शामली में डीएम का बड़ा एक्शन: शामली व थानाभवन मिल के चीनी गोदाम सील — ₹112 करोड़ बकाया भुगतान के लिए 72 घंटे का अंतिम अल्टीमेटम

शामली (CaneUp ब्यूरो — 15 सितंबर 2026, शाम 5:50 IST): पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शामली जिले में गन्ना मूल्य भुगतान के मुद्दे पर जिला प्रशासन ने कड़ा एक्शन लेते हुए मिल मालिकों में हड़कंप मचा दिया है। किसानों के ₹112.40 करोड़ के लंबित बकाए की वसूली के लिए जिलाधिकारी अरविंद चौहान (IAS) के सख्त आदेश पर मंगलवार को दोनों डिफॉल्टर चीनी मिलों — अपर दोआब शुगर मिल (शामली शहर) और बजाज हिंदुस्तान शुगर मिल (थानाभवन) के मुख्य चीनी गोदामों को सरकारी मोहर लगाकर सील कर दिया गया।
एसडीएम शामली और सीओ पुलिस के नेतृत्व में राजस्व व आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने मंगलवार दोपहर दोनों मिल परिसरों में पहुंचकर यह जब्ती कार्रवाई पूरी की।
🏭 7 गोदामों में रखी 4.20 लाख बोरी चीनी सील
जिला प्रशासन द्वारा की गई जब्ती कार्रवाई का ब्योरा:
- शामली शुगर मिल: 4 मुख्य गोदामों को सील किया गया, जिनमें लगभग 2.40 लाख क्विंटल चीनी और 12,000 क्विंटल शीरा (Molasses) सुरक्षित किया गया है। मिल पर किसानों का ₹64.15 करोड़ बकाया है।
- थानाभवन शुगर मिल: 3 गोदामों को सील किया गया, जिनमें 1.80 लाख क्विंटल चीनी है। मिल पर किसानों का ₹48.25 करोड़ बकाया है।
- 72 घंटे का अल्टीमेटम: प्रशासन ने दोनों मिल प्रबंधनों को 18 सितंबर दोपहर 12 बजे तक किसानों के बैंक खातों में आरटीजीएस (RTGS) के जरिए पैसा भेजने की मोहलत दी है। यदि निर्धारित समय तक भुगतान नहीं हुआ, तो 19 सितंबर से खुले बाजार में ई-नीलामी (E-Auction) कर चीनी बेची जाएगी और सीधे किसानों के खातों में भुगतान किया जाएगा।
⚖️ डीएम अरविंद चौहान का सख्त संदेश
जिलाधिकारी अरविंद चौहान ने कड़े शब्दों में कहा:
“गन्ना किसानों का हक मारकर कोई भी उद्योगपति चैन से नहीं बैठ सकता। हमने मिलों को बार-बार चेतावनी दी, नोटिस जारी किए लेकिन किसानों के बकाए को गंभीरता से नहीं लिया गया। जब तक किसानों के एक-एक पैसे का भुगतान नहीं हो जाता, मिलों की किसी भी संपत्ति, चीनी और शीरे की बिक्री पर हमारा पूर्ण नियंत्रण रहेगा। नए पेराई सत्र के संचालन की अनुमति भी शत-प्रतिशत भुगतान के बाद ही दी जाएगी।”
🌾 भाकियू ने किया प्रशासन की कार्रवाई का स्वागत
शामली में गोदाम सील होने की खबर मिलते ही स्थानीय गन्ना किसानों और भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने राहत की सांस ली। भाकियू के शामली जिलाध्यक्ष कपिल बालियान ने कहा कि प्रशासन का यह कदम सराहनीय है, लेकिन किसानों को केवल आश्वासन नहीं, उनके बैंक खातों में असली पैसा चाहिए। यदि 72 घंटे में भुगतान खातों में नहीं पहुंचा तो किसान मिल गेट पर अनिश्चितकालीन धरना देंगे।
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