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गन्ना किसानों के लिए PM कुसुम योजना के तहत सोलर पंप पर 70 प्रतिशत अनुदान, डीजल खर्च से मिलेगी मुक्ति

Aamir Raza Aamir Raza • Aug 30, 2026 • 3 min read
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गन्ना किसानों के लिए PM कुसुम योजना के तहत सोलर पंप पर 70 प्रतिशत अनुदान, डीजल खर्च से मिलेगी मुक्ति
अंतिम अपडेट: August 30, 2026 6:30 PM IST — यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

गन्ना किसानों के लिए PM कुसुम योजना के तहत सोलर पंप पर 70 प्रतिशत अनुदान, डीजल खर्च से मिलेगी मुक्ति

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Aamir Raza - 2026-08-30

लखनऊ/अमरोहा (विशेष संवाददाता)। उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों को महंगे डीजल और अनियमित बिजली सप्लाई से स्थायी मुक्ति दिलाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण (यूपीनेडा) और कृषि विभाग ने प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (PM-KUSUM Component-B) के तहत सोलर पंपों पर 70 प्रतिशत सब्सिडी योजना की नई आवंटन सूची जारी कर दी है।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अमरोहा, मुरादाबाद, मेरठ, शामली, बिजनौर और मुजफ्फरनगर जिलों के पंजीकृत किसानों के लिए 3 हॉर्सपावर (HP), 5 HP और 7.5 HP के सोलर नलकूपों की ऑनलाइन बुकिंग शुरू हो गई है।

सोलर पंप का लागत और सब्सिडी ढांचा

कृषि निदेशक ने बताया कि एक 5 हॉर्सपावर के सबमर्सिबल सोलर पंप की कुल लागत लगभग 2.80 लाख रुपये आती है। इसमें से केंद्र सरकार 30 प्रतिशत और राज्य सरकार 40 प्रतिशत का अनुदान देती है। किसान को केवल 30 प्रतिशत अंशदान (लगभग 84,000 रुपये) जमा करना होता है।

अधिकारी ने कहा, “गन्ने की फसल को साल भर में 6 से 8 सिंचाइयों की जरूरत होती है। जो किसान डीजल इंजन से सिंचाई करते हैं, उनका प्रति एकड़ डीजल खर्च 6,000 से 8,000 रुपये आता है। सोलर पंप लगने के बाद सिंचाई की लागत शून्य हो जाती है और 25 वर्षों तक मुफ्त बिजली से खेत सींचे जा सकते हैं।”

पंप क्षमता (Pump Capacity)उपयुक्त बोरिंग गहराईकुल लागत70% सरकारी अनुदानकिसान का अंशदान
3 HP सरफेस / सबमर्सिबल100 से 150 फीट₹1,90,000₹1,33,000₹57,000
5 HP सबमर्सिबल150 से 250 फीट₹2,80,000₹1,96,000₹84,000
7.5 HP सबमर्सिबल250 से 350 फीट₹3,90,000₹2,73,000₹1,17,000

ऑनलाइन आवेदन और टोकन बुकिंग की प्रक्रिया

इच्छुक किसान कृषि विभाग के पोर्टल upagriculture.com पर जाकर ‘सोलर पंप टोकन जनरेट करें’ लिंक पर क्लिक कर सकते हैं। इसके लिए 5,000 रुपये की जमानत राशि ऑनलाइन जमा करनी होगी।

टोकन कन्फर्म होने के बाद अनुमोदित सोलर कंपनियों (जैसे टाटा पावर सोलर, शक्ति पंप्स) द्वारा किसान के खेत पर भौतिक सत्यापन कर 30 दिनों के भीतर सोलर पैनल और पंप स्थापित कर दिए जाएंगे।

25 साल की वारंटी और रिमोट मॉनिटरिंग

सोलर पंप स्थापना के साथ कंपनियों द्वारा 5 साल का पूर्ण निःशुल्क रख-रखाव और सोलर पैनलों पर 25 साल की उत्पादन वारंटी दी जा रही है।

इसके अलावा सभी सोलर पंपों में सिम-आधारित रिमोट मॉनिटरिंग सिस्टम (RMS) लगा होगा, जिससे यदि पंप में कोई तकनीकी खराबी आती है, तो कंपनी के कंट्रोल रूम को तुरंत सूचना मिल जाएगी और 48 घंटे में तकनीशियन खेत पर पहुंचकर उसे ठीक करेगा।

पश्चिमी यूपी के अमरोहा जिले की चीनी मिलों जैसे चंदनपुर मिल, असमौली चीनी मिल और अगवानपुर मिल के किसान इस योजना का लाभ उठाकर अपने सिंचाई खर्च को पूरी तरह खत्म कर सकते हैं।

किसान अपने सट्टे का विवरण enquiry.caneup.in पर देखें। आगामी सत्र के लिए गन्ना पर्ची कैलेंडर 2026-27 और ई-गन्ना ऐप डाउनलोड की सुविधा उपलब्ध है।

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Aamir Raza
लेखक एवं मुख्य संपादक

Aamir Raza

संस्थापक एवं प्रधान संपादक — CaneUp.xyz। उत्तर प्रदेश गन्ना उद्योग, पर्ची कैलेंडर, SAP/MSP मूल्य नीति, ई-गन्ना पोर्टल और किसान अधिकारों पर 10+ वर्षों का जमीनी अनुभव।

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