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पश्चिमी UP में 10 दिन पहले चलेंगी चीनी मिलें: 20 अक्टूबर से पेराई शुरू, किसानों को गेहूं बुआई में बड़ा फायदा

Aamir Raza Aamir Raza • Sep 29, 2026 • 6 min read
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पश्चिमी UP में 10 दिन पहले चलेंगी चीनी मिलें: 20 अक्टूबर से पेराई शुरू, किसानों को गेहूं बुआई में बड़ा फायदा
अंतिम अपडेट: September 29, 2026 4:20 PM IST — यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

🚨 BREAKING: पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी है। इस साल चीनी मिलें पिछले साल की तुलना में करीब 10 दिन पहले पेराई शुरू करेंगी। मिलों में बॉयलर पूजा और स्टीम ट्रायल अक्टूबर के पहले हफ्ते तक पूरे कर लिए जाएंगे और 20 अक्टूबर के आसपास से पेराई का काम शुरू होने की उम्मीद है। जल्दी पेराई शुरू होने से किसान समय पर खेत खाली कर सकेंगे और गेहूं की बुआई भी सही समय पर कर पाएंगे।

20 अक्टूबर से चलेंगी मिलें — इस बार रिकॉर्ड तैयारी

टाइम्स ऑफ इंडिया और चीनीमंडी की रिपोर्ट के मुताबिक, बिजनौर समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों की चीनी मिलों ने 2026-27 पेराई सत्र की तैयारियां तेज कर दी हैं। मिलों में मशीनों की मरम्मत और रखरखाव का काम तेज रफ्तार से चल रहा है।

सहारनपुर के उप गन्ना आयुक्त ओपी सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश में कुल 122 चीनी मिलें हैं, जिनमें से अकेले पश्चिमी यूपी में 71 से ज्यादा मिलें हैं। उन्होंने कहा, “इस बार पेराई सत्र पिछले साल की तुलना में 10 दिन पहले शुरू हो सकता है। हालांकि, सारी तैयारी मौसम पर निर्भर करेगी।”

किन-किन जिलों में तैयारी जोरों पर

जिन जिलों की मिलों ने मरम्मत का काम तेज किया है, उनमें शामिल हैं:

  • बिजनौर — जिले की चीनी मिलें सबसे आगे, मरम्मत का काम लगभग पूरा
  • मुजफ्फरनगर — पेराई सत्र की तैयारियों में तेजी
  • सहारनपुर — मिलें निर्धारित समय से पहले चलने को तैयार
  • शामली — मशीनों की मरम्मत और रखरखाव जारी
  • मुरादाबाद — सीजन की तैयारियां जोरों पर

आमतौर पर इन जिलों की चीनी मिलें नवंबर के पहले हफ्ते में पेराई शुरू करती हैं। लेकिन इस बार शासन के निर्देशों के अनुरूप मिलें अक्टूबर के मध्य से ही पेराई शुरू करने की तैयारी कर रही हैं।

किसानों की मांग: गन्ना भाव बढ़ाओ, बकाया भुगतान जल्दी दो

मिलों की तैयारियों के बीच किसानों ने अपनी मांगें भी तेज कर दी हैं। किसान गन्ने के स्टेट एडवाइज्ड प्राइस (SAP) में बढ़ोतरी और बकाया गन्ना मूल्य के समय पर भुगतान की मांग कर रहे हैं।

22 सितंबर को बिजनौर में किसान मजदूर संगठन के अध्यक्ष सरदार वीएम सिंह के नेतृत्व में हजारों किसान महापंचायत में इकट्ठा हुए थे। महापंचायत में किसानों ने तीन बड़ी मांगें रखीं:

  1. गन्ने का भाव बढ़ाया जाए
  2. चीनी मिलें समय से पहले खोली जाएं
  3. बकाया भुगतान पर ब्याज दिया जाए

किसानों के लिए जरूरी सलाह: अभी से ये काम कर लें

गन्ना विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि पेराई शुरू होने से पहले वे अपने कागजात और रिकॉर्ड दुरुस्त कर लें, ताकि भुगतान में देरी न हो:

  • गन्ना सर्वे रिकॉर्ड जांचें — अपने रकबे और फसल की किस्म से जुड़ा सर्वे डाटा जरूर सत्यापित करें
  • बैंक खाता सक्रिय रखें — भुगतान में देरी से बचने के लिए बैंक खाता चालू और आधार जैसे आधिकारिक दस्तावेजों से जुड़ा होना चाहिए
  • क्रय केंद्रों की तैयारी — अक्टूबर के पहले हफ्ते में गन्ना क्रय केंद्रों की व्यवस्था पूरी होने की उम्मीद है

किसान मोबाइल पर ई-गन्ना ऐप के जरिए अपना सर्वे डाटा, पर्ची और भुगतान की स्थिति पहले से ही देख सकते हैं।

जल्दी पेराई से गेहूं बुआई में होगा फायदा

पेराई जल्दी शुरू होने का सबसे बड़ा फायदा किसानों को गेहूं की बुआई में मिलेगा। जब गन्ना समय पर मिलों में चला जाएगा, तो खेत जल्दी खाली होंगे और किसान सही समय पर गेहूं बो सकेंगे। गेहूं की बुआई का सही समय चूकने से पैदावार घट जाती है, इसलिए किसानों के लिए यह राहत की खबर है।

गन्ने का रकबा घटा — चिंता का विषय

एक ओर पेराई जल्दी शुरू होने की खबर राहत दे रही है, तो दूसरी ओर गन्ने के रकबे में गिरावट चिंता बढ़ा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में गन्ने का रकबा 47,000 हेक्टेयर घटकर 28.87 लाख हेक्टेयर से 28.4 लाख हेक्टेयर रह गया है।

बिजनौर, लखीमपुर और पीलीभीत जैसे बड़े गन्ना उत्पादक जिलों में रकबे में कमी दर्ज की गई है। किसानों का कहना है कि लागत, मजदूरी और सिंचाई के खर्च बढ़ने, मिलों से भुगतान में देरी और गन्ने की लंबी फसल चक्र अवधि की वजह से कई किसान दूसरी फसलों की ओर जा रहे हैं।

किसानों को क्या करना चाहिए?

  • अक्टूबर के पहले हफ्ते में अपने नजदीकी गन्ना क्रय केंद्र की जानकारी लें
  • गन्ना आपूर्ति पर्चियां जारी होने में किसी तरह की परेशानी हो तो तुरंत गन्ना समिति से संपर्क करें
  • ई-गन्ना ऐप पर अपना कैलेंडर और सट्टा रिकॉर्ड पहले से जांच लें
  • गेहूं बुआई की तैयारी पहले से शुरू कर दें ताकि खेत खाली होते ही बुआई हो सके
  • अपनी चीनी मिल का नाम और क्रय केंद्र का कोड एक कागज पर लिखकर रख लें

मिल खुलने की तारीख की पुष्टि कहां से करें?

ध्यान रखें कि 20 अक्टूबर की तारीख एक उम्मीद है, जो मौसम और मिल की तैयारी पर निर्भर करेगी। हर जिले और हर मिल की पेराई शुरू होने की सही तारीख अलग हो सकती है। इसलिए अक्टूबर के पहले हफ्ते में अपनी नजदीकी गन्ना समिति या क्रय केंद्र जाकर पक्की तारीख जरूर पूछ लें। गन्ना विभाग अक्सर समितियों के नोटिस बोर्ड और स्थानीय अखबारों में भी यह जानकारी देता है। जल्दी पर्ची और कैलेंडर जारी होते ही ई-गन्ना ऐप पर अपनी आपूर्ति तारीख नोट कर लें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्न: इस साल पश्चिमी यूपी में चीनी मिलें कब से पेराई शुरू करेंगी? उत्तर: बॉयलर पूजा और स्टीम ट्रायल अक्टूबर के पहले हफ्ते तक पूरे हो जाएंगे और 20 अक्टूबर के आसपास से पेराई शुरू होने की उम्मीद है — यह पिछले साल से करीब 10 दिन पहले है।

प्रश्न: किन जिलों की मिलें जल्दी चलेंगी? उत्तर: बिजनौर, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, शामली और मुरादाबाद जिलों की मिलों ने मरम्मत का काम तेज कर दिया है। पश्चिमी यूपी की 71 से ज्यादा मिलें इस योजना में शामिल हैं।

प्रश्न: किसानों ने किन मांगों को लेकर महापंचायत की थी? उत्तर: 22 सितंबर को बिजनौर में हुई महापंचायत में किसानों ने गन्ना भाव बढ़ाने, मिलें समय से पहले खोलने और बकाया भुगतान पर ब्याज देने की मांग की थी।

प्रश्न: जल्दी पेराई से किसानों को क्या फायदा होगा? उत्तर: खेत जल्दी खाली होंगे और किसान गेहूं की बुआई सही समय पर कर सकेंगे, जिससे पैदावार अच्छी रहेगी।

प्रश्न: यूपी में गन्ने का रकबा कितना घटा है? उत्तर: रकबा 47,000 हेक्टेयर घटकर 28.87 लाख हेक्टेयर से 28.4 लाख हेक्टेयर रह गया है। बिजनौर, लखीमपुर और पीलीभीत में सबसे ज्यादा कमी दर्ज की गई है।

स्रोत: The Times of India (Meerut News), 29 सितंबर 2026; ChiniMandi, 29 सितंबर 2026

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Aamir Raza
लेखक एवं मुख्य संपादक

Aamir Raza

संस्थापक एवं प्रधान संपादक — CaneUp.xyz। उत्तर प्रदेश गन्ना उद्योग, पर्ची कैलेंडर, SAP/MSP मूल्य नीति, ई-गन्ना पोर्टल और किसान अधिकारों पर 10+ वर्षों का जमीनी अनुभव।

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