कच्ची चीनी आयात पर IGST भुगतान प्रक्रिया आसान, CBIC ने 10 लाख टन TRQ के लिए जारी किए नए नियम

कच्ची चीनी आयात पर IGST भुगतान प्रक्रिया आसान, CBIC ने 10 लाख टन TRQ के लिए जारी किए नए नियम
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Aamir Raza - 2026-08-29
नई दिल्ली (विशेष संवाददाता)। घरेलू बाजार में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने और त्योहारी सीजन में कीमतों को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार ने आयात प्रक्रिया को आसान बना दिया है। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने उन रिफाइनरियों और आयातकों के लिए एकीकृत माल एवं सेवा कर (आईजीएसटी) भुगतान के नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिन्होंने एडवांस ऑथराइजेशन योजना के तहत कच्ची चीनी का आयात किया था और अब उसे टैरिफ रेट कोटा (टीआरक्यू) व्यवस्था में परिवर्तित कर रहे हैं।
विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने कच्ची चीनी के 10 लाख मीट्रिक टन के आयात को टीआरक्यू में बदलने की एकमुश्त अनुमति दी है।
आयातकों को कैसे करना होगा आईजीएसटी का भुगतान?
सीबीआईसी के सर्कुलर के अनुसार, आयातकों को अपने संबंधित बंदरगाह पर कस्टम्स असेसमेंट ग्रुप से संपर्क करना होगा। असेसमेंट ग्रुप पहले जारी किए गए ‘आउट ऑफ चार्ज’ (ओओसी) को रद्द कर बिल ऑफ एंट्री का पुनर्मूल्यांकन करेगा।
इसके बाद कस्टम्स इलेक्ट्रॉनिक डेटा इंटरचेंज (ईडीआई) सिस्टम में जनरेट होने वाले इलेक्ट्रॉनिक चालान के माध्यम से आईजीएसटी का भुगतान किया जाएगा। भुगतान पूरा होते ही कस्टम्स एक नॉमिनल ओओसी जारी करेगा, जिससे टैक्स का ब्योरा सीधे जीएसटीएन (GSTN) पोर्टल पर स्थानांतरित हो जाएगा।
स्वैच्छिक चालान से भुगतान पर रोक और ब्याज से राहत
बोर्ड ने आयातकों को सख्त हिदायत दी है कि वे स्वैच्छिक भुगतान चालान (वॉलंटरी पेमेंट चालान) मॉड्यूल से आईजीएसटी जमा न करें। अधिकारियों ने बताया कि स्वैच्छिक चालान से भुगतान करने पर कस्टम्स और जीएसटीएन के बीच डेटा ट्रांसफर नहीं हो पाता, जिससे बाद में इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का दावा करने में परेशानी होती है।
सीबीआईसी ने स्पष्ट किया है कि योजना परिवर्तन के कारण आईजीएसटी भुगतान में होने वाली देरी पर ब्याज देनदारी पूरी तरह माफ रहेगी। पात्र आयातक सीजीएसटी अधिनियम 2017 की धारा 16, 17 और 18 के तहत पूर्ण इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा कर सकेंगे।
घरेलू बाजार और किसानों पर प्रभाव
10 लाख टन कच्ची चीनी के बाजार में आने से त्योहारी सीजन में कीमतों में स्थिरता आएगी। घरेलू चीनी उद्योग के जानकारों का कहना है कि इससे रिफाइनरियों का परिचालन बढ़ेगा और आपूर्ति सुचारू रहेगी।
रिफाइनरियों और घरेलू उद्योगों को बड़ी राहत
सीबीआईसी के इस स्पष्टीकरण से देश के प्रमुख बंदरगाहों (कांडला, मुंद्रा, जेएनपीटी और चेन्नई) पर फंसी कच्ची चीनी की खेपों को तत्काल क्लियरेंस मिलना शुरू हो गया है।
आयातकों को पहले आईजीएसटी के मैन्युअल चालान और आईटीसी क्लेम के बीच मिसमैच होने के कारण करोड़ों रुपये की कार्यशील पूंजी फंसने का डर था। अब इलेक्ट्रॉनिक ईडीआई रूट से स्वतः डाटा ट्रांसफर होने से रिफाइनरियां बिना किसी वित्तीय जोखिम के 24 घंटे के भीतर रिफाइंड चीनी बाजार में उतार सकेंगी।
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