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88.51 करोड़ बकाया नहीं चुकाया तो गन्ना दूसरी मिलों को: सहारनपुर डीएम का बजाज गांगनौली मिल को सख्त अल्टीमेटम

Aamir Raza Aamir Raza • Oct 11, 2026 • 6 min read
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88.51 करोड़ बकाया नहीं चुकाया तो गन्ना दूसरी मिलों को: सहारनपुर डीएम का बजाज गांगनौली मिल को सख्त अल्टीमेटम
अंतिम अपडेट: October 11, 2026 3:16 PM IST — यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

सहारनपुर जनपद के हजारों गन्ना किसानों के लिए राहत की बड़ी खबर आई है। जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान ने जिले की सभी चीनी मिलों के यूनिट हेड और अध्यासियों के साथ हुई अहम बैठक में बजाज ग्रुप की गांगनौली चीनी मिल पर बकाया 88.51 करोड़ रुपये के गन्ना मूल्य को नए पराई सत्र 2026-27 के शुरू होने से पहले चुकाने का सीधा आदेश दिया है। डीएम ने दो टूक कहा कि तय समय में भुगतान न हुआ तो गांगनौली मिल का गन्ना दूसरी मिलों को व्यावर्तित कर दिया जाएगा।

बैठक में जिला गन्ना अधिकारी शैलेश कुमार मौर्य ने रिपोर्ट पेश की कि पूरे सहारनपुर जनपद में अब केवल बजाज ग्रुप की गांगनौली चीनी मिल पर ही पिछले पराई सत्र 2025-26 का गन्ना बकाया बचा है। जिले की बाकी मिलों ने अपना भुगतान लगभग पूरा कर दिया है। इस जानकारी पर डीएम ने कड़ा रुख अपनाते हुए मिल के यूनिट हेड आर.बी. खोखर को बैठक में ही कड़ी फटकार लगाई और भुगतान की कार्ययोजना दो दिन के अंदर जिला गन्ना अधिकारी के माध्यम से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

बैठक में डीएम ने क्या-क्या निर्देश दिए

डीएम अरविंद कुमार चौहान ने बैठक में तीन स्पष्ट निर्देश जारी किए। पहला, पराई सत्र 2025-26 का समस्त बकाया गन्ना मूल्य नया सत्र प्रारंभ होने से पहले चुकाना होगा। दूसरा, भुगतान की पूरी कार्ययोजना दो दिवस के अंदर जिला गन्ना अधिकारी को सौंपनी होगी। तीसरा, तय समय में भुगतान न हुआ तो गांगनौली मिल का गन्ना दूसरी चीनी मिलों को व्यावर्तित करा दिया जाएगा। बैठक में आगामी पराई सत्र 2026-27 के लिए मिल रिपेयर और मेंटीनेंस की प्रगति की भी गहन समीक्षा हुई।

88.51 करोड़ का बकाया: पूरा मामला समझिए

रॉयल बुलेटिन की रिपोर्ट के मुताबिक, गांगनौली चीनी मिल पर यह बकाया गत पराई सत्र 2025-26 का है। यह रकम जिले के उन गन्ना किसानों की है, जिन्होंने पिछले सत्र में अपना गन्ना इस मिल को दिया था लेकिन आज तक पूरा भुगतान नहीं पाया। बकाया न मिलने से किसानों को खेती की लागत, खाद-बीज और घर के खर्च चलाने में दिक्कत हो रही है।

यह बकाया अचानक सुर्खियों में नहीं आया है। करीब दो सप्ताह पहले सहकारी गन्ना विकास समिति सहारनपुर की वार्षिक बैठक में भी यही मुद्दा गरमाया था। 10 गांवों के किसानों ने लिखित प्रस्ताव देकर गांगनौली मिल को गन्ना देने से इनकार कर दिया था और कहा था कि मिल पर करीब 90 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया है, इसलिए वे अपना गन्ना देवबंद, बिडवी समेत अन्य मिलों को देना चाहते हैं। समिति के अध्यक्ष चौ. मनोज पुंडीर ने आश्वासन दिया था कि प्रस्ताव गन्ना एवं चीनी आयुक्त को भेजे जाएंगे।

दूसरे शब्दों में, पहले किसान समिति में आवाज उठे, अब प्रशासन ने खुद मोर्चा संभाल लिया है। डीएम का यह अल्टीमेटम किसानों की उसी मांग को प्रशासनिक अमलीजामा पहना रहा है।

गन्ना व्यावर्तन का मतलब: किसानों के लिए अच्छी खबर

डीएम की चेतावनी में “गन्ना व्यावर्तन” शब्द अहम है। अगर गांगनौली मिल ने बकाया नहीं चुकाया तो उसके अधीन आने वाले गन्ना क्षेत्र का गन्ना दूसरी चीनी मिलों को आवंटित कर दिया जाएगा — किसान अपना गन्ना किसी दूसरी मिल के क्रय केंद्र पर तौलेंगे और भुगतान भी उसी मिल से मिलेगा।

यह किसानों को दोहरा फायदा देता है: बकाया भुगतान का दबाव बढ़ता है, और मिल फिर भी न चुकाए तो किसानों को समय पर भुगतान करने वाली मिल मिलने की उम्मीद बनती है। गन्ना समिति की बैठक में किसान पहले से यही मांग कर रहे थे कि गांगनौली का गन्ना क्षेत्र काटकर देवबंद और बिडवी मिलों को दे दिया जाए।

मिलों की मरम्मत की स्थिति: किस मिल का कितना काम हुआ

बैठक में जनपद की सातों चीनी मिलों के रिपेयर और मेंटीनेंस की प्रगति की समीक्षा भी हुई। मिल प्रतिनिधियों ने बताया कि देवबंद चीनी मिल का 82 प्रतिशत, गांगनौली का 89.75 प्रतिशत, शेरमऊ का 79.75 प्रतिशत, गागलहेड़ी का 51.25 प्रतिशत, बिडवी का 80.25 प्रतिशत, नानौता का 75.25 प्रतिशत और सरसावा का 79.75 प्रतिशत रिपेयर कार्य पूरा हो चुका है।

यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि दया शुगर मिल गागलहेड़ी का रिपेयर कार्य सबसे पीछे है, सिर्फ 51.25 प्रतिशत। इस पर डीएम ने गागलहेड़ी के यूनिट हेड को भी कड़ी फटकार लगाई और कहा कि मिल का संचालन नवंबर 2026 के पहले सप्ताह तक अनिवार्य रूप से शुरू करना होगा। मिल रिपेयर की कार्ययोजना भी तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

बैठक में नानौता के प्रधान प्रबंधक अंकित कुमार, सरसावा की प्रबंधक श्रीमती मनी अरोड़ा, देवबंद के वी.पी. पुष्कर मिश्रा, शेरमऊ के वी.पी. सुखविंदर जीत सिंह, गांगनौली के यूनिट हेड आर.बी. खोखर, बिडवी के यूनिट हेड अवनी जगमेर सिंह और दया शुगर गागलहेड़ी के यूनिट हेड धनराज सिंह भी मौजूद रहे।

पश्चिमी यूपी में पराई सत्र की तैयारी तेज

यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब पश्चिमी उत्तर प्रदेश की चीनी मिलें 2026-27 का पराई सत्र करीब 10 दिन पहले शुरू करने की तैयारी कर रही हैं। बिजनौर, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, शामली और मुरादाबाद की मिलों में मरम्मत कार्य तेज है और मौसम अनुकूल रहा तो अक्टूबर के तीसरे सप्ताह से गन्ना पेराई शुरू हो सकती है।

ऐसे में डीएम का यह निर्देश सामयिक है। नया सत्र शुरू होने से पहले पुराना बकाया साफ हो जाए, तो किसान बिना बकाया बोझ के नई फसल मिलों को दे पाएंगे। किसानों को सलाह है कि वे अपने गन्ना सर्वेक्षण रिकॉर्ड, रकबा और किस्म का ब्योरा जांच लें और बैंक खाते सक्रिय रखकर जरूरी दस्तावेज तैयार रखें, ताकि भुगतान में कोई अड़चन न आए।

गांगनौली के किसानों को अब क्या करना चाहिए

अगर आप गांगनौली मिल क्षेत्र के गन्ना किसान हैं तो बकाया भुगतान का हिसाब अपने पास रखें और पर्ची व तौल के कागजात संभालकर रखें। गन्ना समिति और जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय से संपर्क में रहें ताकि भुगतान की कार्ययोजना की प्रगति की जानकारी मिलती रहे।

अगर मिल दो दिन में कार्ययोजना देती है और नए सत्र से पहले भुगतान शुरू होता है तो यह किसानों की बड़ी जीत होगी। और अगर भुगतान नहीं होता तो गन्ना व्यावर्तन की प्रक्रिया में किसानों को अपना गन्ना दूसरी मिल को देने का विकल्प मिलेगा। दोनों ही स्थितियों में किसानों के हित में फैसला होता दिख रहा है।

जवाब जानिए

क्या गांगनौली मिल का पूरा 88.51 करोड़ बकाया एक साथ चुकाना होगा?

डीएम ने निर्देश दिया है कि पराई सत्र 2025-26 का समस्त बकाया गन्ना मूल्य नए सत्र के शुरू होने से पहले चुकाया जाए। मिल को दो दिन में भुगतान की कार्ययोजना देनी है, जिसमें भुगतान का पूरा कार्यक्रम होगा।

गन्ना व्यावर्तन कब और कैसे होगा?

अगर तय समय में भुगतान नहीं हुआ तो प्रशासन नियमानुसार गांगनौली मिल का गन्ना अन्य चीनी मिलों को व्यावर्तित करा देगा। इसका मतलब है कि संबंधित क्षेत्र के किसान अपना गन्ना दूसरी मिलों के क्रय केंद्रों पर दे सकेंगे।

क्या सहारनपुर की दूसरी मिलों पर भी बकाया है?

जिला गन्ना अधिकारी की रिपोर्ट के मुताबिक, जनपद में अब केवल बजाज ग्रुप की गांगनौली मिल पर ही बकाया बचा है। बाकी मिलों का भुगतान लगभग पूरा हो चुका है।

नया पराई सत्र कब शुरू होगा?

दया शुगर मिल गागलहेड़ी को नवंबर 2026 के पहले सप्ताह तक मिल संचालन शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। पश्चिमी यूपी की कई मिलें मौसम के अनुकूल रहने पर अक्टूबर के तीसरे सप्ताह से पराई शुरू करने की तैयारी में हैं।

किसान अपना बकाया कैसे जांच सकते हैं?

किसान ई-गन्ना पोर्टल (caneup.in) या गन्ना समिति के माध्यम से अपने भुगतान की स्थिति देख सकते हैं। शिकायत के लिए टोल-फ्री नंबर 1800-121-3203 और 1800-180-5129 पर संपर्क किया जा सकता है।

स्रोत: रॉयल बुलेटिन (सहारनपुर, 5 अक्टूबर 2026), लाइव हिंदुस्तान (सहारनपुर, सितंबर 2026), एग्रीइनसाइट/द टाइम्स ऑफ इंडिया (पश्चिमी यूपी पराई सत्र)

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Aamir Raza
लेखक एवं मुख्य संपादक

Aamir Raza

संस्थापक एवं प्रधान संपादक — CaneUp.xyz। उत्तर प्रदेश गन्ना उद्योग, पर्ची कैलेंडर, SAP/MSP मूल्य नीति, ई-गन्ना पोर्टल और किसान अधिकारों पर 10+ वर्षों का जमीनी अनुभव।

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