आज दो शहरों में गन्ना किसानों का हुंकार: सहारनपुर-मेरठ में कलेक्ट्रेट घेरे, ₹500 भाव और 6 मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन

पश्चिमी उत्तर प्रदेश का गन्ना किसान आज सड़कों पर उतर आया है। हाथों में गन्ना, ट्रैक्टरों का काफिला और सरकार के नाम एक बड़ा ज्ञापन — 16 अक्टूबर को सहारनपुर और मेरठ, दो जिलों में भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के कार्यकर्ताओं ने प्रशासनिक मुख्यालयों का घेराव किया। किसानों की एक ही गूंज है: गन्ने का भाव कम से कम ₹500 प्रति क्विंटल घोषित किया जाए, बकाया भुगतान तुरंत कराया जाए और फसल नुकसान का सही मुआवजा मिले।
सहारनपुर में किसानों ने गन्ना लेकर कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा, तो मेरठ में किसानों ने दर्जनों ट्रैक्टरों के साथ कमिश्नरी चौराहा जाम कर दिया और फिर कलेक्ट्रेट की ओर कूच कर गए। किसानों की चेतावनी सीधी है — मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं हुआ तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
सहारनपुर में क्या हुआ: गन्ना लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे किसान
सहारनपुर में भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान गन्ना लेकर कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे। यहां किसानों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम ज्ञापन सौंपा, जिसमें छह प्रमुख मांगें शामिल हैं। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष जयपाल चौधरी ने कहा कि डीजल, खाद, कीटनाशक, सिंचाई और कृषि मजदूरी की लागत लगातार बढ़ रही है, लेकिन गन्ने के मूल्य में लागत के अनुरूप बढ़ोतरी नहीं हो रही है। (चेतना मंच, 16 अक्टूबर 2026)
किसानों का तर्क है कि खुदरा बाजार में चीनी के दाम बढ़ने के बावजूद गन्ना उत्पादक को उसकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल रहा। मांग की गई है कि गन्ने का मूल्य ₹500 प्रति क्विंटल निर्धारित किया जाए और भुगतान समय पर सुनिश्चित हो। ज्ञापन में यह भी मांग रखी गई कि बेमौसम बारिश और तेज हवाओं से सरसों, उड़द, धान और गन्ने को हुए नुकसान का गांववार सर्वे कराकर वास्तविक नुकसान के आधार पर मुआवजा दिया जाए, और पात्र किसानों को फसल बीमा की राशि भी उपलब्ध कराई जाए।
छह मांगें: आलू बीज से यूरिया-डीएपी तक
सहारनपुर के ज्ञापन में सिर्फ गन्ने का भाव ही नहीं, खेती की रोजमर्रा की परेशानियां भी शामिल हैं:
1. गन्ना भाव ₹500 प्रति क्विंटल — लागत बढ़ने के अनुपात में मूल्य वृद्धि और समय पर भुगतान की गारंटी। 2. फसल नुकसान का मुआवजा — गांववार सर्वे के आधार पर वास्तविक नुकसान पर मुआवजा, फसल बीमा की राशि पात्र किसानों तक। 3. सस्ता आलू बीज — बाजार में आलू का भाव करीब ₹200 प्रति क्विंटल है, लेकिन उद्यान विभाग से बीज ऊंची दरों पर मिल रहा है। मांग है कि आलू बीज का मूल्य अधिकतम ₹1,500 प्रति क्विंटल तय किया जाए और कोल्ड स्टोर की सुविधा बेहतर हो। 4. किराये पर खेती करने वालों को मुआवजा — कई किसान किराये की जमीन पर खेती करते हैं, लेकिन फसल नुकसान पर उन्हें मुआवजे में दिक्कत होती है। मांग है कि ग्राम पंचायत, लेखपाल और कृषि विभाग के सत्यापन के आधार पर ऐसे किसानों को भी मुआवजा मिले। 5. यूरिया-डीएपी की पर्याप्त उपलब्धता — मिल और ब्लॉक स्तर पर मांग का आकलन कर पर्याप्त खाद उपलब्ध कराई जाए, ताकि बुवाई के समय किसानों को परेशानी न हो। 6. लागत के अनुरूप व्यवस्था — खेती की बढ़ती लागत और प्राकृतिक आपदाओं के बीच किसान खेती करने को मजबूर है, इसलिए सरकार मांगों पर गंभीरता से विचार करे।
प्रदेश अध्यक्ष जयपाल चौधरी ने दो टूक कहा कि किसान बढ़ती लागत और प्राकृतिक आपदाओं के बीच खेती करने को मजबूर हैं, फिर भी उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा। (चेतना मंच, 16 अक्टूबर 2026)
मेरठ में कमिश्नरी चौराहा जाम
दूसरी ओर मेरठ में भाकियू (अराजनैतिक) के कार्यकर्ताओं ने गन्ने के बकाया भुगतान, एमएसपी गारंटी और किसानों से जुड़ी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर शुक्रवार को मेरठ कमिश्नरी पर जोरदार प्रदर्शन किया। हाथों में गन्ना और राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा थामे किसान दर्जनों ट्रैक्टरों के साथ चौराहों पर पहुंचे, जिससे कमिश्नरी चौराहे और आसपास का इलाका पूरी तरह थम गया। (लाइव हिंदुस्तान, 16 अक्टूबर 2026)
अचानक हुए इस बड़े जमावड़े से कमिश्नरी के चारों तरफ के रास्ते बंद हो गए और भारी पुलिस बल तैनात किया गया। प्रदर्शनकारी किसान गन्ने के दाम बढ़ाने और बकाया भुगतान जल्द कराने के समर्थन में नारेबाजी करते रहे। कमिश्नरी पर अपनी आवाज बुलंद करने के बाद दर्जनों ट्रैक्टरों पर सवार कार्यकर्ता सीधे कलेक्ट्रेट की ओर कूच कर गए। (लाइव हिंदुस्तान, 16 अक्टूबर 2026)
किसान नेताओं ने साफ कहा है कि जब तक उनकी समस्याओं का ठोस समाधान नहीं निकाला जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। शहर की प्रमुख सड़कों पर लगे जाम से आम जनता को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
पृष्ठभूमि: 2026-27 का भाव अभी घोषित नहीं
किसानों की नाराजगी की जड़ में गन्ने का मूल्य ही है। वर्तमान पेराई सत्र के लिए घोषित राज्य परामर्श मूल्य (SAP 2025-26) अगेती प्रजाति के लिए ₹400 प्रति क्विंटल है, जबकि पेराई सत्र 2026-27 के लिए SAP की घोषणा अभी बाकी है। किसान संगठनों का तर्क है कि चीनी के खुदरा भाव ₹60 प्रति किलो के पार होने, लागत बढ़ने और कई मिलों पर बकाया पड़े होने के बाद ₹400 का भाव अब लागत के लिहाज से पर्याप्त नहीं है — इसलिए ₹500 की मांग उठ रही है।
गौरतलब है कि इसी मांग को लेकर भाकियू (अराजनैतिक) ने 16 अक्टूबर को प्रदेशभर में प्रदर्शन का ऐलान पहले ही किया था। राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक पहले कह चुके हैं कि गन्ने के मूल्य का सवाल सिर्फ चीनी मिलों की आर्थिक स्थिति तक सीमित नहीं रखा जा सकता।
किसानों के लिए क्या अहम है
अगर आप गन्ना किसान हैं, तो इन बिंदुओं पर नजर रखें:
- ज्ञापन का असर: दो प्रमुख जिलों में एक ही दिन के प्रदर्शन से दबाव बढ़ा है। अब नजर इस पर है कि सरकार गन्ना मूल्य को लेकर कब और क्या फैसला लेती है।
- बकाया भुगतान: बकाया भुगतान की मांग दोनों प्रदर्शनों में रही है। ई-गन्ना पोर्टल और अपनी गन्ना समिति से भुगतान की स्थिति नियमित जांचते रहें।
- फसल नुकसान का मुआवजा: नुकसान हुआ है तो गन्ना समिति और कृषि विभाग में सूचना दर्ज कराएं, ताकि गांववार सर्वे में आपका नाम शामिल हो सके।
आगे क्या: आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
दोनों ही प्रदर्शनों में किसानों ने कहा है कि जब तक ठोस समाधान नहीं निकलता, आंदोलन जारी रहेगा। सहारनपुर में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया गया और मेरठ में किसान कलेक्ट्रेट तक पहुंचे — अब गेंद सरकार और जिला प्रशासन के पाले में है।
स्रोत: चेतना मंच (16 अक्टूबर 2026), लाइव हिंदुस्तान (16 अक्टूबर 2026)।
आपके सवाल
सवाल: 16 अक्टूबर को किसानों ने कहां-कहां प्रदर्शन किया? जवाब: सहारनपुर में किसान गन्ना लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा, वहीं मेरठ में किसान कमिश्नरी पर जुटे और फिर कलेक्ट्रेट की ओर कूच किया।
सवाल: किसानों की मुख्य मांगें क्या हैं? जवाब: गन्ने का भाव ₹500 प्रति क्विंटल, बकाया भुगतान, फसल नुकसान का मुआवजा, सस्ता आलू बीज, यूरिया-डीएपी की उपलब्धता और एमएसपी गारंटी।
सवाल: प्रदर्शन का नेतृत्व किसने किया? जवाब: दोनों जिलों में भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। सहारनपुर में प्रदेश अध्यक्ष जयपाल चौधरी ने किसानों की ओर से मांगे रखीं।
सवाल: 2026-27 के लिए गन्ने का भाव घोषित हुआ क्या? जवाब: नहीं। पेराई सत्र 2025-26 के लिए SAP ₹400 प्रति क्विंटल (अगेती) घोषित है, लेकिन 2026-27 के लिए SAP की घोषणा अभी बाकी है।
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