⚠️ पश्चिमी यूपी में रेड रॉट (लाल सड़न) और टॉप बोरर का अलर्ट! अमरोहा व मुजफ्फरनगर किसानों के लिए 5 उपाय

⚠️ पश्चिमी यूपी में रेड रॉट (लाल सड़न) और टॉप बोरर का अलर्ट! अमरोहा व मुजफ्फरनगर किसानों के लिए 5 उपाय
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Aamir Raza - August 29, 2026
मुजफ्फरनगर / अमरोहा / मेरठ / शामली (विशेष कृषि संवाददाता): पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अगस्त और सितंबर के दौरान हुई भारी बारिश और खेतों में जलभराव के कारण गन्ने की फसल में गन्ने का कैंसर कहे जाने वाले भयंकर रोग Red Rot (लाल सड़न रोग) और Top Borer (शीर्ष बेधक कीट) का प्रकोप देखा जा रहा है। कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) अमरोहा और गन्ना अनुसंधान परिषद शाहजहांपुर के वैज्ञानिकों ने अमरोहा जिले (Amroha District), मुजफ्फरनगर, मेरठ, बिजनौर और सहारनपुर के गन्ना किसानों के लिए हाई-अलर्ट जारी किया है।
🦠 रेड रॉट (लाल सड़न) और टॉप बोरर के लक्षण कैसे पहचानें?
- रेड रॉट (Colletotrichum falcatum):
- गन्ने की तीसरी और चौथी पत्ती पीली पड़कर सूखने लगती है।
- गन्ने के तने को बीच से चीरने पर अंदर का गूदा लाल दिखाई देता है और उसमें सफेद चौड़ी धारियां होती हैं।
- प्रभावित तने से शराब (Alcohol) जैसी तीखी खट्टी गंध आती है और गन्ना अंदर से खोखला हो जाता है।
- टॉप बोरर (Top Borer Pest):
- गन्ने की ऊपरी अगोले की पत्तियों में गोल छेद दिखाई देते हैं।
- गन्ने की मुख्य गोभ सूख जाती है जिसे ‘डेड हार्ट’ (Dead Heart) कहा जाता है।
| बीमारी / कीट (Disease / Pest) | मुख्य लक्षण (Key Symptoms) | संस्तुत फफूंदनाशक / रसायन (Recommended Chemical) |
|---|---|---|
| रेड रॉट (Red Rot) | लाल गूदा, शराब जैसी बदबू, पत्तियां सूखना | पायराक्लोस्ट्रोबिन (Pyraclostrobin 20% WG) |
| टॉप बोरर (Top Borer) | पत्तियों में छेद, गोभ सूखना (Dead Heart) | क्लोरैंट्रानिलिप्रोले (Chlorantraniliprole 18.5% SC) |
🛡️ किसानों के लिए 5 तत्काल बचाव व रोकथाम के उपाय (Integrated Pest Management)
गन्ना वैज्ञानिकों ने किसानों को निम्नलिखित 5 तत्काल कदम उठाने की सलाह दी है:
- खेत से तुरंत जल निकासी करें: खेत में जमा स्थिर पानी फंगस के बीजाणुओं (Spores) को तेजी से फैलाता है, इसलिए पानी निकासी की व्यवस्था करें।
- संक्रमित पौधों को उखाड़कर नष्ट करें: रोगग्रस्त गन्ने के पोधों को जड़ से उखाड़कर खेत से बाहर ले जाकर जला दें या गड्ढे में दबा दें।
- ट्राइकोडर्मा व बायो-फंगसाइड का प्रयोग: प्रति एकड़ 2 किलोग्राम ट्राइकोडर्मा हरजीयानम (Trichoderma harzianum) को गोबर की खाद में मिलाकर नमी वाले खेत में फैलाएं।
- अनुमोदित फफूंदनाशक का छिड़काव: 1 ग्राम पायराक्लोस्ट्रोबिन (Pyraclostrobin 20% WG) या 2 ग्राम कॉपर ऑक्सीक्लोराइड प्रति लीटर पानी में मिलाकर जड़ों के पास ड्रेचिंग (Drenching) करें।
- अस्वीकृत किस्मों (CO-0238) का बदलाव: आगामी शरदकालीन बुवाई 2026 में लाल सड़न के प्रति संवेदनशील किस्म CO-0238 के स्थान पर रोगरोधी किस्मों CO-15023, CO-0118, CO-98014, CO-13235 का ही चयन करें।
📱 CaneUp Portal व eGanna App पर रोग शिकायत कैसे दर्ज करें?
किसान भाई अपने खेत में बीमारी के प्रकोप की सूचना गन्ना विकास समिति और चीनी मिल प्रशासन को तुरंत दें:
- अमरोहा 16 चीनी मिलों (जैसे अगवानपुर Code 14, असमौली Code 183, चंदनपुर Code 142, बेलवाड़ा Code 321) के गन्ना पर्यवेक्षक से संपर्क करें।
- आधिकारिक पोर्टल enquiry.caneup.in पर अपना सर्वे डेटा और CaneUp Village Code चेक करें।
- ऑनलाइन पर्ची की जानकारी के लिए गन्ना पर्ची कैलेंडर 2026-27 कैसे देखें पढ़ें।
- आपातकालीन तकनीकी सहायता के लिए हमारे गन्ना विभाग हेल्पलाइन डायरेक्टरी के टोल-फ्री नंबर
1800-121-3203पर तुरंत कॉल करें।
रेड रॉट रोग नियंत्रण, गन्ना किस्म 2026-27 और CaneUp पर्ची कैलेंडर की हर कृषि सलाह के लिए CaneUp.xyz विजिट करते रहें!
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