२८ अक्टूबर से गन्ना पेराई शुरू: सहारनपुर की देवबंद मिल सबसे पहले चलेगी, जानें 8 मिलों का पूरा शेड्यूल

सहारनपुर के गन्ना किसानों के लिए बड़ी खबर है। जिले में पेराई सत्र 2026-27 की तैयारियां अंतिम चरण में हैं और इस बार जिले की 8 चीनी मिलों में से सबसे पहले त्रिवेणी ग्रुप की देवबंद चीनी मिल 28 अक्टूबर से गन्ना पेराई शुरू करेगी। जिला गन्ना विभाग के सूत्रों और मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, बाकी मिलें 1 नवंबर से 15 नवंबर के बीच चरणबद्ध तरीके से पेराई शुरू करेंगी। यानी अगले कुछ ही हफ्तों में जिले के किसानों का गन्ना मिलों तक पहुंचना शुरू हो जाएगा।
8 मिलों का पूरा पेराई शेड्यूल
जिले में इस बार कुल 8 चीनी मिलें हैं, लेकिन सभी एक साथ नहीं चलेंगी। जागरण की 16 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, मिलों ने पेराई शुरू करने की संभावित तिथियां घोषित कर दी हैं। सबसे पहले देवबंद मिल 28 अक्टूबर को पेराई शुरू करेगी। इसके बाद उत्तम ग्रुप की शेरमऊ मिल तथा सहकारी क्षेत्र की नानौता और सरसावा मिलें 1 नवंबर से पेराई करेंगी। बजाज ग्रुप की गांगनौली चीनी मिल 2 नवंबर से, जबकि वेव ग्रुप की बिडवी मिल 8 नवंबर से संचालन शुरू करेगी। सबसे आखिर में दया शुगर मिल गागलहेड़ी का नंबर आएगा, जहां 15 नवंबर से पेराई शुरू होने की उम्मीद है।
इस शेड्यूल से जिले के हजारों गन्ना किसानों को राहत मिली है, क्योंकि पेराई समय से शुरू होने पर गन्ना खेत में ज्यादा दिन नहीं टिकेगा और भुगतान का चक्र भी जल्दी शुरू होगा। पिछले कुछ सत्रों में देर से पेराई शुरू होने की शिकायतें रहती थीं, लेकिन इस बार शासन की ओर से चीनी मिलों में पेराई सत्र जल्दी शुरू कराने के निर्देश दिए गए हैं।
मरम्मत में तेजी, लेकिन अक्टूबर में सिर्फ एक मिल
सभी मिलों में मरम्मत और रखरखाव का काम तेजी से चल रहा है, फिर भी अक्टूबर के महीने में जिले की सिर्फ एक मिल — देवबंद — ही पेराई शुरू कर पाएगी। 5 अक्टूबर को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में सामने आए आंकड़ों के मुताबिक, देवबंद मिल में 82 प्रतिशत, गांगनौली में 89.75 प्रतिशत, शेरमऊ में 79.75 प्रतिशत, बिडवी में 80.25 प्रतिशत, नानौता में 75.25 प्रतिशत और सरसावा में 79.75 प्रतिशत मरम्मत कार्य पूरा हो चुका है। सबसे खराब स्थिति गागलहेड़ी मिल की है, जहां सिर्फ 51.25 प्रतिशत काम ही पूरा हुआ है।
जिलाधिकारी ने दया शुगर मिल गागलहेड़ी के यूनिट हेड को मरम्मत में देरी पर कड़ी फटकार भी लगाई है और नवंबर 2026 के पहले सप्ताह तक संचालन शुरू करने के निर्देश दिए हैं। इसका मतलब है कि गागलहेड़ी से जुड़े किसानों को थोड़ा इंतजार करना पड़ सकता है, लेकिन मिल चालू होने के बाद उनकी पेराई भी शुरू हो जाएगी।
टोडरपुर मिल बंद, किसानों का रास्ता साफ
जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक, जिले की 8 मिलों में से टोडरपुर चीनी मिल पिछले साल से बंद पड़ी है। ऐसे में उससे जुड़े किसानों का गन्ना अन्य मिलों में जाएगा। हालांकि, पिछले पेराई सत्र में गागनौली और टोडरपुर मिलों पर किसानों के बकाए का मामला भी सामने आया था, जिस पर जिलाधिकारी ने सख्त रुख अपनाया था। शासन ने बकाएदार मिलों के क्रय केंद्र घटाकर भुगतान न करने वाली मिलों पर लगाम भी कसी थी।
किसान संगठनों की मांग है कि मिलों के शुरू होने के साथ ही पिछले बकाए का भुगतान भी सुनिश्चित हो। संयुक्त किसान मोर्चा उत्तर प्रदेश ने हाल ही में मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर गन्ने का भाव 600 रुपये प्रति क्विंटल घोषित करने और 25 अक्टूबर से चीनी मिलों का संचालन शुरू कराने की मांग उठाई है।
पेराई सत्र 2026-27: भाव की घोषणा अभी बाकी
मिलों के शुरू होने की तारीखें तो तय हो गईं, लेकिन नए सत्र 2026-27 के गन्ने के दाम की घोषणा अभी बाकी है। किसान नेता इस बात पर नाराज हैं कि पेराई शुरू होने वाली है, लेकिन अभी तक गन्ने का उचित मूल्य घोषित नहीं किया गया है। केंद्र सरकार ने 2026-27 सत्र के लिए 10.25 प्रतिशत चीनी रिकवरी पर एफआरपी 365 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है। पिछले सत्र 2025-26 में उत्तर प्रदेश में अगैती प्रजाति के गन्ने का एसएपी 400 रुपये प्रति क्विंटल था। किसान संगठन स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के आधार पर भाव बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।
किसानों को सलाह दी जाती है कि पेराई शुरू होने से पहले अपना गन्ना सर्वेक्षण, पर्ची और कैलेंडर की स्थिति ई-गन्ना ऐप पर जरूर जांच लें, ताकि मिल शुरू होते ही गन्ना आपूर्ति में देरी न हो।
महाराष्ट्र में पेराई शुरू, यूपी की तैयारी जोरों पर
पूरे देश की बात करें तो महाराष्ट्र में गन्ना पेराई सीजन 2026-27 की शुरुआत हो चुकी है। राज्य सहकारी चीनी मिल महासंघ के अनुसार, 13 अक्टूबर तक राज्य की 55 चीनी मिलों ने पेराई शुरू कर दी थी और राज्य सरकार ने 15 अक्टूबर से पेराई सीजन शुरू करने की अनुमति दी थी। कर्नाटक की कुछ मिलों में भी पेराई शुरू हो गई है, जबकि उत्तर प्रदेश की मिलें 20 अक्टूबर के आसपास मैदान में उतरने की तैयारी कर रही हैं। त्योहारी सीजन में चीनी के दाम काबू में रखने के लिए इस साल गन्ना पेराई सीजन समय से पहले शुरू किया गया है।
किसानों के लिए आगे क्या करें
- पर्ची-कैलेंडर जांचें: मिल शुरू होने से पहले ई-गन्ना ऐप या समिति केंद्र से अपना सट्टा, पर्ची और कैलेंडर की तारीख जरूर देख लें।
- गन्ना काटने की तैयारी: पेराई तारीख के हिसाब से गन्ना कटाई का कार्यक्रम बनाएं, ताकि ताजा गन्ना मिल को मिले और चीनी रिकवरी अच्छी रहे।
- बकाए की जानकारी: पिछले सत्र का भुगतान बाकी हो तो जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराएं।
- खाद-पानी का ध्यान: नवंबर में गेहूं और सरसों की बुवाई के लिए पर्याप्त मात्रा में एनपीके खाद का इंतजाम पहले से कर लें।
आपके सवाल
सहारनपुर में सबसे पहले कौन सी चीनी मिल पेराई शुरू करेगी? त्रिवेणी ग्रुप की देवबंद चीनी मिल 28 अक्टूबर से जिले में सबसे पहले गन्ना पेराई शुरू करेगी।
जिले की बाकी मिलें कब से पेराई करेंगी? शेरमऊ, नानौता और सरसावा मिलें 1 नवंबर से, गांगनौली 2 नवंबर से, बिडवी 8 नवंबर से और गागलहेड़ी 15 नवंबर से पेराई शुरू करने की संभावना है। टोडरपुर मिल बंद है।
गन्ने का भाव 2026-27 घोषित हुआ क्या? नहीं। केंद्र सरकार ने एफआरपी 365 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है, लेकिन उत्तर प्रदेश का एसएपी 2026-27 अभी घोषित नहीं हुआ है। किसान संगठन 600 रुपये प्रति क्विंटल भाव की मांग कर रहे हैं।
पेराई से पहले किसानों को क्या तैयारी करनी चाहिए? ई-गन्ना ऐप पर पर्ची-कैलेंडर जांचें, गन्ना कटाई का कार्यक्रम बनाएं और पिछले बकाए की शिकायत हो तो जिला गन्ना अधिकारी से संपर्क करें।
स्रोत: दैनिक जागरण (सहारनपुर, 16 अक्टूबर 2026), रॉयल बुलेटिन (सहारनपुर, 5 अक्टूबर 2026), बिजनेस स्टैंडर्ड हिंदी (15 अक्टूबर 2026), लाइव हिंदुस्तान (15 अक्टूबर 2026), भास्करदूत (15 अक्टूबर 2026)।
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