होम › बारिश में बह गई महापंचायत, तो सैकड़ों …

बारिश में बह गई महापंचायत, तो सैकड़ों ट्रैक्टरों ने शहर जाम कर दिया: मुजफ्फरनगर में गन्ना ₹600 भाव और कर्ज माफी की 20 सूत्रीय मांग पर जोरदार रैली

Aamir Raza Aamir Raza • Oct 16, 2026 • 6 min read
Google पर हमें फ़ॉलो करें
शेयर करें:
बारिश में बह गई महापंचायत, तो सैकड़ों ट्रैक्टरों ने शहर जाम कर दिया: मुजफ्फरनगर में गन्ना ₹600 भाव और कर्ज माफी की 20 सूत्रीय मांग पर जोरदार रैली
अंतिम अपडेट: October 16, 2026 12:30 PM IST — यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

मुजफ्फरनगर के जीआईसी मैदान में गुरुवार को सुबह से हो रही बारिश ने किसान मजदूर संगठन की तैयार महापंचायत का पूरा इंतजाम बिगाड़ दिया। टेंट गिर गया, मैदान में पानी भर गया और हजारों किसानों का जमावड़ा बारिश की भेंट चढ़ने की स्थिति में आ गया। लेकिन मौसम की यह मार किसानों का हौसला नहीं तोड़ सकी। महापंचायत के बजाय किसान संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर पूरण सिंह के नेतृत्व में सैकड़ों ट्रैक्टरों के साथ किसानों ने शहर की सड़कों पर ऐसी जोरदार रैली निकाली कि मुजफ्फरनगर के कई चौराहों पर घंटों जाम लग गया। रैली के बाद जिलाधिकारी को संबोधित 20 सूत्रीय मांगपत्र अपर जिलाधिकारी को सौंपा गया, जिसमें गन्ने का भाव ₹600 प्रति क्विंटल करने और किसानों का कर्ज माफ करने की मांग सबसे प्रमुख है।

उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों के लिए यह घटनाक्रम इसलिए अहम है क्योंकि पेराई सत्र 2026-27 नजदीक है, लेकिन 2026-27 का एसएपी अभी घोषित नहीं हुआ है।

सुबह से बारिश, दोपहर तक मैदान जलमग्न

गुरुवार को मुजफ्फरनगर में सुबह से लगातार बारिश और तेज हवा का दौर जारी रहा। जीआईसी मैदान में किसान मजदूर संगठन की महापंचायत की तैयारी पूरी थी, लेकिन मौसम ने पूरा इंतजाम तहस-नहस कर दिया। टेंट गिर गया और मैदान में जलभराव हो गया। बारिश की वजह से सुबह किसानों की आमद धीमी रही, लेकिन दोपहर होते-होते किसानों की संख्या बढ़ती गई। ट्रैक्टरों, बसों और निजी वाहनों से किसान महापंचायत में शामिल होने पहुंचे।

बारिश की वजह से सुबह किसानों की आमद धीमी रही, लेकिन दोपहर होते-होते किसानों की संख्या बढ़ती गई। ट्रैक्टरों, बसों और निजी वाहनों से किसान महापंचायत में शामिल होने पहुंचे।

ट्रैक्टर रैली ने शहर जाम कर दिया

ठाकुर पूरण सिंह के नेतृत्व में किसानों ने महावीर चौक से ट्रैक्टर रैली शुरू की। सैकड़ों ट्रैक्टर आर्य समाज रोड, मीनाक्षी चौक, शिव चौक और झांसी की रानी चौक होते हुए कोर्ट रोड से कचहरी तक पहुंचे। रिपोर्टों के अनुसार रैली में पैदल मार्च भी शामिल था। रैली के कारण शहर में चौतरफा जाम लग गया और ट्रैफिक पुलिस को जाम खुलवाने के लिए घंटों मशक्कत करनी पड़ी।

रैली में जिलाध्यक्ष लोकेश पुंडीर, अंकित पुंडीर, वीरबहादुर सिंह, शुभम ठाकुर, दीपक पुंडीर, राकेश कुमार, महिपाल सिंह, शक्ति सिंह, रोहताश कुमार, रामकुमार पुंडीर, राजेन्द्र कुमार समेत संगठन के कई पदाधिकारी और बड़ी संख्या में किसान-मजदूर शामिल रहे।

20 सूत्रीय मांगपत्र: ₹600 भाव और कर्ज माफी सबसे ऊपर

कचहरी पहुंचने के बाद ठाकुर पूरण सिंह ने डीएम को संबोधित 20 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन एडीएम प्रशासन को सौंपा। ज्ञापन की मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:

  • गन्ने का भाव ₹600 प्रति क्विंटल: सरकार से गन्ने का मूल्य बढ़ाकर 600 रुपये प्रति क्विंटल किए जाने की मांग रखी गई। किसानों ने कहा कि खेती की बढ़ती लागत के अनुरूप गन्ने का लाभकारी मूल्य मिलना चाहिए।
  • किसानों का कर्ज माफ हो: कर्ज के बोझ से दबे किसानों को राहत देने के लिए कर्ज माफी की मांग उठाई गई।
  • बकाया भुगतान तुरंत: गन्ना किसानों का बकाया भुगतान तत्काल कराए जाने की मांग की गई। साथ ही भविष्य में गन्ने का भुगतान निर्धारित समय सीमा में हो और भुगतान में अनावश्यक देरी न हो।
  • हर साल सत्र से पहले भाव घोषित हो: प्रति वर्ष पेराई सत्र शुरू होने से पहले गन्ने का भाव घोषित किया जाए, ताकि किसान समय पर फैसला ले सकें।
  • किसान आय आयोग का गठन: किसानों की वास्तविक आय, उत्पादन लागत, परिवार की आवश्यकताओं और कृषि जोखिम को ध्यान में रखते हुए किसान आय आयोग बनाने की मांग रखी गई।
  • कृषि लागत पर अंकुश: डीजल, बिजली, खाद, बीज, कीटनाशक, कृषि मशीनरी और सिंचाई की बढ़ती लागत को नियंत्रित करने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की गई।

ठाकुर पूरण सिंह ने कहा कि किसानों को उनकी मेहनत और फसल में आई लागत का सही मूल्य मिलना चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसान, मजदूर और बेरोजगार युवाओं की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन आगे भी जारी रखा जाएगा।

पेराई सत्र से पहले भाव की मांग क्यों तेज है

गन्ना पश्चिमी उत्तर प्रदेश की कृषि अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और लाखों किसान परिवारों की आजीविका गन्ने की खेती पर निर्भर है। लेकिन खेती की लागत लगातार बढ़ने के बावजूद गन्ने का उचित मूल्य घोषित न होने से किसानों में नाराजगी बढ़ रही है।

तथ्य यह है कि केंद्र सरकार ने 2026-27 चीनी सत्र (1 अक्टूबर 2026 से) के लिए गन्ने का उचित एवं लाभकारी मूल्य (एफआरपी) ₹365 प्रति क्विंटल तय किया है, जो 10.25 प्रतिशत रिकवरी पर लागू है। वहीं उत्तर प्रदेश में 2025-26 सत्र का राज्य परामर्शित मूल्य (एसएपी) ₹400 प्रति क्विंटल (अगेती किस्म) था। लेकिन 2026-27 सत्र के लिए एसएपी की घोषणा अभी बाकी है — और किसान संगठन स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों का हवाला देते हुए भाव बढ़ाने का दबाव बना रहे हैं।

उधर चीनी के न्यूनतम विक्रय मूल्य (एमएसपी) का मुद्दा भी गरम है। चीनी का एमएसपी फरवरी 2019 से ₹31 प्रति किलो पर अटका है, जबकि गन्ने की खरीद लागत बढ़ गई है। केंद्र सरकार ने अब इन सभी मुद्दों की समीक्षा के लिए पूर्व नीति आयोग सदस्य प्रोफेसर रमेश चंद की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया है, जो गन्ना किसानों के उचित मूल्य, चीनी के एमएसपी संशोधन और भुगतान संबंधी मुद्दों पर रिपोर्ट देगी।

आगे क्या: आंदोलन जारी रखने की चेतावनी

मुजफ्फरनगर की इस रैली से यह संदेश साफ गया है कि बारिश या बाधा किसान आंदोलन को रोक नहीं सकती। अब सबकी नजर इस बात पर है कि सरकार पेराई सत्र शुरू होने से पहले गन्ना मूल्य पर क्या फैसला लेती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

मुजफ्फरनगर में किसानों की रैली क्यों निकाली गई?

बारिश के कारण जीआईसी मैदान में किसान मजदूर संगठन की महापंचायत नहीं हो पाई, इसलिए किसानों ने सैकड़ों ट्रैक्टरों के साथ शहर में रैली निकाली और 20 सूत्रीय मांगपत्र प्रशासन को सौंपा।

किसानों की मुख्य मांगें क्या हैं?

गन्ने का भाव ₹600 प्रति क्विंटल, किसानों का कर्ज माफ, गन्ना बकाया भुगतान तत्काल, हर साल पेराई सत्र से पहले भाव की घोषणा, किसान आय आयोग का गठन और कृषि लागत पर अंकुश।

2026-27 सत्र के लिए गन्ने का भाव घोषित हुआ है क्या?

नहीं। केंद्र ने एफआरपी ₹365/क्विंटल तय किया है, लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार ने 2026-27 सत्र के लिए एसएपी की घोषणा अभी नहीं की है। 2025-26 सत्र का एसएपी ₹400/क्विंटल (अगेती) था।

रैली का नेतृत्व किसने किया?

किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर पूरण सिंह ने रैली का नेतृत्व किया। उनके साथ जिलाध्यक्ष लोकेश पुंडीर समेत संगठन के कई पदाधिकारी मौजूद थे।

क्या रैली से शहर में जाम लगा?

हां। सैकड़ों ट्रैक्टरों की रैली के कारण महावीर चौक से कचहरी तक के मार्ग पर चौतरफा जाम लग गया और ट्रैफिक पुलिस को जाम खुलवाने में घंटों लगे।

स्रोत: लाइव हिंदुस्तान, रॉयल बुलेटिन (16 अक्टूबर 2026 की रिपोर्टें)

🌾 CaneUp किसान सहायता पोर्टल

अपनी समस्या या सवाल दर्ज करें

गन्ना पर्ची, सट्टा संशोधन, सर्वे, ई-गन्ना ऐप या भुगतान में कोई भी दिक्कत हो, नीचे अपनी जानकारी भरें। हमारी टीम समाधान में आपकी पूरी मदद करेगी।

1 जिला व मिल चुनें
2 गांव व नाम डालें
3 समस्या लिखकर भेजें
उत्तर प्रदेश का अपना जनपद चुनें
आपके जिले से संबंधित चीनी मिलें
इस नंबर पर आपको पर्ची और भुगतान के व्हाट्सएप अपडेट्स मिलेंगे
जितना स्पष्ट लिखेंगे, उतनी जल्दी सटीक समाधान मिलेगा

🔒 आपकी निजी जानकारी 100% सुरक्षित है। हम कोई स्पैम नहीं भेजते। केवल आपकी मिल से जुड़े आधिकारिक अपडेट्स शेयर किए जाते हैं।

✓
Aamir Raza
लेखक एवं मुख्य संपादक

Aamir Raza

संस्थापक एवं प्रधान संपादक — CaneUp.xyz। उत्तर प्रदेश गन्ना उद्योग, पर्ची कैलेंडर, SAP/MSP मूल्य नीति, ई-गन्ना पोर्टल और किसान अधिकारों पर 10+ वर्षों का जमीनी अनुभव।

यह आर्टिकल कैसा लगा?

📬 गन्ना अपडेट पाएं

MSP रेट, पर्ची कैलेंडर, सरकारी योजनाएं — सीधे आपके इनबॉक्स में