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शामली व बिजनौर की चीनी मिलों ने जारी किए ₹280 करोड़ — पेराई सत्र से पहले बकाए पर डीएम की सख्ती

Randhir Patil Randhir Patil Sep 1, 2026 3 min read
शामली व बिजनौर की चीनी मिलों ने जारी किए ₹280 करोड़ — पेराई सत्र से पहले बकाए पर डीएम की सख्ती
अंतिम अपडेट: September 1, 2026 6:45 PM IST — यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

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शामली / बिजनौर: उत्तर प्रदेश में 15 अक्टूबर से शुरू होने जा रहे नए पेराई सत्र 2026-27 से पूर्व गन्ना किसानों के पिछले बकाए के शत-प्रतिशत भुगतान को लेकर जिला प्रशासनों द्वारा की जा रही सख्त कार्रवाई का बड़ा असर सामने आया है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शामली और बिजनौर जिलों की निजी चीनी मिलों ने आज 1 सितंबर 2026 की शाम कुल ₹280 करोड़ का अतिरिक्त गन्ना मूल्य भुगतान किसानों के पंजीकृत बैंक खातों में सीधे डीबीटी के माध्यम से ट्रांसफर कर दिया है।

शामली के जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट सभागार में चीनी मिल प्रबंधकों के साथ आयोजित आपातकालीन बैठक के बाद बताया कि शामली जिले की तीनों विवादित मिलों—अपर दोआब शुगर मिल शामली, बजाज हिंदुस्तान शुगर मिल थानाभवन और उत्तम शुगर मिल ऊन ने आज कुल ₹162 करोड़ का भुगतान एडवाइस बैंक को भेज दिया है। वहीं बिजनौर जिले की धामपुर, नजीबाबाद और बरकातपुर चीनी मिलों ने आज ₹118 करोड़ की बकाया राशि जारी की है।

एस्क्रो खाते से चीनी बिक्री का 85% किसानों को ट्रांसफर

जिला गन्ना अधिकारी शामली ने भुगतान वितरण की पुष्टि करते हुए बताया, “मिलों द्वारा हाल ही में बेची गई चीनी और डिस्टिलरी से आपूर्ति किए गए एथेनॉल का राजस्व सीधे राज्य सरकार द्वारा नियंत्रित एस्क्रो खाते (Escrow Account) में आया था। जिलाधिकारी के कड़े आदेश के तहत एस्क्रो खाते से 85% धनराशि को तत्काल प्रभाव से संबंधित सहकारी गन्ना विकास समितियों के खातों में भेजा गया, जहां से आज शाम 6:00 बजे तक किसानों के व्यक्तिगत बचत खातों में क्रेडिट का काम पूरा हो गया है।”

शामली के भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने भुगतान जारी होने पर संतोष व्यक्त किया है लेकिन साथ ही मांग की है कि 14 दिन से अधिक की देरी पर यूपी गन्ना पूर्ति अधिनियम की धारा 17 के तहत देय 15% साधारण ब्याज का भी अविलंब भुगतान सुनिश्चित किया जाए।

15 सितंबर तक शत-प्रतिशत क्लीयरेंस का अंतिम अल्टीमेटम

प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जो चीनी मिलें 15 सितंबर 2026 तक अपने पिछले सत्र 2025-26 के बकाए को शून्य नहीं करेंगी, उन्हें नए पेराई सत्र के लिए बॉयलर संचालन का लाइसेंस और गन्ना क्रय केंद्रों का आवंटन नहीं किया जाएगा।

शामली डीएम ने निर्देश दिए हैं कि मिलों के चीनी गोदामों की दैनिक बिक्री पर प्रशासन के नोडल अधिकारी सीधे नजर रखें ताकि बिक्री से प्राप्त होने वाला एक-एक रुपया सबसे पहले किसानों के बकाए को चुकाने में प्रयुक्त हो सके। किसान भाई अपने ई-गन्ना ऐप या enquiry.caneup.in पर जाकर अपने बैंक क्रेडिट का यूटीआर नंबर चेक कर सकते हैं।

पश्चिमी यूपी के किसानों में राहत की लहर

त्योहारी सीजन और बच्चों की स्कूल-कॉलेज फीस जमा करने के समय ₹280 करोड़ का ताजा भुगतान मिलने से शामली और बिजनौर के लगभग 1.80 लाख गन्ना उत्पादक परिवारों को बड़ी राहत मिली है। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि बाकी बचे हुए 5 से 10% अवशेषों का भुगतान भी 10 सितंबर तक हर हाल में करवा दिया जाए ताकि नया पेराई सत्र पूरी तरह कर्जमुक्त शुरू हो सके।

इसके अतिरिक्त जिला प्रशासन ने चीनी मिलों के प्रबंध निदेशकों को चेतावनी दी है कि यदि नए पेराई सत्र में भी 14 दिन का भुगतान चक्र टूटा तो मिल प्रबंधकों के खिलाफ सीधे आरसी (Recovery Certificate) जारी कर विधिक कार्रवाई की जाएगी।

Randhir Patil
लेखक

Randhir Patil

गन्ना उद्योग विशेषज्ञ — ChiniMandi पर 425+ लेख। गन्ना खेती, शुगर मिल, MSP रेट, सरकारी योजनाओं पर विश्वसनीय जानकारी।

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