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नंगलामल शुगर मिल 2 नवंबर से शुरू करेगी गन्ने की पेराई, 30,000 किसान अभी निपटा लें ये 7 जरूरी काम

Aamir Raza Aamir Raza • Oct 24, 2026 • 6 min read
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नंगलामल शुगर मिल 2 नवंबर से शुरू करेगी गन्ने की पेराई, 30,000 किसान अभी निपटा लें ये 7 जरूरी काम
अंतिम अपडेट: October 24, 2026 11:15 AM IST — यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

मेरठ जिले के गन्ना किसानों के लिए बड़ी खबर है। माछरा स्थित नंगलामल शुगर मिल में पेराई सत्र 2026-27 का शुभारंभ 2 नवंबर से होगा। मिल से इस समय लगभग 30 हजार से अधिक किसान जुड़े हुए हैं, और अगले 9 दिन तैयारियों को निपटाने के लिए बेहद अहम हैं। गन्ना महाप्रबंधक अभिषेक श्रीवास्तव ने किसानों से अपील की है कि वे समय से गन्ने की कटाई, छिलाई और आपूर्ति सुनिश्चित करें और स्वच्छ एवं ताजा गन्ना भेजें।

मिल ने गन्ना खरीद केंद्रों और अन्य संबंधित व्यवस्थाओं को बेहतर बनाया है ताकि किसानों को पर्ची और तौल में कोई असुविधा न हो।

2 नवंबर की तारीख क्यों अहम है

नंगलामल मिल में तैयारियां अक्टूबर की शुरुआत से ही चल रही हैं। 14 अक्टूबर को मिल के बॉयलर में अग्नि प्रवाहित कर दी गई थी और गन्ना तौल के लिए कांटे लगाने का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। गन्ना समितियों की ओर से किसानों का गन्ना सर्वे और सट्टा प्रदर्शन कराकर समस्याओं का समाधान किया जा रहा है।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश की कई चीनी मिलें इस बार पेराई सत्र करीब 10 दिन पहले शुरू कर रही हैं। द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक बिजनौर, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, शामली और मुरादाबाद की मिलों में पेराई अक्टूबर के अंतिम सप्ताह से शुरू होने की उम्मीद है। जल्दी पेराई शुरू होने से किसान अपने खेत समय से खाली करके गेहूं की बुआई के लिए तैयार हो सकेंगे।

30 हजार किसानों से अपील — ताजा और स्वच्छ गन्ना भेजें

गन्ना महाप्रबंधक अभिषेक श्रीवास्तव ने किसानों से स्वच्छ एवं ताजा गन्ने की आपूर्ति करने का आग्रह किया है। उनका कहना है कि इससे पेराई कार्य सुचारु रूप से चलेगा और किसानों को उपज का बेहतर लाभ मिलेगा। किसानों के लिए इसका सीधा मतलब है — गन्ना काटने के बाद ज्यादा देर न रखें। कटा हुआ गन्ना जितना ज्यादा दिन पड़ा रहेगा, उसमें सूखापन और वजन की कमी उतनी ही बढ़ेगी, जिसका नुकसान सीधे किसान के भुगतान पर पड़ेगा।

पेराई से पहले निपटा लें ये 7 जरूरी काम

2 नवंबर को पेराई शुरू होने से पहले हर किसान को ये काम समय रहते निपटा लेने चाहिए:

1. पर्ची और कैलेंडर की जांच करें अपनी गन्ना पर्ची और सट्टा/कैलेंडर की स्थिति पहले से देख लें। eGanna ऐप या वेबसाइट पर लॉगिन करके जांचें कि आपकी पर्ची जारी हुई है या नहीं और आपकी गन्ना आपूर्ति की तारीख क्या है। पर्ची में नाम, गांव, गन्ना क्षेत्रफल और आपूर्ति की तारीख सही होनी चाहिए। कोई गड़बड़ी हो तो अभी अपनी गन्ना समिति से संपर्क करें, क्योंकि पेराई शुरू होने के बाद सुधार में समय लग सकता है।

2. मोबाइल नंबर अपडेट रखें गन्ना पर्ची अब सीधे मोबाइल पर आती है। अगर आपका मोबाइल नंबर बदला है या eGanna रिकॉर्ड में पुराना नंबर है, तो अभी अपडेट करा लें। एसएमएस अलर्ट से जुड़ी किसी समस्या के लिए सरकार का शॉर्टकोड 51969 भी उपलब्ध है।

3. बैंक खाता और आधार सीडिंग जांचें गन्ने का भुगतान सीधे बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से होता है, इसलिए खाता सक्रिय होना चाहिए और उसमें आधार सीडिंग व केवाईसी अपडेट होना जरूरी है। द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपने बैंक खातों के सक्रिय होने और आधार से जुड़े होने की जांच पहले से कर लें ताकि भुगतान में देरी न हो।

4. गन्ना सर्वे का रिकॉर्ड सही कराएं गन्ना सर्वे में आपका क्षेत्रफल, किस्म और गन्ने की स्थिति सही दर्ज होनी चाहिए। अगर सर्वे में गड़बड़ी है तो गन्ना समिति के माध्यम से सुधार कराएं — भुगतान और पर्ची दोनों इसी रिकॉर्ड पर निर्भर करते हैं।

5. कटाई के बाद गन्ना ज्यादा दिन न रखें पिछले पेराई सत्र के अनुभव बताते हैं कि कटा हुआ गन्ना 24 घंटे के भीतर मिल या क्रय केंद्र पहुंचा देना सबसे अच्छा रहता है। देर से पहुंचे सूखे गन्ने का वजन घटता है और भुगतान कम मिलता है। इसलिए पर्ची की तारीख के आसपास ही कटाई करें।

6. तौल केंद्र पर निगरानी रखें गन्ना आयुक्त के निर्देशों के मुताबिक तौल केंद्रों पर मानक बाट, तौल लिपिक की मौजूदगी और साफ-सुथरा तौल वातावरण जरूरी है। तौल के समय खुद मौजूद रहें और तौल पर्ची पर वजन की पुष्टि करके ही हस्ताक्षर करें।

7. शिकायत के रास्ते तैयार रखें भुगतान या पर्ची में किसी तरह की दिक्कत आए तो गन्ना विभाग की हेल्पलाइन पर संपर्क किया जा सकता है। गन्ना किसानों के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन 1800-121-3203 और 1800-180-5129 उपलब्ध हैं।

गन्ने का भाव: एफआरपी 365 तय, एसएपी की घोषणा बाकी

पेराई सत्र 2026-27 के लिए केंद्र सरकार ने गन्ने का उचित एवं लाभकारी मूल्य (एफआरपी) 365 रुपए प्रति क्विंटल (10.25 प्रतिशत रिकवरी पर) तय किया है। जहां तक उत्तर प्रदेश के राज्य परामर्शित मूल्य (एसएपी) की बात है, पिछले पेराई सत्र 2025-26 का एसएपी अगेती किस्म के लिए 400 रुपए और सामान्य किस्म के लिए 390 रुपए प्रति क्विंटल था। पेराई सत्र 2026-27 के लिए एसएपी की घोषणा अभी बाकी है — यानी किसानों को फिलहाल पिछले सीजन के दरों को नए सीजन की दर न समझें, आधिकारिक घोषणा का इंतजार करें।

भुगतान का 14 दिन का नियम — किसानों को जरूर पता हो

उत्तर प्रदेश गन्ना (पूर्ति एवं खरीद विनियमन) अधिनियम के तहत चीनी मिलों को किसानों का गन्ना मूल्य आपूर्ति के 14 दिनों के भीतर भुगतान करना अनिवार्य है। देरी पर ब्याज का प्रावधान है। इलाहाबाद हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेशों में इस 14-दिन की समयसीमा और 15 प्रतिशत ब्याज को किसानों की “अनिवार्य सुरक्षा” बताया गया है। अगर आपकी मिल भुगतान में देरी करती है, तो वसूली प्रमाण-पत्र (आरसी) के जरिए जिला प्रशासन भू-राजस्व की तरह बकाया वसूल सकता है — जैसा हाल में बरेली की केसर मिल और बागपत की मलकपुर मिल के मामलों में हुआ है।

मेरठ की मिलों का समीकरण

मेरठ जिले में किनौनी, दौराला, मवाना, मोहिद्दीनपुर, नंगलामल और सकौती टांडा — छह चीनी मिलें संचालित हैं। किसानों को सलाह है कि अपनी पर्ची के अनुसार निर्धारित मिल और क्रय केंद्र पर ही गन्ना भेजें — दूसरी मिल में गन्ना भेजने से तौल और भुगतान में दिक्कत आ सकती है।

कुल मिलाकर, 2 नवंबर की तारीख नंगलामल क्षेत्र के किसानों के लिए तैयारी का अलार्म है। पर्ची, बैंक खाता, सर्वे रिकॉर्ड और ताजा कटाई — ये चार काम निपटा लिए तो पेराई सत्र की शुरुआत बिना रुकावट होगी।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्न: नंगलामल शुगर मिल में पेराई कब शुरू होगी? उत्तर: पेराई सत्र 2026-27 का शुभारंभ 2 नवंबर से होगा। मिल प्रबंधन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं और बॉयलर में अग्नि प्रवाहित की जा चुकी है।

प्रश्न: मिल से कितने किसान जुड़े हैं? उत्तर: अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक नंगलामल शुगर मिल से इस समय लगभग 30 हजार से अधिक किसान जुड़े हुए हैं।

प्रश्न: गन्ने की पर्ची कहां से देखें? उत्तर: eGanna ऐप या upcane.gov.in वेबसाइट पर अपने मोबाइल नंबर से लॉगिन करके पर्ची और कैलेंडर देख सकते हैं। पर्ची में नाम, गांव, क्षेत्रफल और आपूर्ति की तारीख सही होनी चाहिए।

प्रश्न: पेराई सत्र 2026-27 में गन्ने का भाव क्या है? उत्तर: केंद्र सरकार ने एफआरपी 365 रुपए प्रति क्विंटल (10.25 प्रतिशत रिकवरी पर) तय किया है। उत्तर प्रदेश के एसएपी की घोषणा अभी बाकी है; पिछले सत्र 2025-26 का एसएपी अगेती के लिए 400 रुपए और सामान्य के लिए 390 रुपए प्रति क्विंटल था।

प्रश्न: मिल भुगतान में देरी करे तो किसान क्या करें? उत्तर: 14 दिनों के भीतर भुगतान का नियम है। देरी पर गन्ना विभाग की टोल-फ्री हेल्पलाइन 1800-121-3203 या 1800-180-5129 पर शिकायत करें। जिला प्रशासन वसूली प्रमाण-पत्र के जरिए बकाया वसूल सकता है।

स्रोत: अमर उजाला (मेरठ, 23 अक्टूबर और 14 अक्टूबर 2026 की रिपोर्टें), द टाइम्स ऑफ इंडिया (पश्चिमी यूपी पेराई सीजन), चिनीमंडी (एफआरपी 2026-27 और अदालत के आदेश)

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Aamir Raza
लेखक एवं मुख्य संपादक

Aamir Raza

संस्थापक एवं प्रधान संपादक — CaneUp.xyz। उत्तर प्रदेश गन्ना उद्योग, पर्ची कैलेंडर, SAP/MSP मूल्य नीति, ई-गन्ना पोर्टल और किसान अधिकारों पर 10+ वर्षों का जमीनी अनुभव।

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