बारिश के बाद गन्ने में पोक्का बोइंग व चोटी बेधक का खतरा: पत्तियां मुड़कर काली पड़ने पर करें कॉपर ऑक्सीक्लोराइड का स्प्रे — वैज्ञानिकों की सलाह

लखनऊ / बिजनौर / मुजफ्फरनगर (CaneUp विशेष ब्यूरो — 23 सितंबर 2026 शाम): उत्तर प्रदेश के पश्चिमी और रुहेलखंड अंचल में हाल ही में हुई मानसूनी बारिश और उसके बाद निकली तेज धूप से हवा में 85% से अधिक आर्द्रता (Humidity) दर्ज की गई है। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार यह मौसम गन्ने के दो सबसे घातक रोगों — पोक्का बोइंग (Pokkah Boeng - Fusarium moniliforme) और चोटी बेधक (Top Borer) के फैलाव के लिए सबसे अनुकूल होता है।
भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान (ICAR-IISR) लखनऊ और यूपी गन्ना शोध परिषद ने गन्ना किसानों को सतर्क करते हुए खेत का तुरंत निरीक्षण करने और लक्षण दिखने पर रासायनिक उपचार करने की सलाह दी है।
🚨 पोक्का बोइंग के 3 मुख्य लक्षण कैसे पहचानें?
- पत्तियों का सिकुड़ना और मुड़ना: गन्ने की सबसे ऊपरी पत्तियां गोभ के पास से मुड़ने लगती हैं और उन पर हल्के पीले व सफेद धब्बे दिखाई देते हैं।
- चाकू की धार जैसे कटाव (Knife-cut symptoms): रोग बढ़ने पर पत्तियां आधार से कटकर लटक जाती हैं और गोभ का ऊपरी हिस्सा काला पड़कर सड़ने लगता है।
- गन्ने की बढ़वार का रुक जाना: यदि समय रहते उपचार न किया जाए, तो गन्ने का सिरा सूख जाता है और गन्ने की लंबाई बढ़ना पूरी तरह बंद हो जाती है।
💊 वैज्ञानिकों द्वारा अनुशंसित 3-चरणीय रासायनिक स्प्रे फॉर्मूला
- फफूंदनाशक स्प्रे (Fungicide Spray):
- कॉपर ऑक्सीक्लोराइड 50% WP (ब्लाइटॉक्स): 2.5 ग्राम प्रति लीटर पानी (प्रति एकड़ 500 ग्राम / 200 लीटर पानी) अथवा
- कार्बेंडाजिम 12% + मैनकोजेब 63% WP (साफ): 2 ग्राम प्रति लीटर पानी का घोल बनाकर गन्ने के गोभ पर छिड़कें।
- चोटी बेधक कीट के लिए कीटनाशक:
- यदि गोभ में सुंडी के छेद दिखाई दें, तो फफूंदनाशक के साथ क्लोरांट्रानिलीप्रोल 18.5% SC (कोराजन): 60 मि.ली. प्रति एकड़ मिलाकर स्प्रे करें।
- स्प्रे का समय: छिड़काव हमेशा दोपहर बाद 3 बजे के बाद करें जब पत्तियों पर ओस या पानी की बूंदें न हों।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
प्रश्न 1: क्या पोक्का बोइंग से पूरा खेत सूख जाता है?
उत्तर: नहीं। लाल सड़न की तरह यह पूरे तने को नहीं सुखाता, लेकिन यह गन्ने की बढ़वार रोक देता है जिससे वजन 30% तक कम हो जाता है। सही समय पर एक स्प्रे करने से नई स्वस्थ पत्तियां तुरंत निकल आती हैं।
प्रश्न 2: क्या गन्ने में यूरिया डालना जारी रखें?
उत्तर: रोग दिखने पर खेत में अतिरिक्त यूरिया (नाइट्रोजन) कदापि न डालें। अत्यधिक यूरिया से फंगस और तेजी से बढ़ता है।
प्रश्न 3: क्या नैनो कॉपर का उपयोग कर सकते हैं?
उत्तर: जी हाँ! जैविक विधि में कॉपर युक्त नैनो फॉर्मूलेशन 2 मि.ली. प्रति लीटर पानी का छिड़काव भी बहुत प्रभावी पाया गया है।
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