गन्ना सिंचाई के लिए PM कुसुम योजना में 70% सब्सिडी पर सोलर पंप: नलकूप बिजली बिल से हमेशा के लिए आजादी — 15 अक्टूबर तक ऑनलाइन आवेदन

लखनऊ / मुजफ्फरनगर / मेरठ (CaneUp विशेष ब्यूरो — 23 सितंबर 2026 शाम): उत्तर प्रदेश के ऊर्जावान गन्ना किसानों को बिजली कटौती, लो-वोल्टेज और महंगे डीजल के खर्च से स्थायी मुक्ति दिलाने के लिए उत्तर प्रदेश शासन ने प्रधानमंत्री कुसुम योजना (PM-KUSUM Component-B) के तीसरे चरण का आगाज कर दिया है। कृषि विभाग और यूपीनेडा (UPNEDA) द्वारा बुधवार शाम जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार गन्ना बाहुल्य पश्चिमी और मध्य उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए 70% तक के सरकारी अनुदान पर सोलर वाटर पंप लगाने के टोकन जारी किए जा रहे हैं।
गन्ने जैसी अधिक पानी चाहने वाली नकदी फसल के लिए सोलर पंप एक क्रांतिकारी बदलाव ला रहा है। किसान अब दिन की खिली धूप में बिना किसी बिजली बिल या डीजल के जब चाहें तब अपने खेतों में पानी लगा सकते हैं।
☀️ विभिन्न क्षमता के सोलर पंपों पर अनुदान का ब्योरा
| पंप क्षमता (Pump Capacity) | उपयुक्त बोरिंग गहराई | कुल लागत | सरकारी अनुदान (70%) | किसान का अंशदान (30%) |
|---|---|---|---|---|
| 3 HP सबमर्सिबल (AC/DC) | 100 से 150 फीट | ₹1,68,000 | ₹1,17,600 | मात्र ₹50,400 |
| 5 HP सबमर्सिबल (AC/DC) | 150 से 200 फीट | ₹2,35,000 | ₹1,64,500 | मात्र ₹70,500 |
| 7.5 HP सबमर्सिबल (AC) | 200 से 300 फीट | ₹3,25,000 | ₹2,27,500 | मात्र ₹97,500 |
| 10 HP उच्च-दबाव पंप | 300 फीट से अधिक | ₹4,10,000 | ₹2,87,000 | मात्र ₹1,23,000 |
⚡ गन्ना किसानों को मिलने वाले 4 स्वर्णिम लाभ
- दिन में सिंचाई का सुख: अब किसानों को कड़कड़ाती ठंड या सांप-बिच्छू के डर के बीच रात में 2 बजे ट्यूबवेल चलाने खेत नहीं जाना पड़ेगा। सुबह 8 से शाम 5 बजे तक निरंतर पानी मिलेगा।
- सालाना ₹40,000 से ₹60,000 की बचत: डीजल और बिजली बिल का खर्च शून्य हो जाने से हर साल भारी बचत होगी।
- 25 साल की वारंटी: सोलर पैनलों पर निर्माताओं द्वारा 25 वर्ष की परफॉर्मेंस वारंटी और पूरे सिस्टम पर 5 वर्ष का निःशुल्क बीमा दिया जाता है।
- ड्रिप सिंचाई के साथ सीधा जुड़ाव: सोलर पंप से ड्रिप लेटरल जोड़कर फर्टिगेशन और टपक सिंचाई बेहद आसान हो जाती है।
🖥️ 15 अक्टूबर तक ऑनलाइन टोकन कैसे बुक करें?
- आधिकारिक पोर्टल upagriculture.com पर जाएं।
- ‘सोलर पंप बुकिंग (PM-KUSUM)’ लिंक पर क्लिक करें।
- अपना 9-अंकीय किसान पंजीकरण नंबर दर्ज करें और ओटीपी सत्यापित करें।
- अपने बोरिंग के अनुसार हॉर्सपावर (HP) का चयन करें।
- ₹5,000 की टोकन मनी ऑनलाइन जमा करें। चालान स्वीकृत होने के 30 दिन के अंदर खेत पर सोलर प्लांट स्थापित कर दिया जाएगा।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
प्रश्न 1: क्या पहले से बिजली कनेक्शन वाले नलकूप पर सोलर पंप लग सकता है?
उत्तर: जी हाँ! कुसुम योजना के ‘कंपोनेंट-C’ के तहत मौजूदा ग्रिड-कनेक्टेड बिजली नलकूपों को भी सोलराइज किया जा सकता है और अतिरिक्त बिजली ग्रिड को बेचकर किसान कमाई भी कर सकते हैं।
प्रश्न 2: क्या बादल छाए रहने पर सोलर पंप काम करेगा?
उत्तर: आधुनिक मोनो-पर्क (Mono-PERC) हाफ-कट सोलर पैनल कम रोशनी और बादलों में भी 60-70% क्षमता से पानी उठाते हैं।
प्रश्न 3: बोरिंग की व्यवस्था किसको करनी होती है?
उत्तर: बोरिंग और खेत तक पानी की पाइपलाइन की व्यवस्था किसान को स्वयं करनी होती है, सरकार पैनल, मोटर, पंप और कंट्रोलर उपलब्ध कराती है।
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