PM किसान की 24वीं किश्त के लिए 10 सितंबर तक ई-केवाईसी अनिवार्य, यूपी के 40 लाख किसानों की लैंड सीडिंग प्रक्रिया तेज

PM किसान की 24वीं किश्त के लिए 10 सितंबर तक ई-केवाईसी अनिवार्य, यूपी के 40 लाख किसानों की लैंड सीडिंग प्रक्रिया तेज
By
Aamir Raza - 2026-08-31
लखनऊ (विशेष संवाददाता)। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM-KISAN) के अंतर्गत पंजीकृत देश के करोड़ों किसानों और उत्तर प्रदेश के 2.5 करोड़ से अधिक लाभार्थी कृषकों के लिए 24वीं किश्त जारी होने की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। केंद्रीय कृषि मंत्रालय और उत्तर प्रदेश कृषि निदेशालय ने स्पष्ट निर्देश जारी किया है कि जिन किसानों की आधार ई-केवाईसी (e-KYC), भूलेख अंकन (Land Seeding) और बैंक खाता डीबीटी सत्यापन (Aadhaar Seeding) 10 सितंबर 2026 तक पूरा नहीं होगा, उनकी आगामी 24वीं किश्त रोक दी जाएगी।
अक्टूबर के प्रथम पखवाड़े में केंद्र सरकार द्वारा ₹2,000 की 24वीं किश्त डीबीटी के माध्यम से सीधे किसानों के खातों में हस्तांतरित की जानी प्रस्तावित है।
इन 3 अनिवार्य शर्तों के बिना नहीं आएगा पैसा
कृषि निदेशक उत्तर प्रदेश ने बताया कि पारदर्शी व्यवस्था के तहत अब कोई भी राशि बिना तीनों शर्तों के पूरे हुए खाते में नहीं भेजी जा सकती:
- बायोमेट्रिक या ओटीपी आधारित ई-केवाईसी: किसान पोर्टल pmkisan.gov.in पर जाकर अपने आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर ओटीपी प्राप्त कर या नजदीकी सीएससी केंद्र पर बायोमेट्रिक अंगूठा लगाकर ई-केवाईसी पूर्ण करें।
- भूलेख अंकन (Land Seeding): किसान की खतौनी में दर्ज जमीन का रिकॉर्ड पीएम किसान पोर्टल पर ‘Yes’ होना अनिवार्य है। यदि यह ‘No’ दिख रहा है, तो तहसील में लेखपाल से मिलकर खतौनी अपलोड कराएं।
- बैंक खाते में एनपीसीआई/डीबीटी मैपिंग: बैंक खाते का आधार से लिंक होना और एनपीसीआई (NPCI) सर्वर पर सक्रिय होना जरूरी है।
| स्थिति पैरामीटर | पोर्टल पर सही स्टेटस | यदि गलत दिखे तो क्या करें? |
|---|---|---|
| e-KYC Status | YES | pmkisan.gov.in पर फेस ऑथेंटिकेशन या CSC जाएं |
| Land Seeding | YES | तहसील में राजस्व लेखपाल से सत्यापन कराएं |
| Aadhaar Bank Seeding | YES | बैंक शाखा में जाकर डीबीटी फॉर्म भरें या पोस्ट ऑफिस खाता खोलें |
डाकिया घर आकर 2 मिनट में खोल रहे डीबीटी खाता
जिन किसानों के पुराने बैंक खातों में डीबीटी लिंक होने में समस्या आ रही है, उनकी सुविधा के लिए कृषि विभाग ने डाक विभाग के साथ विशेष समझौता किया है।
इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) के डाकिया (पोस्टमैन) माइक्रो-एटीएम मशीन लेकर गांव-गांव पहुंच रहे हैं और मात्र 2 मिनट में किसान का आधार आधारित डीबीटी सक्रिय खाता खोल रहे हैं।
ब्लॉक स्तर पर विशेष शिविर और नोडल अधिकारी
कृषि विभाग ने 10 सितंबर की अंतिम समयसीमा को देखते हुए प्रत्येक विकास खंड में विशेष सहायता शिविर लगाए हैं।
शिविरों में सहायक कृषि अधिकारी, लेखपाल और डाक विभाग के प्रतिनिधि एक साथ बैठ रहे हैं, ताकि यदि किसी किसान का आधार मिसमैच हो या जमीन का अंकन रुका हो, तो उसका मौके पर ही निस्तारण कर दिया जाए।
पश्चिमी यूपी के अमरोहा जिले की चीनी मिलों से जुड़े गन्ना किसान भाई भी अपने पीएम किसान खाते का स्टेटस तुरंत जांच लें।
किसान अपने सट्टे और पर्ची का विवरण enquiry.caneup.in पर देखें। आगामी पेराई सत्र के लिए गन्ना पर्ची कैलेंडर 2026-27 देखें और ई-गन्ना ऐप डाउनलोड करें।
अपनी समस्या या सवाल दर्ज करें
गन्ना पर्ची, सट्टा संशोधन, सर्वे, ई-गन्ना ऐप या भुगतान में कोई भी दिक्कत हो, नीचे अपनी जानकारी भरें। हमारी टीम समाधान में आपकी पूरी मदद करेगी।
यह आर्टिकल कैसा लगा?



