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20 अक्टूबर से यूपी की मिलों में गन्ना पेराई शुरू: महाराष्ट्र में 15 मिलें चलीं, सहारनपुर में सिर्फ देवबंद — किसानों के लिए 5 काम की खबरें

Aamir Raza Aamir Raza • Oct 17, 2026 • 6 min read
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20 अक्टूबर से यूपी की मिलों में गन्ना पेराई शुरू: महाराष्ट्र में 15 मिलें चलीं, सहारनपुर में सिर्फ देवबंद — किसानों के लिए 5 काम की खबरें
अंतिम अपडेट: October 17, 2026 7:47 AM IST — यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

गन्ना किसानों के लिए पेराई सीजन 2026-27 की घंटी बज चुकी है। महाराष्ट्र की चीनी मिलों ने गन्ना पेराई शुरू कर दी है और उत्तर प्रदेश की मिलें 20 अक्टूबर के आसपास पेराई सत्र खोलने की तैयारी में हैं। मिलों में बॉयलर पूजन और स्टीम ट्रायल जैसे शुरुआती काम पूरे हो चुके हैं, लेकिन किसानों के लिए असली सवाल एक ही है — उनका गन्ना मिल में कब पहुंचेगा और परची-कैलेंडर कब खुलेगा।

महाराष्ट्र में क्या चल रहा है: 55 में से 15 मिलों में पेराई शुरू

महाराष्ट्र से आ रही खबरों के मुताबिक राज्य की 55 चीनी मिलों में से अब तक 15 मिलों में गन्ना पेराई शुरू हो चुकी है। महाराष्ट्र के चीनी आयुक्त डॉ. संजय कोलते के अनुसार, शेष मिलों को पेराई सीजन शुरू करने की अनुमति देने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। उनका कहना है कि किसान संगठनों, चीनी मिलों और सरकार के बीच अच्छा समन्वय बना है — सबका मकसद किसानों को फायदा पहुंचाना और मिलों को घाटे से बचाना है।

महाराष्ट्र में 15 अक्टूबर से पेराई गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही थी। किसान आंदोलन के बावजूद मिलों ने पेराई शुरू कर दी है, हालांकि सभी 55 मिलें अभी चालू नहीं हुई हैं। कर्नाटक में स्थिति पीछे है — महाराष्ट्र से सटे बेलगावी जिले की 10 से 12 मिलों ने प्रायोगिक तौर पर पेराई शुरू की है, पर पूरे राज्य की आधिकारिक तारीख की घोषणा में देरी हो रही है।

यूपी की तैयारी: 20 अक्टूबर के आसपास पेराई, सामान्य से 10 दिन पहले

उत्तर प्रदेश में गन्ना आयुक्त कार्यालय और चीनी मिल संघों के मुताबिक, पश्चिमी यूपी की चीनी मिलें इस बार त्योहारों को देखते हुए सामान्य से करीब 10 दिन पहले — यानी 20 अक्टूबर 2026 के आसपास — अपना पेराई सत्र शुरू करने की तैयारी में हैं। मिल परिसरों में बॉयलर पूजन हो चुका है और स्टीम ट्रायल (परीक्षण) के शुरुआती काम पूरे कर लिए गए हैं।

लेकिन एक बात साफ है: मिल का चलना और किसानों के गन्ने की असली आवक दो अलग बातें हैं। खेतों से गन्ने की वास्तविक कटाई और मिलों में आवक दशहरा के बाद — यानी 20 से 22 अक्टूबर के बाद — ही जोर पकड़ेगी। यानी मिलें तकनीकी तौर पर चालू हो जाएंगी, पर गन्ना तुलने और पेराई का पूरा पहिया दशहरा बीतने के बाद ही घूमेगा।

प्रदेश के गन्ना आयुक्त मिनिस्ती एस के अनुसार, अक्टूबर के अंतिम सप्ताह से चीनी मिलों का संचालन प्रारंभ हो जाएगा और नवंबर में नए सत्र 2026-27 की नई उत्पादित चीनी उपभोक्ताओं के लिए बाजार में आने लगेगी। सरकारी गोदामों में फिलहाल 70.64 लाख क्विंटल चीनी का स्टॉक मौजूद है, जिससे त्योहारी सीजन में कमी की आशंका नहीं है।

सहारनपुर का पूरा शेड्यूल: 8 में से सिर्फ देवबंद अक्टूबर में चलेगी

सहारनपुर जनपद का उदाहरण बताता है कि “तैयारी” और “पेराई शुरू” में कितना फर्क है। जनपद की 8 चीनी मिलों में मरम्मत-रखरखाव का काम तेज गति से चल रहा है, लेकिन शासन के जल्दी पेराई शुरू कराने के निर्देशों के बावजूद अक्टूबर में सिर्फ त्रिवेणी ग्रुप की देवबंद चीनी मिल ही पेराई शुरू करेगी — संभावित तारीख 28 अक्टूबर।

बाकी मिलों का अनुमानित कार्यक्रम इस प्रकार है:

  • देवबंद (त्रिवेणी ग्रुप): 28 अक्टूबर
  • नानौता (सहकारी): 1 नवंबर
  • सरसावा (सहकारी): 1 नवंबर
  • शेरमऊ (उत्तम ग्रुप): 1 नवंबर
  • गांगनौली (बजाज ग्रुप): 2 नवंबर
  • बिडवी (वेव ग्रुप): 8 नवंबर
  • गागलहेड़ी (दया शुगर): 15 नवंबर

टोडरपुर चीनी मिल पिछले साल से बंद पड़ी है और गागलहेड़ी के संचालन को लेकर पहले संशय बना हुआ था। सहारनपुर के किसान अपनी मिल का नाम इस सूची में देखकर उसी हिसाब से कटाई की योजना बनाएं।

बारिश और कम रिकवरी: कुछ जगह देरी की आशंका क्यों

एक तरफ मिलें जल्दी चलाने की तैयारी में हैं, दूसरी तरफ मौसम ने समीकरण बिगाड़ा है। लगातार बारिश के कारण गन्ने में अपेक्षित मिठास नहीं आ पा रही है, जिससे चीनी की रिकवरी प्रभावित हुई है। बिजनौर के बरकातपुर चीनी मिल के संयुक्त अध्यक्ष नरपत सिंह का कहना है कि बारिश से गन्ने की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है और रिकवरी भी कम आ रही है — ऐसे में फिलहाल पेराई शुरू करना संभव नहीं है।

कम रिकवरी का सीधा असर बाजार पर दिख रहा है। यूपी के कई जिलों में चीनी का भाव 70 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। बिजनौर की बरकातपुर और बिजनौर चीनी मिलों के गोदामों में पुरानी चीनी का स्टॉक पूरी तरह खत्म हो चुका है और पश्चिमी यूपी की दूसरी मिलों में भी स्टॉक समाप्त होने की कगार पर है। दाम और बढ़ने की उम्मीद में कुछ कारोबारियों ने बिक्री रोक दी है। जब तक नई चीनी की आवक नहीं बढ़ती, कीमतों पर दबाव बना रहने की आशंका है।

किसानों के लिए 5 काम की बातें

1. परची-कैलेंडर पर नजर रखें: मिल चलने की तारीख और आपकी परची कटने की तारीख एक नहीं होती। eGanna ऐप या अपनी गन्ना समिति से कैलेंडर की स्थिति रोजाना जांचें। परची के बिना गन्ना मिल गेट पर अटक सकता है।

2. कटाई दशहरा के बाद ही प्लान करें: पश्चिमी यूपी में असली आवक 20-22 अक्टूबर के बाद जोर पकड़ेगी। जल्दी काटा गन्ना सूखकर वजन घटाता है — और वजन घटा तो भुगतान घटा।

3. अपनी मिल का शेड्यूल नोट करें: ऊपर दिया सहारनपुर का कार्यक्रम उदाहरण है। हर जिले की हर मिल की तारीख अलग है — अपनी मिल की घोषित तारीख समिति या मिल के नोटिस बोर्ड से पक्की करें।

4. साफ-सुथरा गन्ना ही भेजें: पत्ती, जड़ और मिट्टी के साथ गया गन्ना तौल में कटौती का कारण बनता है। साफ गन्ने पर मिल में शिकायत की गुंजाइश कम रहती है।

5. भुगतान की रसीद संभालकर रखें: नया सत्र शुरू होते ही पुराने बकाए के सवाल भी उठेंगे। पर्ची, तौल पर्ची और भुगतान की हर रसीद का रिकॉर्ड रखें — विवाद में यही आपके काम आएगा।

आपके सवाल

सवाल: यूपी में गन्ना पेराई कब से शुरू होगी? जवाब: पश्चिमी यूपी की मिलें 20 अक्टूबर 2026 के आसपास पेराई शुरू करने की तैयारी में हैं, लेकिन खेतों से असली गन्ना आवक दशहरा के बाद 20-22 अक्टूबर से जोर पकड़ेगी। सहारनपुर में देवबंद मिल 28 अक्टूबर से सबसे पहले चलेगी।

सवाल: महाराष्ट्र में कितनी मिलों में पेराई शुरू हुई है? जवाब: खबरों के मुताबिक 55 में से 15 चीनी मिलों में पेराई शुरू हो चुकी है। शेष मिलों को अनुमति देने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।

सवाल: चीनी के दाम इतने क्यों बढ़े हैं? जवाब: बारिश से गन्ने की रिकवरी घटी है और पुरानी चीनी का स्टॉक खत्म हो रहा है। कई जिलों में भाव 70 रुपये किलो तक पहुंच गया है। नवंबर में नए सत्र की चीनी आने पर दबाव कम होने की उम्मीद है।

सवाल: परची-कैलेंडर कैसे चेक करें? जवाब: eGanna मोबाइल ऐप पर अपना किसान कोड डालकर परची और कैलेंडर की स्थिति देखी जा सकती है। इसके अलावा अपनी गन्ना विकास समिति से भी जानकारी मिलती है।

सवाल: क्या 2026-27 का गन्ना मूल्य (SAP) घोषित हो गया है? जवाब: नहीं — 2026-27 सत्र के गन्ना मूल्य की घोषणा अभी बाकी है। पिछले सत्र के भाव को इस सत्र का भाव समझने की भूल न करें।

स्रोत: बिज़नेस स्टैंडर्ड हिंदी (15 अक्टूबर 2026), दैनिक जागरण सहारनपुर (16 अक्टूबर 2026), किसान तक (15-16 अक्टूबर 2026), किसान इंडिया (15 अक्टूबर 2026), प्रभात खबर (14 अक्टूबर 2026)

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Aamir Raza
लेखक एवं मुख्य संपादक

Aamir Raza

संस्थापक एवं प्रधान संपादक — CaneUp.xyz। उत्तर प्रदेश गन्ना उद्योग, पर्ची कैलेंडर, SAP/MSP मूल्य नीति, ई-गन्ना पोर्टल और किसान अधिकारों पर 10+ वर्षों का जमीनी अनुभव।

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