.in) | 30 सितंबर तक ऑनलाइन घोषणा-पत्र सत्यापन |
| फसल संरक्षण | रेड रॉट व मौसम जनित नुकसान | Co-15023, Co-0118 बीज प्रतिस्थापन व प्रोपिंग |
🚜 किसानों के लिए जरूरी सलाह
- सभी किसान भाई अपनी संबंधित सहकारी गन्ना विकास समिति में जाकर अपने सट्टे और सर्वे का मिलान अवश्य कर लें।
- किसी भी प्रकार की तकनीकी सहायता या पर्ची समस्या के लिए विभागीय टोल-फ्री नंबर 1800-121-3203 पर तुरंत संपर्क करें।
- आगामी बुवाई के लिए केवल शोध परिषदों द्वारा प्रमाणित प्रजनक व आधारीय बीजों का ही उपयोग करें।
अपनी समस्या या सवाल दर्ज करें
गन्ना पर्ची, सट्टा संशोधन, सर्वे, ई-गन्ना ऐप या भुगतान में कोई भी दिक्कत हो, नीचे अपनी जानकारी भरें। हमारी टीम समाधान में आपकी पूरी मदद करेगी।
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