8 दिन में गन्ना भुगतान, जिले में सबसे ऊंचा भाव: ओंकार शुगर की दिवाली घोषणा से यूपी किसानों को क्या सीख?

गन्ना बेचने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि पैसा कब मिलेगा। महाराष्ट्र के सोलापुर जिले से इस सवाल का एक साफ जवाब आया है। ओंकार पावर कॉरपोरेशन प्रा. लि. की यूनिट 5, ताडवळ (अक्कलकोट तहसील) ने 2026-27 पेराई सत्र के लिए ऐलान किया है कि किसानों का गन्ना बिल डिलीवरी के 8 दिन के भीतर चुका दिया जाएगा। कटाई और ढुलाई के बिल भी हर 8 दिन में निपटाए जाएंगे, और कंपनी का लक्ष्य इस सत्र में सोलापुर जिले में सबसे ऊंचा गन्ना भाव देना है। यह घोषणा 24 अक्टूबर 2026 को बॉयलर प्रज्वलन और पेराई सत्र उद्घाटन समारोह में की गई।
इस खबर का यूपी के किसानों से सीधा जुड़ाव है — भुगतान की रफ्तार ही वह कसौटी है, जिस पर हर मिल को परखा जाता है। यूपी में पेराई सत्र शुरू हो चुका है, इसलिए यह जानना जरूरी है कि सोलापुर और नंदुरबार में किसानों को क्या मिला, और यूपी का किसान अपनी मिल से क्या मांग सकता है।
सोलापुर में क्या-क्या ऐलान हुआ
समारोह में ओंकार शुगर ग्रुप के संस्थापक और अध्यक्ष बाबूराव बोत्रे-पाटिल ने कहा कि समूह किसानों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उनके साथ अक्कलकोट के विधायक सचिनदादा कल्याणशेट्टी और समूह की मुख्य कार्यकारी अधिकारी तेजस्विनी बर्गे मौजूद थीं। समारोह में पिछले सत्र में गन्ना देने वाले किसानों को मुफ्त चीनी वितरण की शुरुआत भी की गई। अध्यक्ष ने बताया कि 2025-26 सत्र में 2,900 रुपये प्रति टन का भुगतान किया गया था, साथ में दिवाली पर 100 रुपये प्रति टन अतिरिक्त की घोषणा हुई थी।
देरी की बात भी खुलकर मानी
इस घोषणा की एक खास बात यह रही कि प्रबंधन ने पिछले सत्र के आखिर में कुछ किसानों के बिलों में हुई देरी को छिपाया नहीं। अध्यक्ष ने खेद जताते हुए कहा कि बैंक ऋण मंजूरी की प्रक्रिया में दिक्कत के कारण देरी हुई थी, लेकिन बाद में वादे के मुताबिक भुगतान कर दिया गया।
विधायक कल्याणशेट्टी ने कहा कि चीनी उद्योग से फैक्टरी मजदूर, कटाई मजदूर और परिवहन संचालक भी जुड़े हैं, इसलिए मिल प्रबंधन को उचित भाव और समय पर भुगतान के जरिए किसानों के साथ खड़ा होना चाहिए। किसान प्रतिनिधि राजकुमार पाटिल ने नवंबर के अंत तक रोजाना 6 घंटे बिजली आपूर्ति की मांग रखी।
नंदुरबार में 25 अक्टूबर से मुफ्त चीनी और 100 रुपये अतिरिक्त
ओंकार शुगर की दूसरी बड़ी घोषणा नंदुरबार जिले से आई है। लोकमत की खबर के हवाले से चीनीमंडी ने बताया है कि नंदुरबार स्थित ओंकार शुगर फैक्टरी 25 अक्टूबर से सभी गन्ना उत्पादक किसानों को दिवाली उपहार के रूप में मुफ्त चीनी देगी। साथ ही 2025-26 पेराई सत्र के लिए 100 रुपये प्रति टन अतिरिक्त भुगतान किया जाएगा, जिससे कुल गन्ना मूल्य 3,050 रुपये प्रति टन हो जाएगा। यह अतिरिक्त राशि 25 अक्टूबर के बाद किसानों के बैंक खातों में जमा की जाएगी।
यह घोषणा पुरुषोत्तमनगर स्थित फैक्टरी में बॉयलर प्रज्वलन समारोह और पेराई सत्र के उद्घाटन के दौरान की गई। अध्यक्ष ने कहा कि फैक्टरी इस सत्र में भी जिले में सबसे ऊंचा गन्ना मूल्य देने की कोशिश जारी रखेगी। यूनिट प्रमुख अशोक पाटिल ने बताया कि कार्यक्षेत्र में करीब 7 लाख मीट्रिक टन गन्ना पंजीकृत है और रोजाना करीब 6,000 मीट्रिक टन पेरने का लक्ष्य है।
यूपी के किसान के लिए इसका मतलब क्या है
यूपी में कानून के हिसाब से मिलों को गन्ना देने के 14 दिन के भीतर भुगतान करना होता है, और देरी पर 15 प्रतिशत ब्याज का प्रावधान है। सुप्रीम कोर्ट ने 6 अक्टूबर के आदेश में इस 14 दिन की समयसीमा और 15 प्रतिशत ब्याज को किसानों की अनिवार्य सुरक्षा बताया था। यानी यूपी के किसान के पास भुगतान में देरी के खिलाफ कानूनी हथियार पहले से मौजूद है। सोलापुर का 8 दिन का वादा इसीलिए अहम है — वह दिखाता है कि मिल चाहे तो कानूनी सीमा से भी तेज भुगतान कर सकती है।
दूसरी तरफ, भाव का सवाल अभी खुला है। केंद्र सरकार ने 2026-27 चीनी सत्र के लिए गन्ने का उचित और लाभकारी मूल्य (एफआरपी) 10.25 प्रतिशत बेसिक रिकवरी पर 365 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है। यूपी में 2025-26 सत्र के लिए राज्य परामर्श मूल्य (एसएपी) अगेती के लिए 400 रुपये और सामान्य के लिए 390 रुपये प्रति क्विंटल था। 2026-27 सत्र के लिए नई एसएपी की घोषणा अभी बाकी है — किसान संगठनों की 600 रुपये प्रति क्विंटल की मांग पर 7 अक्टूबर को लखनऊ में उप-समिति की बैठक हुई थी, लेकिन अब तक नई दर का ऐलान सामने नहीं आया है।
यूपी का किसान इस सत्र में अपनी मिल से तीन बातें मांग सकता है: तौल पर्ची और भुगतान की तारीख का स्पष्ट रिकॉर्ड, देरी पर 15 प्रतिशत ब्याज की जानकारी, और कटाई-ढुलाई मजदूरों के बिलों का समय पर निपटान।
पेराई सत्र में किसान ये गलतियां न करें
गन्ना भेजने से पहले अपना सर्वे रिकॉर्ड, किस्म और क्षेत्रफल जांच लें। बैंक खाता सक्रिय और आधार से जुड़ा होना चाहिए, वरना भुगतान अटक सकता है। तौल केंद्र पर पर्ची जरूर लें और उस पर वजन, किस्म और तारीख मिलान करें। अगर भुगतान 14 दिन से ज्यादा लटके, तो गन्ना समिति और जिला गन्ना अधिकारी को लिखित शिकायत दें — मौखिक शिकायत का रिकॉर्ड नहीं रहता।
मुफ्त चीनी या अतिरिक्त भुगतान जैसी घोषणाओं पर भी एक बात ध्यान रखें: जो वादा सार्वजनिक समारोह में या मिल के नोटिस पर किया गया है, उसी को भरोसेमंद मानें। परेशानी होने पर किसान हेल्पलाइन 1800-121-3203 और 1800-180-5129 पर संपर्क करें, एसएमएस शॉर्टकोड 51969 है।
आगे क्या देखना होगा
अब नजर दो बातों पर रहेगी: सोलापुर की ताडवळ यूनिट पहले महीने में 8 दिन के वादे पर कितना खरा उतरती है, और नंदुरबार में 25 अक्टूबर के बाद 100 रुपये प्रति टन की राशि खातों में कब तक पहुंचती है। यूपी के लिए सबसे बड़ा इंतजार 2026-27 एसएपी की घोषणा का है — जैसे ही नई दर का ऐलान होगा, केनअप पर उसकी पूरी जानकारी दी जाएगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
ओंकार शुगर ने गन्ना भुगतान को लेकर क्या वादा किया है? सोलापुर की ताडवळ यूनिट 5 ने 2026-27 सत्र में गन्ना बिल डिलीवरी के 8 दिन के भीतर चुकाने का ऐलान किया है। कटाई और ढुलाई के बिल भी हर 8 दिन में निपटाए जाएंगे।
2025-26 में ओंकार शुगर ने किसानों को क्या भाव दिया था? सोलापुर में 2,900 रुपये प्रति टन, साथ में दिवाली पर 100 रुपये प्रति टन अतिरिक्त। नंदुरबार में अतिरिक्त 100 रुपये मिलने के बाद कुल भाव 3,050 रुपये प्रति टन हो गया है।
नंदुरबार में मुफ्त चीनी कब से मिलेगी? 25 अक्टूबर से सभी गन्ना उत्पादक किसानों को दिवाली उपहार के रूप में मुफ्त चीनी दी जाएगी। अतिरिक्त 100 रुपये प्रति टन की राशि भी 25 अक्टूबर के बाद बैंक खातों में जमा की जाएगी।
2026-27 के लिए गन्ने का एफआरपी कितना है? केंद्र सरकार ने 2026-27 चीनी सत्र के लिए एफआरपी 10.25 प्रतिशत बेसिक रिकवरी पर 365 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है।
यूपी में 2026-27 की एसएपी घोषित हुई है? नहीं, अब तक 2026-27 सत्र के लिए नई एसएपी की घोषणा सामने नहीं आई है। 2025-26 में एसएपी अगेती के लिए 400 रुपये और सामान्य के लिए 390 रुपये प्रति क्विंटल थी। किसान संगठनों की 600 रुपये की मांग पर 7 अक्टूबर को बैठक हुई थी।
भुगतान में देरी हो तो यूपी का किसान क्या करे? कानून के अनुसार मिल को 14 दिन में भुगतान करना होता है, देरी पर 15 प्रतिशत ब्याज बनता है। पर्ची और तौल रिकॉर्ड के साथ गन्ना समिति और जिला गन्ना अधिकारी को लिखित शिकायत दें। हेल्पलाइन 1800-121-3203 भी उपलब्ध है।
स्रोत: चीनीमंडी (24 अक्टूबर 2026), लोकमत (चीनीमंडी के हवाले से), द हिंदू।
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