पंजाब गन्ना नियंत्रण बोर्ड की सिफारिश — आगामी पेराई सत्र के लिए ₹410 प्रति क्विंटल हो गन्ना भाव

चंडीगढ़: उत्तरी भारत के गन्ना उत्पादक राज्यों में आगामी पेराई सत्र 2026-27 के लिए राज्य परामर्शित मूल्य (SAP) को लेकर प्रतिस्पर्धा तेज हो गई है। कल हरियाणा सरकार की मंत्रिमंडलीय उप-समिति द्वारा ₹405 प्रति क्विंटल के भाव को मंजूरी दिए जाने के ठीक 24 घंटे बाद आज 3 सितंबर को पंजाब सचिवालय में आयोजित पंजाब गन्ना नियंत्रण बोर्ड (Punjab Sugarcane Control Board) की बैठक में अगेती प्रजाति के गन्ने का सरकारी खरीद भाव बढ़ाकर ₹410 प्रति क्विंटल करने की औपचारिक संस्तुति कर दी गई है।
पंजाब के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां की अध्यक्षता में हुई इस उच्चस्तरीय बैठक में पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी (PAU) लुधियाना के अर्थशास्त्रियों, शूगरफेड पंजाब, निजी चीनी मिलों के प्रतिनिधियों और प्रमुख किसान यूनियनों के नेताओं ने भाग लिया।
देश में सबसे ऊंचा भाव देने की परंपरा बनाए रखेगा पंजाब
कृषि मंत्री ने बैठक के बाद पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि पंजाब हमेशा से देश के अन्नदाताओं को उनकी फसलों का सर्वाधिक लाभकारी मूल्य देने में अग्रणी रहा है। पिछले सत्र में पंजाब ने ₹391 प्रति क्विंटल का भाव दिया था।
बोर्ड ने राज्य में गन्ने की बढ़ती उत्पादन लागत, खाद-डीजल के दाम और हरियाणा द्वारा तय किए गए ₹405 के बेंचमार्क का अध्ययन करने के बाद सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया है:
- अगेती प्रजाति (Early Variety): ₹410 प्रति क्विंटल (₹19 की शुद्ध वृद्धि)।
- मध्यम एवं सामान्य प्रजाति (General Variety): ₹400 प्रति क्विंटल।
- सरकारी सब्सिडी का हिस्सा: चीनी मिलें ₹355 का भुगतान करेंगी और शेष ₹55 प्रति क्विंटल की वित्तीय सहायता सीधे पंजाब सरकार अपने बजट से किसानों के खातों में डीबीटी करेगी।
मुख्यमंत्री भगवंत मान कैबिनेट की अंतिम मुहर जल्द
कृषि मंत्री ने बताया कि गन्ना नियंत्रण बोर्ड की इस सिफारिश को अंतिम मंजूरी के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में होने वाली अगली राज्य मंत्रिमंडल (Cabinet) की बैठक में रखा जाएगा। वित्त विभाग ने ₹55 प्रति क्विंटल की राज्य सब्सिडी के लिए आवश्यक बजट प्रावधान को अपनी हरी झंडी दे दी है।
बोर्ड ने यह भी निर्णय लिया है कि राज्य की सभी 9 सहकारी चीनी मिलों और 7 निजी मिलों में 5 नवंबर से पहले पेराई का कार्य अनिवार्य रूप से शुरू करा दिया जाएगा।
उत्तर प्रदेश सरकार पर बढ़ा भारी दबाव
पंजाब के ₹410 और हरियाणा के ₹405 के ऐतिहासिक भावों ने उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पर भारी राजनीतिक और आर्थिक दबाव बना दिया है। उत्तर प्रदेश में वर्तमान में गन्ने का भाव मात्र ₹370 प्रति क्विंटल है, जो पंजाब और हरियाणा से ₹35 से ₹40 कम है।
पश्चिमी यूपी के किसान संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि 8 सितंबर को मुजफ्फरनगर महापंचायत से पहले उत्तर प्रदेश सरकार ने कम से कम ₹400 से ₹450 प्रति क्विंटल का भाव घोषित नहीं किया, तो किसान सड़कों पर उतरने के लिए बाध्य होंगे।
पंजाब शूगरफेड ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसानों को मिल गेट पर टोकन जारी होने के 48 घंटे के भीतर गन्ने की पेराई और 7 दिन के भीतर पूरा भुगतान सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर कराया जाएगा।
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