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कच्ची चीनी आयात पर IGST भुगतान प्रक्रिया आसान: CBIC ने 10 लाख टन TRQ के लिए जारी किए नए नियम

Randhir Patil Randhir Patil Aug 29, 2026 5 min read
कच्ची चीनी आयात पर IGST भुगतान प्रक्रिया आसान: CBIC ने 10 लाख टन TRQ के लिए जारी किए नए नियम
अंतिम अपडेट: August 29, 2026 11:00 AM IST — यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

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कच्ची चीनी आयात पर IGST भुगतान प्रक्रिया आसान: CBIC ने 10 लाख टन TRQ के लिए जारी किए नए नियम

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Randhir Patil - August 29, 2026

नई दिल्ली (विशेष व्यापार संवाददाता): देश में चीनी की घरेलू उपलब्धता बढ़ाने और त्योहारी सीजन में बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने एक बड़ा नीतिगत कदम उठाया है। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) ने उन चीनी रिफाइनरियों और आयातकों के लिए एकीकृत माल एवं सेवा कर (IGST) भुगतान की प्रक्रिया को बेहद सरल और सुगम बना दिया है, जिन्होंने पहले एडवांस ऑथराइजेशन (Advance Authorisation - AA) स्कीम के तहत कच्ची चीनी (Raw Sugar) का आयात किया था और अब उसे टैरिफ रेट कोटा (Tariff Rate Quota - TRQ) व्यवस्था में परिवर्तित कर रहे हैं।

यह नई व्यवस्था विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) द्वारा कच्ची चीनी के 10 लाख मीट्रिक टन (10 LMT) के विशेष आयात को मंजूरी दिए जाने के बाद जारी की गई है। हाल ही में खुदरा बाजार में चीनी के भाव ₹65-70 प्रति किलो तक पहुंचने के बाद सरकार द्वारा उठाए गए 3 बड़े कदमों की श्रृंखला में यह कदम मील का पत्थर साबित होगा।


📌 क्या है Advance Authorisation (AA) और Tariff Rate Quota (TRQ)?

अंतरराष्ट्रीय व्यापार और चीनी उद्योग के संदर्भ में दोनों योजनाओं के बुनियादी अंतर को समझना आवश्यक है:

  1. एडवांस ऑथराइजेशन (AA Scheme): इस योजना के तहत निर्यातक चीनी मिलों और रिफाइनरियों को शुल्क-मुक्त कच्चा माल आयात करने की अनुमति होती है, बशर्ते उन्हें उस कच्चे माल से तैयार उत्पाद (रिफाइंड चीनी) को एक निश्चित समयावधि के भीतर अंतरराष्ट्रीय बाजार में निर्यात करना अनिवार्य होता है।
  2. टैरिफ रेट कोटा (TRQ Scheme): टीआरक्यू व्यवस्था के अंतर्गत सरकार एक निश्चित मात्रा (जैसे इस बार 10 लाख टन) के आयात पर रियायती या शून्य सीमा शुल्क (Customs Duty) की अनुमति देती है, जिसे घरेलू बाजार में खपत के लिए बेचा जा सकता है।

डीजीएफटी ने एकमुश्त छूट देते हुए आयातकों को अपने पूर्व में आयातित कच्चे माल को निर्यात बाध्यता से मुक्त कर घरेलू बाजार में बेचने के लिए टीआरक्यू में बदलने की अनुमति दी है।


🏢 आयातकों को IGST भुगतान कैसे करना होगा? (Step-by-Step Procedure)

सीबीआईसी के नए सर्कुलर के अनुसार, आयातकों को अपने टैक्स और इनपुट क्रेडिट के सुचारू हस्तांतरण के लिए निम्नलिखित प्रक्रिया का पालन करना होगा:

[बंदरगाह कस्टम्स असेसमेंट ग्रुप से संपर्क] ➡️ [पूर्व Out of Charge (OOC) का रद्दीकरण] 
                                    ⬇️
[EDI सिस्टम द्वारा नया इलेक्ट्रॉनिक चालान] ⬅️ [बिल ऑफ एंट्री का पुनर्मूल्यांकन व IGST निर्धारण]
                                    ⬇️
[IGST भुगतान पूर्ण] ➡️ [नॉमिनल OOC जारी] ➡️ [GSTN पोर्टल पर डेटा ऑटो-सिंक (ITC Ready)]
  1. कस्टम्स असेसमेंट ग्रुप से संपर्क: आयातक संबंधित आयात बंदरगाह (जैसे कांडला, मुंद्रा, जेएनपीटी, चेन्नई) पर कस्टम्स असेसमेंट ग्रुप में आवश्यक दस्तावेजों के साथ संपर्क करेंगे।
  2. पुराने OOC का रद्दीकरण: असेसमेंट अधिकारी रिकॉर्ड में कारण दर्ज करते हुए पहले जारी किए गए ‘Out of Charge’ (OOC) को निरस्त करेंगे।
  3. बिल ऑफ एंट्री का पुनर्मूल्यांकन: बिल ऑफ एंट्री (Bill of Entry) का दोबारा असेसमेंट किया जाएगा और लागू आईजीएसटी की सही गणना की जाएगी।
  4. इलेक्ट्रॉनिक चालान जनरेशन: कस्टम्स के इलेक्ट्रॉनिक डेटा इंटरचेंज (EDI System) पर आधिकारिक ई-चालान जनरेट होगा जिसके माध्यम से टैक्स जमा किया जाएगा।
  5. नॉमिनल OOC व GSTN सिंक: भुगतान के तुरंत बाद कस्टम्स द्वारा एक नॉमिनल OOC जारी किया जाएगा, जिससे आईजीएसटी की राशि और भुगतान विवरण सीधे GSTN पोर्टल पर ट्रांसफर हो जाएगा।

⚠️ स्वैच्छिक भुगतान चालान (Voluntary Challan) पर सख्त रोक

सीबीआईसी ने आयातकों को कड़ी चेतावनी दी है कि वे Voluntary Payment Challan मॉड्यूल के जरिए आईजीएसटी का भुगतान न करें।

बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि स्वैच्छिक चालान के माध्यम से भुगतान करने पर कस्टम्स ईडीआई सिस्टम और जीएसटीएन पोर्टल के बीच डाटा का स्वचालित ट्रांसफर नहीं हो पाता है। परिणामस्वरूप, आयातकों को बाद में इनपुट टैक्स क्रेडिट (Input Tax Credit - ITC) का दावा करने में गंभीर तकनीकी और कानूनी बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है।


💰 ब्याज माफी (Interest Waiver) और इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का लाभ

  • ब्याज देनदारी से पूर्ण राहत: सीबीआईसी ने स्पष्ट किया है कि योजना परिवर्तन के कारण आईजीएसटी भुगतान में होने वाली देरी पर लगने वाले ब्याज (Interest Liability) को पूरी तरह माफ कर दिया गया है। यह छूट प्रत्येक बिल ऑफ एंट्री के लिए केवल एक बार अनुमन्य होगी।
  • आईटीसी क्लेम की पात्रता: वैध तरीके से आईजीएसटी जमा करने वाले आयातक केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर अधिनियम (CGST Act, 2017) की धारा 16, 17 और 18 के तहत पूर्ण इनपुट टैक्स क्रेडिट का क्लेम कर सकेंगे।

🌾 घरेलू गन्ना किसानों और पश्चिमी यूपी की चीनी मिलों पर प्रभाव

10 लाख टन कच्ची चीनी के घरेलू बाजार में आने से त्योहारी सीजन (दशहरा, दिवाली, छठ) में चीनी की कीमतों में स्थिरता आएगी। हालांकि, घरेलू गन्ना उत्पादकों के हितों की रक्षा के लिए सरकार ने सुनिश्चित किया है कि यह आयात केवल कच्चे रूप में रिफाइनरियों के लिए है।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले (Amroha District) की चंदनपुर चीनी मिल (Code 142), असमौली चीनी मिल (Code 183), अगवानपुर चीनी मिल (Code 14) और बेलवाड़ा चीनी मिल (Code 321) में आगामी पेराई सत्र 2026-27 अक्टूबर के मध्य से प्रारंभ हो रहा है।

घरेलू मिलों में मजबूत नकदी प्रवाह बने रहने से किसानों को गन्ना भुगतान 14 दिनों के भीतर एस्क्रो बैंक खातों से सुनिश्चित होगा। किसान भाई अपना सट्टा देखने के लिए enquiry.caneup.in पर लॉग इन करें, गन्ना पर्ची कैलेंडर 2026-27 कैसे देखें पढ़ें या eGanna App Download 2026 करें। किसी भी समस्या के लिए हमारे गन्ना विभाग हेल्पलाइन डायरेक्टरी के टोल-फ्री नंबर 1800-121-3203 पर संपर्क करें।


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Randhir Patil
लेखक

Randhir Patil

गन्ना उद्योग विशेषज्ञ — ChiniMandi पर 425+ लेख। गन्ना खेती, शुगर मिल, MSP रेट, सरकारी योजनाओं पर विश्वसनीय जानकारी।

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