Co-0238 प्रजाति के सट्टे पर 20% कटौती का नियम: लाल सड़न (Red Rot) प्रभावित खेतों के लिए ट्राइकोडर्मा अनिवार्य — वैज्ञानिकों की 5 बड़ी सलाह

लखनऊ / लखीमपुर खीरी / सीतापुर (CaneUp विशेष ब्यूरो — 22 सितंबर 2026): उत्तर प्रदेश के गन्ना बेल्ट में ‘गन्ने का कैंसर’ कहे जाने वाले लाल सड़न रोग (Red Rot - Colletotrichum falcatum) के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए गन्ना विकास विभाग ने सख्त नीतिगत फैसला लिया है। प्रदेश के पूर्वी और मध्य जनपदों (विशेषकर लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, पीलीभीत और देवरिया) में जहां Co-0238 की फसल में 40% से अधिक संक्रमण पाया गया है, वहां आगामी सत्र में Co-0238 के बेसिक सट्टे पर 20% की स्वतः कटौती लागू की जाएगी।
विभाग का स्पष्ट उद्देश्य है कि किसान पुरानी रोगग्रस्त प्रजाति को छोड़कर रोग-प्रतिरोधी नई प्रजातियों (Co-15023, Co-0118, CoS-13235 और CoLk-14201) को अपनाएं।
🚨 लाल सड़न (Red Rot) के 4 प्रमुख लक्षण
- तीसरी और चौथी पत्ती का सूखना: पौधे के ऊपरी भाग की पत्तियां किनारों से सूखने लगती हैं और तना पीला पड़ जाता है।
- गन्ने को चीरने पर लाल धारियां: जब रोगग्रस्त गन्ने को बीच से फाड़ते हैं, तो अंदर का गूदा लाल हो जाता है और बीच-बीच में सफेद चौकोर चकत्ते दिखाई देते हैं।
- शराब जैसी खट्टी बदबू: संक्रमित गन्ने से सिरके या सड़ी शराब जैसी तीखी बदबू आती है।
- खोखला तना: रोग बढ़ने पर तना अंदर से सूखकर खोखला हो जाता है और हवा चलने पर बीच से टूट जाता है।
🛡️ वैज्ञानिकों द्वारा सुझाई गई 5-सूत्रीय रोकथाम रणनीति
- रोगग्रस्त खेत की पेड़ी न रखें: जिस खेत में लाल सड़न आ चुका है, उसकी पेड़ी (Ratoon) रखने की गलती बिल्कुल न करें। गन्ने की कटाई के बाद जड़ों को उखाड़कर जला दें।
- ट्राइकोडर्मा विरिडी का मृदा उपचार: बुवाई से पहले 2 किग्रा ट्राइकोडर्मा विरिडी को 100 किग्रा सड़ी गोबर की खाद में मिलाकर 7 दिन छाया में रखें, फिर जुताई के समय खेत में बिखेरें।
- कार्बेंडाजिम 50% डब्ल्यूपी से बीज शोधन: गन्ने के टुकड़ों को बुवाई से पूर्व बाविस्टिन (Bavistin) 2 ग्राम प्रति लीटर पानी के घोल में 15 मिनट डुबोएं।
- फसल चक्र (Crop Rotation): लाल सड़न प्रभावित खेत में कम से कम 2 वर्षों तक गन्ने की फसल न लें; वहां धान-गेहूं या हरी खाद (ढैंचा/सनई) लगाएं।
- जल निकासी की व्यवस्था: खेत में पानी जमा न होने दें, क्योंकि जलभराव वाले खेतों में कवक के बीजाणु पानी के साथ तेजी से फैलते हैं।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
प्रश्न 1: क्या Co-0238 को रासायनिक स्प्रे से ठीक किया जा सकता है?
उत्तर: नहीं। लाल सड़न एक आंतरिक कवक जनित रोग है। गन्ने के अंदर फंगस पहुंचने के बाद कोई भी फफूंदनाशक स्प्रे इसे ठीक नहीं कर सकता। केवल बचाव और प्रजाति परिवर्तन ही एकमात्र उपाय है।
प्रश्न 2: Co-0238 के विकल्प के रूप में कौन सी किस्म सबसे अच्छी है?
उत्तर: Co-15023 और Co-0118 सबसे बेहतरीन विकल्प हैं, जिनमें रेड रॉट के प्रति उच्च प्रतिरोधक क्षमता और 13% से अधिक चीनी रिकवरी पाई जाती है।
प्रश्न 3: ट्राइकोडर्मा खाद कहां से प्राप्त करें?
उत्तर: राज्य के सभी कृषि विज्ञान केंद्रों (KVK) और सहकारी गन्ना विकास समितियों के दवा काउंटरों पर 50% अनुदान पर ट्राइकोडर्मा उपलब्ध है।
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