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घटतौली मुक्त पेराई सत्र की ओर कदम — 800 गन्ना क्रय केंद्रों के डिजिटल कांटों की सीलिंग पूरी

Randhir Patil Randhir Patil Sep 4, 2026 3 min read
घटतौली मुक्त पेराई सत्र की ओर कदम — 800 गन्ना क्रय केंद्रों के डिजिटल कांटों की सीलिंग पूरी
अंतिम अपडेट: September 4, 2026 9:15 AM IST — यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

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मेरठ / सहारनपुर: उत्तर प्रदेश में 15 अक्टूबर से शुरू होने जा रहे पेराई सत्र 2026-27 के दौरान गन्ना क्रय केंद्रों पर घटतौली (कम तौल) की शिकायतों को शून्य पर लाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान ने पहले चरण में बड़ी सफलता हासिल की है। उत्तर प्रदेश विधिक माप विज्ञान विभाग (नाप-तौल विभाग) की 24 विशेष मोबाइल तकनीकी टीमों ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, शामली, बिजनौर और बागपत जनपदों में संचालित होने वाले 800 से अधिक बाह्य गन्ना क्रय केंद्रों (Purchase Centers) और मिल गेट के डिजिटल वे-ब्रिज का भौतिक कैलिब्रेशन और इलेक्ट्रॉनिक बारकोड सीलिंग का कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है।

विधिक माप विज्ञान विभाग के उप नियंत्रक ने मेरठ में बताया कि 3 सितंबर से शुरू हुए इस महा-अभियान में विभाग का लक्ष्य 30 सितंबर तक प्रदेश के सभी 2,800 बाह्य क्रय केंद्रों के कांटों की शत-प्रतिशत सीलिंग पूरी करना है।

सरकारी मानक भार से 100% शुद्धता की जांच

निरीक्षण के दौरान नाप-तौल विभाग के वरिष्ठ निरीक्षकों ने प्रत्येक 20 टन और 50 टन क्षमता वाले इलेक्ट्रॉनिक कांटे पर सरकार द्वारा प्रमाणित 10 टन और 20 टन के लोहे के मानक भार (Certified Standard Test Weights) रखकर कांटे की संवेदनशीलता और सटीकता की प्रत्यक्ष जांच की:

  • त्रुटिहीन कैलिब्रेशन: किसी भी कांटे में 5 किलोग्राम से अधिक का विचलन पाए जाने पर उसे मौके पर ही अमान्य घोषित कर मिल इंजीनियरों से ठीक कराया गया।
  • मदरबोर्ड व केबलिंग सीलिंग: वजन दर्शाने वाले डिजिटल इंडिकेटर बॉक्स, लोड सेल के जंक्शन बॉक्स और कंप्यूटर केबलिंग को विशेष होलोग्राम युक्त एंटी-टैम्पर डिजिटल सिक्योरिटी सील से लॉक किया गया है।
  • ग्रीन क्यूआर कोड सर्टिफिकेट: जिस कांटे की जांच पूरी हो चुकी है, उस पर नाप-तौल विभाग का आधिकारिक हरा सत्यापन प्रमाण पत्र चस्पा कर दिया गया है। किसान अपने मोबाइल कैमरे से क्यूआर कोड स्कैन करके देख सकेंगे कि यह कांटा किस अधिकारी द्वारा किस तारीख को पास किया गया है।

घटतौली रोकने के लिए किसान सतर्कता समितियां

गन्ना विकास विभाग ने प्रत्येक क्रय केंद्र पर स्थानीय किसानों की 3-सदस्यीय ‘सतर्कता समिति’ (Vigilance Committee) बनाने का भी निर्णय लिया है। इन समितियों के सदस्य किसी भी समय तौल क्लर्क से कांटे का शून्य (Zero Balance) और टेस्ट वेट रखकर जांच करने की मांग कर सकेंगे।

अधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि पेराई सत्र के दौरान यदि किसी मिल के कांटे पर सील टूटी पाई गई या रिमोट चिप द्वारा घटतौली का प्रयास पकड़ा गया, तो मिल प्रबंधन और तौल क्लर्क दोनों के विरुद्ध विधिक माप विज्ञान अधिनियम और धोखाधड़ी के तहत गैर-जमानती मुकदमा दर्ज कर तुरंत जेल भेजा जाएगा।

फ्लाइंग स्क्वॉड की औचक छापेमारी की तैयारी

विभाग ने पेराई सत्र के दौरान जिलों में 10 सचल फ्लाइंग स्क्वॉड तैनात करने का निर्णय लिया है। ये दल बिना किसी पूर्व सूचना के क्रय केंद्रों पर पहुंचकर किसानों की भरी हुई ट्रॉलियों का वजन सरकारी धर्मकांटों पर दोबारा कराकर क्रॉस-वेरिफिकेशन करेंगे।

Randhir Patil
लेखक

Randhir Patil

गन्ना उद्योग विशेषज्ञ — ChiniMandi पर 425+ लेख। गन्ना खेती, शुगर मिल, MSP रेट, सरकारी योजनाओं पर विश्वसनीय जानकारी।

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