तेल कंपनियों ने जारी किया 950 करोड़ लीटर एथेनॉल का महा-टेंडर, गन्ने के रस से बने एथेनॉल को मिला सर्वोच्च आवंटन

तेल कंपनियों ने जारी किया 950 करोड़ लीटर एथेनॉल का महा-टेंडर, गन्ने के रस से बने एथेनॉल को मिला सर्वोच्च आवंटन
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Aamir Raza - 2026-08-31
नई दिल्ली/मुंबई (विशेष संवाददाता)। भारत सरकार के 20 प्रतिशत एथेनॉल ब्लेंडिंग लक्ष्य (E20 Program) को देश के सभी पेट्रोल पंपों पर 100 प्रतिशत प्रभावी बनाए रखने के लिए सार्वजनिक क्षेत्र की प्रमुख तेल विपणन कंपनियों (OMCs - इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम, हिंदुस्तान पेट्रोलियम) ने आगामी एथेनॉल आपूर्ति वर्ष (ESY 2026-27) के लिए 950 करोड़ लीटर एथेनॉल खरीद का ऐतिहासिक महा-टेंडर जारी कर दिया है।
इस टेंडर में सीधे ताजे गन्ने के रस (Sugarcane Juice), बी-हैवी शीरे (B-Heavy Molasses) और सी-हैवी शीरे से बनने वाले एथेनॉल को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।
फीडस्टॉक वार खरीद दरें और तय कोटा
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा अनुमोदित मूल्य संरचना के अनुसार तेल कंपनियों ने आगामी सत्र के लिए निम्नलिखित खरीद दरें निर्धारित की हैं:
- सीधे गन्ने के रस/सिरप से एथेनॉल: ₹65.61 प्रति लीटर (सर्वोच्च वरीयता)
- बी-हैवी शीरे से बना एथेनॉल: ₹60.73 प्रति लीटर
- सी-हैवी शीरे से बना एथेनॉल: ₹56.28 प्रति लीटर
- क्षतिग्रस्त खाद्यान्न/मक्का से एथेनॉल: ₹64.00 प्रति लीटर
| फीडस्टॉक स्रोत | आवंटित आपूर्ति कोटा (अनुमानित) | खरीद मूल्य (प्रति लीटर) | भुगतान समयसीमा |
|---|---|---|---|
| गन्ने का रस / बी-हैवी शीरा | 425 करोड़ लीटर | ₹60.73 से ₹65.61 | 7 से 10 दिन (आरटीजीएस) |
| मक्का व टूटा चावल (Grains) | 525 करोड़ लीटर | ₹64.00 | 10 दिन |
| कुल राष्ट्रीय लक्ष्य | 950 करोड़ लीटर | - | - |
उत्तर प्रदेश की डिस्टिलरी मिलों को सबसे बड़ा आवंटन
उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा एथेनॉल उत्पादक राज्य बनकर उभरा है। प्रदेश में स्थित 90 से अधिक आधुनिक डिस्टिलरीज को इस टेंडर के तहत लगभग 240 करोड़ लीटर एथेनॉल आपूर्ति का कोटा मिलने की संभावना है।
चीनी उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि तेल कंपनियों द्वारा समयबद्ध तरीके से हर 10 दिन में मिलों के एस्क्रो खाते में भुगतान भेजने से चीनी मिलों के पास नकदी की कोई कमी नहीं होगी। इसका सीधा लाभ यह होगा कि पेराई सत्र 2026-27 के दौरान गन्ना किसानों का गन्ना भुगतान बिना किसी देरी के 14 दिनों के भीतर होता रहेगा।
पर्यावरण संरक्षण और विदेशी मुद्रा की बचत का बड़ा लक्ष्य
950 करोड़ लीटर एथेनॉल की इस विशाल आपूर्ति से भारत को कच्चे तेल के आयात बिल में लगभग ₹45,000 करोड़ की विदेशी मुद्रा की बचत होगी।
इसके साथ ही 20% ब्लेंडिंग से देश भर में चलने वाले वाहनों से होने वाले कार्बन मोनोऑक्साइड और हाइड्रोकार्बन उत्सर्जन में 40% तक की भारी कमी आएगी। यह कदम भारत को हरित ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
पश्चिमी यूपी के अमरोहा जिले की चीनी मिलों जैसे चंदनपुर चीनी मिल और असमौली चीनी मिल अपनी डिस्टिलरी इकाइयों के विस्तार के साथ इस टेंडर में पूर्ण क्षमता से भाग ले रही हैं।
किसान भाई अपना सट्टा और पर्ची विवरण enquiry.caneup.in पोर्टल पर देख सकते हैं। नए पेराई सत्र की समयसारिणी के लिए गन्ना पर्ची कैलेंडर 2026-27 देखें और ई-गन्ना ऐप डाउनलोड करें।
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