शामली डीएम की थानाभवन चीनी मिल पर कड़ी कार्रवाई — ₹95.22 करोड़ बकाया नहीं चुकाया तो नए सत्र में पेराई की अनुमति नहीं, चीनी स्टॉक नीलामी की चेतावनी

शामली (CaneUp विशेष ब्यूरो — 13 सितंबर 2026): पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गन्ना किसानों के बकाया भुगतान को लेकर जिला प्रशासन ने चीनी मिलों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। शामली के जिलाधिकारी (DM) ने कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित उच्चस्तरीय गन्ना भुगतान समीक्षा बैठक में थानाभवन चीनी मिल (बजाज हिन्दुस्थान शुगर लिमिटेड) के शीर्ष प्रबंधन को कड़ी फटकार लगाते हुए अंतिम चेतावनी जारी की है। थानाभवन मिल पर किसानों का ₹95.22 करोड़ का गन्ना मूल्य बकाया लंबित है।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि — “किसानों के खून-पसीने की कमाई को किसी भी सूरत में नहीं रोका जा सकता। 15 अक्टूबर 2026 से नया पेराई सत्र 2026-27 शुरू होने से पहले थानाभवन मिल को पिछला शत-प्रतिशत भुगतान किसानों के खातों में भेजना अनिवार्य होगा। यदि निर्धारित समय सीमा में भुगतान नहीं हुआ, तो मिल को पेराई सत्र संचालन (बॉयलर पूजन) की अनुमति नहीं दी जाएगी और मिल के गोदामों में रखी चीनी व शीरे के स्टॉक को नीलाम करके सीधे किसानों के खातों में आरटीजीएस कराया जाएगा।”
📊 शामली जनपद की चीनी मिलों का भुगतान रिपोर्ट कार्ड
शामली जनपद में तीन प्रमुख चीनी मिलें संचालित होती हैं, जिनकी वर्तमान वित्तीय स्थिति इस प्रकार है:
| चीनी मिल का नाम | स्वामित्व | कुल पेराई मूल्य | किया गया भुगतान | वर्तमान बकाया (Arrears) | भुगतान प्रतिशत |
|---|---|---|---|---|---|
| थानाभवन शुगर मिल | बजाज हिन्दुस्थान | ~₹385 करोड़ | ~₹289.78 करोड़ | ₹95.22 करोड़ | 75.2% (सबसे पिछड़ा) |
| अपर दोआब शुगर मिल, शामली | सर शादीलाल ग्रुप | ~₹360 करोड़ | ~₹298.40 करोड़ | ₹61.60 करोड़ | 82.8% |
| ऊन शुगर मिल (ऊँ) | राणा ग्रुप | ~₹310 करोड़ | ~₹282.10 करोड़ | ₹27.90 करोड़ | 91.0% |
⚖️ प्रशासन द्वारा की जा रही 4 सख्त वैधानिक कार्रवाइयां
- एस्क्रो खाते की दैनिक मॉनिटरिंग: जिलाधिकारी ने जिला गन्ना अधिकारी और बैंक अधिकारियों को निर्देश दिया है कि मिल के एस्क्रो खाते में आने वाली चीनी और एथेनॉल बिक्री की राशि का 85% तुरंत किसानों के खातों में ट्रांसफर किया जाए।
- आरसी (Recovery Certificate) और स्टॉक जब्ती: यदि आगामी एक सप्ताह में भुगतान में संतोषजनक प्रगति नहीं दिखी, तो भू-राजस्व की भांति मिल के खिलाफ आरसी जारी कर गोदामों को सील करने की प्रक्रिया शुरू होगी।
- सेंटर आवंटन में सख्ती: डिफाल्टर मिलों को चेतावनी दी गई है कि यदि वे भुगतान में विफल रहीं, तो उनके दूरदराज के क्रय केंद्रों पर प्रतिबंध लगाकर उन्हें समय पर भुगतान करने वाली सक्षम मिलों से संबद्ध कर दिया जाएगा।
- प्रबंधन पर एफआईआर की तैयारी: आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) और गन्ना आपूर्ति नियंत्रण अधिनियम के तहत मिल के जिम्मेदार अधिकारियों पर वैधानिक मुकदमा दर्ज कराने की चेतावनी दी गई है।
🚜 भाकियू और किसान संगठनों का धरना आंदोलन
थानाभवन चीनी मिल के मुख्य गेट पर भारतीय किसान यूनियन (BKU) और स्थानीय किसान संघर्ष समिति का अनिश्चितकालीन धरना भी लगातार जारी है। किसानों का कहना है कि:
- बच्चों की स्कूलों की फीस, खाद-कीटनाशक का खर्च और आने वाले त्योहारों (दशहरा, दिवाली) की खरीदारी पूरी तरह गन्ने के भुगतान पर टिकी है।
- जब तक ₹95.22 करोड़ का एक-एक पैसा किसानों के खाते में नहीं आता, तब तक किसान किसी भी मिल अधिकारी को चैन से बैठने नहीं देंगे।
जिला प्रशासन की इस कड़ी सख्ती के बाद चीनी मिल प्रबंधन ने आश्वासन दिया है कि चीनी कोटा रिलीज होने के साथ ही आगामी 10 दिनों के अंदर कम से कम ₹30 से ₹40 करोड़ की बड़ी किस्त किसानों के बैंक खातों में आरटीजीएस कर दी जाएगी।
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