मुजफ्फरनगर में आज 50 जिलों का किसान महाकुंभ: गन्ना मूल्य बढ़ाने समेत 4 बड़ी मांगों पर बनेगी रणनीति, जानें पूरी जानकारी

पश्चिमी यूपी के किसान आज मुजफ्फरनगर के जीआईसी मैदान में एकजुट हो रहे हैं। किसान मजदूर संगठन की ओर से आयोजित किसान महाकुंभ में उत्तर प्रदेश के करीब 50 जिलों के साथ ही 6 राज्यों से किसानों के जुटने की उम्मीद है। मंच से चार बड़ी मांगें उठेंगी — गन्ने का मूल्य बढ़ाकर घोषित करने, मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी दिलाने, सांसदों-विधायकों की पेंशन बंद करने और मुजफ्फरनगर में कैंसर अस्पताल की स्थापना की मांग। पेराई सत्र शुरू होने से ठीक पहले हो रही इस महापंचायत से गन्ना किसानों को गन्ना मूल्य (SAP) पर ठोस रुख का इंतजार है।
कब और कहां होगा किसान महाकुंभ
रिपोर्टों के अनुसार महाकुंभ का आयोजन 15 अक्टूबर (आज) को मुजफ्फरनगर शहर के जीआईसी मैदान में किया जा रहा है। संगठन के प्रचार-प्रसार सामग्री के मुताबिक कार्यक्रम सुबह 10 बजे से शुरू होगा। राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर पूरन सिंह की अध्यक्षता में यह महापंचायत किसान, मजदूर और राष्ट्रहित से जुड़े मुद्दों पर रणनीति तय करेगी।
आयोजन किसान मजदूर संगठन कर रहा है। इसके जिलाध्यक्ष ठाकुर लोकेश राणा ने मीडिया से बातचीत में बताया कि महाकुंभ में किसानों और मजदूरों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा। यह महाकुंभ पेराई सत्र 2026-27 शुरू होने से पहले हो रहा है, इसलिए इसमें गन्ना मूल्य की मांग सबसे प्रमुख एजेंडे के रूप में देखी जा रही है।
किन 4 बड़ी मांगों पर होगी चर्चा
जिलाध्यक्ष ठाकुर लोकेश राणा के अनुसार महाकुंभ में ये चार बड़ी मांगें उठेंगी:
1. गन्ना मूल्य बढ़ाकर घोषित करने की मांग: किसानों की सबसे बड़ी मांग है कि गन्ने का राज्य परामर्श मूल्य (SAP) बढ़ाया जाए। पेराई सत्र नजदीक आने के बावजूद 2026-27 सत्र के लिए SAP की घोषणा अभी बाकी है, और किसान चाहते हैं कि नए सत्र का गन्ना मूल्य लागत को ध्यान में रखकर तय हो।
2. मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी: कृषि मजदूरों को सरकार द्वारा तय न्यूनतम मजदूरी दिलाने की मांग भी मंच से उठेगी। संगठन का कहना है कि खेतों में काम करने वाले मजदूरों को उनका हक मिलना चाहिए।
3. सांसदों-विधायकों की पेंशन बंद करने की मांग: संगठन की मांग है कि सांसदों और विधायकों को मिलने वाली पेंशन बंद की जाए। यह मुद्दा महाकुंभ के एजेंडे में स्पष्ट रूप से शामिल है।
4. मुजफ्फरनगर में कैंसर अस्पताल की मांग: ठाकुर लोकेश राणा ने कहा कि देशभर की नदियां प्रदूषित हो रही हैं, जिससे कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। इसी कारण मुजफ्फरनगर में कैंसर मरीजों के उपचार के लिए एक बड़े अस्पताल की स्थापना की मांग भी महाकुंभ में प्रमुखता से उठाई जाएगी।
गन्ना मूल्य का मुद्दा: ₹600 की मांग की पृष्ठभूमि
गन्ना मूल्य की मांग इस समय सबसे ज्यादा चर्चा में है। 7 अक्टूबर को लखनऊ स्थित गन्ना आयुक्त कार्यालय में आयोजित उपसमिति की बैठक में बलरामपुर सहकारी गन्ना विकास समिति के प्रतिनिधि रणवीर सिंह रन्नू ने गन्ने का SAP बढ़ाकर ₹600 प्रति क्विंटल करने की मांग रखी थी। उन्होंने कहा था कि कृषि लागत में लगातार बढ़ोतरी और गन्ना किसानों की मेहनत को देखते हुए लाभकारी मूल्य मिलना जरूरी है।
यहां एक बात किसानों के लिए साफ करना जरूरी है: 2026-27 सत्र के लिए SAP की घोषणा अभी नहीं हुई है। सरकार द्वारा नए सत्र का गन्ना मूल्य तय किया जाना बाकी है। पिछली बार यानी 2025-26 सत्र के लिए अगेती गन्ने का SAP ₹400 प्रति क्विंटल घोषित हुआ था — लेकिन यह पुराने सत्र का दर है, नए सत्र का दर अभी घोषित होना बाकी है। इसलिए ₹600 की मांग इस समय की सक्रिय बहस का हिस्सा है, पर अंतिम फैसला सरकार को लेना है।
मुजफ्फरनगर का यह महाकुंभ उसी मांग को जनमंच से दोहराने का मौका माना जा रहा है, क्योंकि पेराई सत्र शुरू होने से पहले मूल्य की घोषणा किसान आंदोलनों का स्थायी एजेंडा रहा है।
तैयारियां: प्रशासन सतर्क, व्यवस्था के निर्देश
महाकुंभ की तैयारियों का जायजा लेने के लिए एसडीएम सदर, नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी, नगर स्वास्थ्य अधिकारी और किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर पूरन सिंह जीआईसी मैदान पहुंचे थे। इस दौरान एसडीएम ने कार्यक्रम को सकुशल संपन्न कराने के लिए नगर पालिका अधिकारियों को साफ-सफाई समेत सभी जरूरी व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। कार्यक्रम की तैयारियां पहले से ही शुरू कर दी गई थीं।
गांवों में बैठकों का दौर: चरथावल में सक्रियता
महाकुंभ से पहले संगठन ने गांव-गांव तैयारियों को तेज कर दिया था। मुजफ्फरनगर के चरथावल क्षेत्र में रात के समय कई गांवों में संगठन की बैठकें हुईं। इन बैठकों में किसानों की समस्याओं पर चर्चा हुई और महाकुंभ में ज्यादा से ज्यादा किसानों को जोड़ने की रणनीति बनाई गई। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि किसानों की समस्याओं को मजबूती से उठाने के लिए एकजुट होना जरूरी है, और वे लगातार गांवों में बैठकें कर किसानों को जागरूक कर कार्यक्रम में आने की अपील कर रहे हैं।
किसान-मजदूर और राष्ट्रवाद: व्यापक एजेंडा
इस महाकुंभ का एजेंडा सिर्फ गन्ना मूल्य तक सीमित नहीं है। संगठन ने इसे किसान-मजदूर और राष्ट्रवाद के मुद्दों पर व्यापक रणनीति बनाने का मंच बनाया है। प्रदूषित नदियों, कैंसर अस्पताल, मजदूरों की मजदूरी और जनप्रतिनिधियों की पेंशन जैसे मुद्दों को एक साथ उठाकर संगठन किसानों की पंचायत को व्यापक सामाजिक मंच के रूप में स्थापित करना चाहता है।
पेराई सत्र शुरू होने से पहले हो रही यह महापंचायत गन्ना किसानों के लिए इसलिए भी अहम है, क्योंकि नए सत्र के गन्ना मूल्य (SAP 2026-27) की घोषणा अभी लंबित है और किसान संगठनों की मांगें इस फैसले को प्रभावित करती हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न 1: किसान महाकुंभ कहां और कब हो रहा है? उत्तर: 15 अक्टूबर (आज) को मुजफ्फरनगर शहर के जीआईसी मैदान में सुबह 10 बजे से। इसका आयोजन किसान मजदूर संगठन कर रहा है।
प्रश्न 2: इस महाकुंभ में कौन सी मुख्य मांगें उठेंगी? उत्तर: चार बड़ी मांगें हैं — गन्ना मूल्य बढ़ाकर घोषित करना, मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी, सांसदों-विधायकों की पेंशन बंद करना और मुजफ्फरनगर में कैंसर अस्पताल की स्थापना।
प्रश्न 3: महाकुंभ में कितने जिलों के किसान जुटेंगे? उत्तर: रिपोर्टों के अनुसार यूपी के करीब 50 जिलों और 6 राज्यों से किसानों के जुटने की उम्मीद है।
प्रश्न 4: 2026-27 सत्र का गन्ना मूल्य (SAP) घोषित हुआ है क्या? उत्तर: नहीं। 2026-27 सत्र के लिए SAP की घोषणा अभी बाकी है। 2025-26 सत्र में अगेती गन्ने का SAP ₹400 प्रति क्विंटल था, लेकिन यह पुराने सत्र का दर है।
प्रश्न 5: ₹600 प्रति क्विंटल की मांग किसने रखी थी? उत्तर: 7 अक्टूबर को लखनऊ में गन्ना आयुक्त कार्यालय में हुई उपसमिति बैठक में बलरामपुर सहकारी गन्ना विकास समिति के प्रतिनिधि रणवीर सिंह रन्नू ने यह मांग रखी थी।
स्रोत: रॉयल बुलेटिन, आज की न्यूज (aajkinews.net), चिनीमंडी
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