पीलीभीत में 14 दिन में भुगतान न होने पर गन्ना भवन पर धरना, 31 अगस्त तक समाधान न होने पर अनिश्चितकालीन आंदोलन

पीलीभीत में 14 दिन में भुगतान न होने पर गन्ना भवन पर धरना, 31 अगस्त तक समाधान न होने पर अनिश्चितकालीन आंदोलन
By
Aamir Raza - 2026-08-30
पीलीभीत/बरेली (विशेष संवाददाता)। उत्तर प्रदेश के रुहेलखंड और तराई बेल्ट में गन्ना मूल्य भुगतान को लेकर किसानों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। लखीमपुर खीरी के बाद अब पीलीभीत जिले में भी किसानों ने जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय (गन्ना भवन) के समक्ष जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) और स्थानीय किसान संघर्ष समिति के नेतृत्व में आयोजित इस धरने में चीनी मिलों द्वारा 14 दिनों की वैधानिक समयसीमा में भुगतान न करने पर कड़ा रोष जताया गया।
किसान नेताओं ने जिला प्रशासन को अल्टीमेटम दिया है कि यदि 31 अगस्त 2026 तक निजी चीनी मिलों द्वारा पिछले पेराई सत्र का शत-प्रतिशत बकाया भुगतान किसानों के खातों में नहीं भेजा गया, तो 1 सितंबर से जिले भर की चीनी मिलों के गेट पर अनिश्चितकालीन तालाबंदी की जाएगी।
14 दिन का कानून और मिलों की मनमानी
धरने को संबोधित करते हुए किसान नेता मंजीत सिंह ने कहा, “उत्तर प्रदेश गन्ना पूर्ति एवं खरीद अधिनियम 1953 की धारा 17 में स्पष्ट प्रावधान है कि मिल गेट या क्रय केंद्र पर गन्ना तौल के 14 दिनों के भीतर किसान के बैंक खाते में पैसा पहुंच जाना चाहिए। लेकिन बरखेड़ा और बीसलपुर की निजी मिलों ने किसानों को तीन से चार महीने तक भुगतान के लिए तरसाया। जब फसल की लागत दोगुनी हो चुकी है, तो किसान अपनी गाढ़ी कमाई के लिए मिलों के चक्कर क्यों काटे?”
| चीनी मिल | क्षेत्र/जिला | बकाया धनराशि (करोड़ में) | अंतिम भुगतान की तारीख | किसानों की मांग |
|---|---|---|---|---|
| बरखेड़ा चीनी मिल | पीलीभीत | ₹28.50 करोड़ | 12 जून 2026 | 31 अगस्त तक पूर्ण भुगतान व 15% ब्याज |
| बीसलपुर सहकारी मिल | पीलीभीत | ₹8.20 करोड़ | 28 जुलाई 2026 | शासन से तत्काल रिवॉल्विंग फंड रिलीज |
| मझोला चीनी मिल | पीलीभीत (बंद मिल) | स्क्रैप व जमीन देनदारी | लंबित | मिल का पुनरुद्धार या मुआवजा |
जिला प्रशासन ने बुलाई मिल प्रबंधकों की आपात बैठक
धरना स्थल पर पहुंचे उप जिलाधिकारी और जिला गन्ना अधिकारी ने किसानों के प्रतिनिधिमंडल से वार्ता की। अधिकारियों ने बताया कि बकायेदार चीनी मिलों के प्रबंधकों को तलब किया गया है और चीनी के गोदामों पर प्रशासनिक रिसीवर बैठाकर चीनी बिक्री की 85 प्रतिशत धनराशि सीधे एस्क्रो खाते में जमा कराई जा रही है।
जिला गन्ना अधिकारी ने आश्वासन दिया कि 31 अगस्त की शाम तक बरखेड़ा मिल द्वारा 15 करोड़ रुपये की अतिरिक्त किश्त जारी करा दी जाएगी।
रुहेलखंड किसान संगठनों का अल्टीमेटम
धरना स्थल पर पहुंचे बरेली और शाहजहांपुर के किसान नेताओं ने भी पीलीभीत आंदोलन को समर्थन देने का ऐलान किया है।
किसान मोर्चा के प्रांतीय संयोजक ने चेतावनी दी कि यदि चीनी मिलों ने 14 दिन के नियम का सम्मान नहीं किया, तो 5 सितंबर से मुरादाबाद-बरेली हाईवे पर चक्का जाम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जब तक किसानों को उनका 15% विलंबित ब्याज और पूर्ण बकाया नहीं मिलता, आंदोलन का दायरा पूरे उत्तर प्रदेश में बढ़ाया जाएगा।
पश्चिमी यूपी के अमरोहा जिले की 16 मिलों जैसे चंदनपुर मिल और असमौली मिल में हालांकि 100 प्रतिशत भुगतान हो चुका है, लेकिन किसान संगठन पूरे प्रदेश में 14-दिवसीय भुगतान नियम का कड़ाई से पालन कराने पर अड़े हैं।
किसान अपनी भुगतान स्थिति जानने के लिए गन्ना भुगतान स्थिति गाइड और enquiry.caneup.in पोर्टल का उपयोग करें।
अपनी समस्या या सवाल दर्ज करें
गन्ना पर्ची, सट्टा संशोधन, सर्वे, ई-गन्ना ऐप या भुगतान में कोई भी दिक्कत हो, नीचे अपनी जानकारी भरें। हमारी टीम समाधान में आपकी पूरी मदद करेगी।
यह आर्टिकल कैसा लगा?



