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जब तक ₹500 भाव नहीं, मिलें नहीं चलने देंगे: सिसौली महापंचायत से पहले राकेश टिकैत की हुंकार — 18 जिलों में ट्रैक्टर मार्च की तैयारी

Aamir Raza • Sep 25, 2026 • 5 min read
जब तक ₹500 भाव नहीं, मिलें नहीं चलने देंगे: सिसौली महापंचायत से पहले राकेश टिकैत की हुंकार — 18 जिलों में ट्रैक्टर मार्च की तैयारी
अंतिम अपडेट: September 25, 2026 8:05 AM IST — यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

सिसौली / मुजफ्फरनगर (CaneUp विशेष ब्यूरो — 25 सितंबर 2026 सुबह 8:05 बजे): आगामी 28 सितंबर 2026 को मुजफ्फरनगर के ऐतिहासिक कस्बे सिसौली स्थित किसान भवन में आयोजित होने वाली ‘राष्ट्रीय आपात किसान महापंचायत’ से पूर्व भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने प्रदेश सरकार, चीनी मिल मालिकों और केंद्र की कृषि मूल्य नीतियों के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का शंखनाद कर दिया है।

आज तड़के सिसौली किसान भवन में पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब के खाप चौधरियों और किसान प्रतिनिधियों की रणनीतिक बैठक के पश्चात पत्रकारों से मुखातिब होते हुए राकेश टिकैत ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि “महंगाई का आलम यह है कि डीजल ₹90 पार है, डीएपी की बोरी ₹1,350 में ब्लैक हो रही है और कीटनाशकों के दाम 40% बढ़ चुके हैं। सरकार यदि यह सोचती है कि ₹15-₹20 की खैरात देकर किसानों को शांत कर लेगी, तो यह उसकी भारी भूल है। जब तक सरकार गन्ने का राज्य परामर्शित मूल्य (SAP) न्यूनतम ₹500 प्रति क्विंटल घोषित नहीं करती, तब तक पश्चिमी उत्तर प्रदेश की किसी भी चीनी मिल का पहिया घूमने नहीं दिया जाएगा।”


📜 सिसौली महापंचायत का 11-सूत्रीय ऐतिहासिक मांग पत्र (Demand Charter)

भाकियू द्वारा घोषित 11 प्रमुख मांगें जिन पर 28 सितंबर को महापंचायत में प्रस्ताव पारित होना है:

  1. गन्ना मूल्य ₹500 प्रति क्विंटल: स्वामीनाथन आयोग के C2+50% फॉर्मूले (समग्र लागत जमा 50% शुद्ध लाभ) के आधार पर पेराई सत्र 2026-27 के लिए अगेती प्रजाति का भाव ₹500 और सामान्य प्रजाति का भाव ₹480 प्रति क्विंटल घोषित किया जाए।
  2. 14 दिन भुगतान व 15% ब्याज की कानूनी वसूली: यूपी गन्ना अधिनियम की धारा 17 का कड़ाई से अनुपालन हो। 14 दिन के बाद विलंबित भुगतान पर डिफाल्टर मिलों से 15% वार्षिक चक्रवृद्धि ब्याज वसूल कर सीधे किसानों के खातों में डाला जाए।
  3. नलकूपों को मुफ्त व निर्बाध 12 घंटे बिजली: वादे के अनुसार किसानों के निजी नलकूपों के बिजली बिल 100% माफ किए जाएं और ग्रामीण कृषि फीडरों पर जबरन प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाने की कार्रवाई तुरंत निरस्त हो।
  4. आवारा गोवंश और जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा: खेतों में रात भर पहरा देने को मजबूर किसानों की सुरक्षा के लिए प्रत्येक न्याय पंचायत स्तर पर आधुनिक गो-आश्रय स्थल संचालित हों और फसल बर्बादी पर प्रति एकड़ ₹25,000 मुआवजा मिले।
  5. गन्ना घटतौली पर गैर-जमानती धाराएं: क्रय केंद्रों पर गन्ने का वजन कम तौलने वाले कांटा बाबू और मिल अधिकारियों पर आवश्यक वस्तु अधिनियम और गैंगस्टर एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज हो।
  6. खाद की कालाबाजारी पर पूर्ण रोक: डीएपी और यूरिया के साथ जबरन नैनो यूरिया या सल्फर टैग करने वाले निजी डीलरों के लाइसेंस रद्द कर उन्हें जेल भेजा जाए।
  7. ट्रैक्टरों पर 10 साल की एनजीटी पाबंदी समाप्त हो: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में किसानों के 10 साल पुराने ट्रैक्टरों के संचालन पर लगी पाबंदी को कानून बनाकर हमेशा के लिए हटाया जाए।
  8. दूध का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) तय हो: किसानों की आय बढ़ाने के लिए गाय के दूध पर ₹45 और भैंस के दूध पर ₹60 प्रति लीटर का न्यूनतम खरीद मूल्य लागू हो।
  9. किसान पेंशन योजना: 60 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले प्रत्येक लघु एवं सीमांत किसान को ₹5,000 मासिक सम्मान पेंशन दी जाए।
  10. गन्ना सट्टा पर्ची में किसान का कोटा सुरक्षित हो: 85% आपूर्ति नियम में ढील दी जाए और सूखा अथवा बीमारी से प्रभावित खेतों के किसानों का बेसिक कोटा न काटा जाए।
  11. शहीद किसानों के परिजनों को सरकारी नौकरी: किसान आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले परिवारों के आश्रितों को सरकारी सेवा में समायोजित किया जाए।

🚜 18 जिलों में 2,000 ट्रैक्टरों का रिहर्सल पूरा: 28 सितंबर का रोडमैप

भाकियू के संगठन महासचिव और युवा विंग ने मुजफ्फरनगर, शामली, मेरठ, बागपत, बिजनौर, सहारनपुर, हापुड़, अमरोहा, संभल, मुरादाबाद, बुलंदशहर, अलीगढ़ और गाजियाबाद के 800 से अधिक गांवों में नुक्कड़ सभाएं और ट्रैक्टर रिहर्सल पूरा कर लिया है:

  • प्रत्येक गांव से 5 ट्रैक्टरों का लक्ष्य: प्रत्येक ग्राम इकाई को अपने राशन, हुक्के, तिरपाल और साउंड सिस्टम के साथ कम से कम 5 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का जत्था सिसौली भेजने का संकल्प दिलाया गया है।
  • 20 बड़े लंगर और 50 पानी के टैंकर: सिसौली कस्बे की परिधि में दूर-दराज से आने वाले किसानों के लिए 24 घंटे चलने वाले 20 विशाल सामुदायिक लंगर और 50 टैंकरों की व्यवस्था की गई है।
  • शांतिपूर्ण अनुशासन का संकल्प: टिकैत ने कार्यकर्ताओं को सख्त निर्देश दिए हैं कि आंदोलन पूर्णतः अनुशासित रहेगा। एम्बुलेंस, दमकल, स्कूली बच्चों और आम नागरिकों के वाहनों को प्राथमिकता से रास्ता दिया जाएगा।

⚖️ किसानों से टिकैत की मार्मिक अपील: ‘कौड़ियों के भाव न बेचें अपना खून-पसीना’

राकेश टिकैत ने पश्चिमी यूपी के किसानों से भावुक अपील करते हुए कहा कि:

“पेराई सत्र शुरू होने से पहले ही गुड़ कोल्हू वाले और बिचौलिए सक्रिय हो गए हैं जो किसानों की मजबूरी का फायदा उठाकर ₹360-₹370 में गन्ना खरीद रहे हैं। किसान भाई अपनी एकता बनाए रखें। जब तक सिसौली की पंचायत में भाव तय नहीं हो जाता, तब तक मिल मालिकों के आगे घुटने न टेकें। यह लड़ाई केवल गन्ने के भाव की नहीं, बल्कि किसान के मान-सम्मान और उसकी आने वाली पीढ़ियों के अस्तित्व की है।”


❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

प्रश्न 1: क्या 28 सितंबर को महापंचायत के दौरान दिल्ली-देहरादून हाईवे बंद रहेगा?

उत्तर: नहीं। भाकियू प्रवक्ता ने स्पष्ट किया है कि मुख्य नेशनल हाईवे (NH-58) और रेलवे ट्रैक को बाधित नहीं किया जाएगा। केवल मुजफ्फरनगर-शामली मार्ग पर किसान वाहनों का दबाव रहेगा जिसके लिए पुलिस ने पहले ही वैकल्पिक ट्रैफिक डायवर्जन लागू कर दिया है।

प्रश्न 2: महापंचायत में किन-किन राज्यों के किसान संगठन भाग ले रहे हैं?

उत्तर: सिसौली महापंचायत में उत्तर प्रदेश के अतिरिक्त हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तराखंड और मध्य प्रदेश के 40 से अधिक प्रमुख किसान संगठनों के प्रतिनिधि और संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) के शीर्ष नेता शामिल हो रहे हैं।

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Aamir Raza
लेखक एवं मुख्य संपादक

Aamir Raza

संस्थापक एवं प्रधान संपादक — CaneUp.xyz। उत्तर प्रदेश गन्ना उद्योग, पर्ची कैलेंडर, SAP/MSP मूल्य नीति, ई-गन्ना पोर्टल और किसान अधिकारों पर 10+ वर्षों का जमीनी अनुभव।

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