24 अक्टूबर से मंसूरपुर: मुजफ्फरनगर की 8 चीनी मिलों का पेराई शेड्यूल जारी, देखें कब चालू होगी आपकी मिल

मुजफ्फरनगर के गन्ना किसानों का इंतजार अब खत्म होने वाला है। जिले की सभी 8 चीनी मिलों के पेराई सत्र 2026-27 की आधिकारिक तिथियां घोषित कर दी गई हैं। जिला गन्ना अधिकारी और चीनी मिल प्रबंधकों की सहमति से तय शेड्यूल के मुताबिक, मंसूरपुर की धामपुर बायो ऑर्गेनिक मिल 24 से 26 अक्टूबर के बीच सबसे पहले पेराई शुरू करेगी, जबकि सबसे बड़ी मिल खतौली की त्रिवेणी इंजीनियरिंग 1 या 2 नवंबर से चलेगी। रॉयल बुलेटिन की रिपोर्ट के अनुसार, अक्टूबर के अंतिम सप्ताह से नवंबर के पहले सप्ताह तक सभी 8 मिलें क्रमबद्ध तरीके से चालू हो जाएंगी — तय शेड्यूल से किसानों को कटाई और आपूर्ति की योजना बनाने में बड़ी सहूलियत मिलेगी।
मंसूरपुर से शुरू होगा पेराई सत्र
घोषित शेड्यूल के अनुसार, जिले में पेराई सत्र का आगाज सबसे पहले मंसूरपुर स्थित धामपुर बायो ऑर्गेनिक मिल (24-26 अक्टूबर) और इसके बाद बुढ़ाना स्थित बजाज हिंदुस्तान (25-26 अक्टूबर) से होगा। फिर क्रम से खैखेड़ी की उत्तम शुगर मिल्स (27-28 अक्टूबर) और टिकौला शुगर मिल्स, टिकौला (28-29 अक्टूबर) पेराई शुरू करेंगी। इंडियन पोटाश लिमिटेड की रोहाना कलां मिल (29-30 अक्टूबर) और इसके बाद द गंगा किसान सहकारी चीनी मिल, मोरना तथा इंडियन पोटाश लिमिटेड, तितावी (30-31 अक्टूबर) संचालित होंगी। सबसे आखिर में त्रिवेणी इंजीनियरिंग, खतौली (1-2 नवंबर) पेराई के लिए चलेगी।
गौर करने वाली बात है कि मोरना की सहकारी चीनी मिल के लिए पहले 26 अक्टूबर तक चालू होने की तैयारी की खबर आई थी — जिला पंचायत प्रशासक डॉ. वीरपाल निर्वाल ने सोमवार को मिल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया था, और मिल परिसर में साफ-सफाई, सुरक्षा तथा किसानों को जरूरी सुविधाएं देने के निर्देश दिए गए थे। अब जारी आधिकारिक शेड्यूल में मोरना की तिथि 30-31 अक्टूबर रखी गई है।
तिथियां तय होने से किसानों को मिलेगा फायदा
चीनी मिलों के शुरू होने की तिथियां घोषित होने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि किसान अपनी कटाई और ट्रांसपोर्ट की योजना पहले से बना सकते हैं। गन्ने की आपूर्ति कैलेंडर और पर्ची के हिसाब से होती है — पर्ची में बताई गई तारीख पर गन्ना मिल तक पहुंचाना होता है, वरना तौल और भुगतान में दिक्कत आती है। तय शेड्यूल से किसान यह तय कर सकेंगे कि किस खेत का गन्ना कब काटना है और कब मिल को भेजना है।
खेत में कटाई के लिए तैयार गन्ना अब इंतजार नहीं करेगा। रिपोर्ट के अनुसार, सभी मिल परिसरों में मेंटेनेंस और ट्रायल का काम अंतिम चरण में है, ताकि किसानों को गन्ना तौलने और इंडेंट-पर्ची लेने में कोई परेशानी न हो।
पश्चिमी यूपी में पिछले साल से 10 दिन पहले सत्र
मुजफ्फरनगर की तिथियां पश्चिमी यूपी के व्यापक रुझान का हिस्सा हैं। कृषि पोर्टल एग्रीइनसाइट की रिपोर्ट के अनुसार, पश्चिमी उत्तर प्रदेश की चीनी मिलें इस बार सत्र करीब 10 दिन पहले शुरू कर रही हैं, जबकि दैनिक जागरण के अनुसार मुजफ्फरनगर में पिछले साल के मुकाबले लगभग 15 दिन पहले सत्र शुरू करने की तैयारी है। पेराई सत्र का जल्दी शुरू होना एक और बड़ा फायदा देगा — खेत जल्दी खाली होंगे तो किसानों को गेहूं की बुवाई के लिए सही समय मिलेगा।
पर्ची और इंडेंट: समय पर व्यवस्था का वादा
पेराई सत्र की सबसे संवेदनशील कड़ी गन्ना पर्ची और इंडेंट की व्यवस्था है। जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, जिले के आठ शुगर मिल क्षेत्रों से जुड़े करीब सवा दो लाख किसानों को प्राथमिक गन्ना सप्लाई कैलेंडर वितरित कर दिए गए हैं, और समितियों पर गन्ना रकबे, बेसिक कोटा व पर्चियों की जानकारी के लिए मेले लगाए गए हैं।
जिन किसानों को कैलेंडर नहीं मिला है या रकबे-बेसिक कोटा में गलती है, वे अपनी गन्ना समिति में लगे मेले में शिकायत दर्ज करा सकते हैं, या गन्ना विकास परिषद को ऑनलाइन शिकायत भेज सकते हैं। पोर्टल पर डाटा फीडिंग पूर्ण होते ही पक्के कैलेंडर वितरित कर दिए जाएंगे, और इसी के आधार पर किसानों को चीनी मिलों में गन्ने की आपूर्ति करनी होगी।
किसान अभी से ये तैयारियां कर लें
एग्रीइनसाइट की रिपोर्ट के अनुसार, किसान अपने गन्ना सर्वे रिकॉर्ड (रकबा, किस्में) सत्यापित कर लें और बैंक खाते चालू रखकर जरूरी पहचान दस्तावेजों से जोड़कर रखें, ताकि भुगतान में देरी न हो। सरसों या अगेती गेहूं की बुवाई करने वाले किसानों ने तो पहले ही गन्ने की सप्लाई शुरू कर दी है — जिले के 50 से ज्यादा कोल्हुओं में पेराई चल रही है और वहां किसानों को फिलहाल 380 रुपये प्रति क्विंटल का औसत भाव मिल रहा है।
गन्ना मूल्य पर किसानों की मांग भी तेज
मिलों के शेड्यूल की घोषणा ऐसे समय हुई है जब गन्ने के भाव की मांग पर किसान आंदोलन तेज हो रहा है। भारतीय किसान यूनियन के आह्वान पर 23 अक्टूबर को लखनऊ के गन्ना संस्थान में किसान-मजदूर महापंचायत हो रही है, जिसमें गन्ना मूल्य बढ़ाकर 600 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग प्रमुख है। बिजनौर की 21 अक्टूबर की महापंचायत में भी यही मांग उठाई गई थी। इन मांगों के बीच मुजफ्फरनगर में समय से मिलें चलना और सुचारु पर्ची व्यवस्था किसानों के लिए बड़ी राहत होगी।
स्रोत: रॉयल बुलेटिन (मुजफ्फरनगर पेराई शेड्यूल, 20 अक्टूबर 2026; मोरना मिल निरीक्षण रिपोर्ट), दैनिक जागरण (मुजफ्फरनगर सत्र तैयारी, सितंबर 2026), एग्रीइनसाइट (पश्चिमी यूपी पेराई सत्र), चिनीमंडी (बिजनौर महापंचायत, 19 अक्टूबर 2026), किसान इंडिया (लखनऊ महापंचायत आह्वान)।
आपके सवाल
मुजफ्फरनगर में सबसे पहले कौन सी चीनी मिल पेराई शुरू करेगी? मंसूरपुर की धामपुर बायो ऑर्गेनिक चीनी मिल 24 से 26 अक्टूबर के बीच सबसे पहले पेराई शुरू करेगी, इसके बाद बुढ़ाना की बजाज हिंदुस्तान (25-26 अक्टूबर) चालू होगी। यह शेड्यूल जिला गन्ना अधिकारी और मिल प्रबंधकों की सहमति से तय हुआ है।
खतौली चीनी मिल कब से पेराई करेगी? जिले की सबसे बड़ी चीनी मिल त्रिवेणी इंजीनियरिंग, खतौली 1 या 2 नवंबर से पेराई कार्य शुरू करेगी। सभी 8 मिलों में यही सबसे आखिर में चालू होगी।
मोरना की सहकारी चीनी मिल की क्या स्थिति है? पहले 26 अक्टूबर तक चालू करने की तैयारी की खबर आई थी और जिला पंचायत प्रशासक ने मिल का निरीक्षण भी किया था। अब जारी आधिकारिक शेड्यूल के अनुसार मोरना की मिल 30-31 अक्टूबर को चालू होगी।
इस बार पेराई सत्र जल्दी क्यों शुरू हो रहा है? पश्चिमी यूपी में मिलें इस बार पिछले साल के मुकाबले करीब 10-15 दिन पहले पेराई शुरू कर रही हैं। इसका फायदा यह होगा कि खेत जल्दी खाली होंगे और किसानों को गेहूं की बुवाई के लिए सही समय मिल सकेगा।
गन्ना पर्ची और इंडेंट में दिक्कत आए तो क्या करें? जिले के सवा दो लाख किसानों को प्राथमिक सप्लाई कैलेंडर वितरित किए गए हैं। अगर कैलेंडर नहीं मिला है या रकबे-बेसिक कोटा में गलती है, तो किसान अपनी गन्ना समिति में लगे मेले में जाकर शिकायत दर्ज करा सकते हैं, या गन्ना विकास परिषद को ऑनलाइन शिकायत भेज सकते हैं।
गन्ने का भाव इस सीजन में कितना मिलेगा? भुगतान से जुड़ी नई घोषणा पर केनअप नजर रखेगा।
पेराई शुरू होने से पहले किसानों को क्या करना चाहिए? अपने गन्ना सर्वे रिकॉर्ड (रकबा, किस्में) सत्यापित कर लें, बैंक खाता चालू और पहचान दस्तावेजों से जुड़ा रखें, अपनी मिल की समिति से कैलेंडर की स्थिति जांच लें, और शेड्यूल के हिसाब से कटाई की योजना बनाएं।
अपनी समस्या या सवाल दर्ज करें
गन्ना पर्ची, सट्टा संशोधन, सर्वे, ई-गन्ना ऐप या भुगतान में कोई भी दिक्कत हो, नीचे अपनी जानकारी भरें। हमारी टीम समाधान में आपकी पूरी मदद करेगी।
यह आर्टिकल कैसा लगा?


