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शामली, हापुड़ और बिजनौर के किसानों के लिए राहत — चीनी गोदाम सील, 15 अक्टूबर से पहले खाते में आएगा बकाया पैसा!

Aamir Raza Aamir Raza • Sep 5, 2026 • 3 min read
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शामली, हापुड़ और बिजनौर के किसानों के लिए राहत — चीनी गोदाम सील, 15 अक्टूबर से पहले खाते में आएगा बकाया पैसा!
अंतिम अपडेट: September 5, 2026 9:15 AM IST — यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

मुख्य बिंदु (Quick Summary): इलाहाबाद उच्च न्यायालय के सख्त आदेश के बाद शामली, हापुड़, बिजनौर और लखीमपुर खीरी के जिलाधिकारियों ने डिफाल्टर चीनी मिलों के गोदाम सील करने और एस्क्रो खाते में दैनिक बिक्री राशि जमा कराने की कार्रवाई तेज कर दी है। 15 अक्टूबर 2026 से पहले किसानों के बैंक खातों में ₹1,936 करोड़ का बकाया हस्तांतरित होगा।

शामली / हापुड़ / बिजनौर: इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ द्वारा उत्तर प्रदेश की डिफाल्टर चीनी मिलों के खिलाफ जारी ₹1,936 करोड़ की वसूली प्रमाण पत्रों (RC) पर सख्त आदेश पारित किए जाने के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक महकमे में अभूतपूर्व तेजी देखी जा रही है। शामली के जिलाधिकारी, हापुड़ के जिलाधिकारी और बिजनौर के जिलाधिकारी ने अपनी-अपनी तहसीलों के उपजिलाधिकारियों (SDM) और जिला गन्ना अधिकारियों (DCO) की संयुक्त टीमों को डिफाल्टर मिलों में तैनात कर चीनी गोदामों की चौबीसों घंटे भौतिक निगरानी और एस्क्रो खाते में शत-प्रतिशत बिक्री राजस्व सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं।

अदालत ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि 15 अक्टूबर 2026 को होने वाली अगली सुनवाई तक यदि संबंधित जिलों में वसूली की प्रगति 100% नहीं दिखी, तो जिलाधिकारियों को स्वयं कोर्ट में हाजिर होकर जवाब देना होगा।

प्रमुख डिफाल्टर मिलों पर वर्तमान कार्रवाई की स्थिति

  1. अपर दोआब शुगर मिल (शामली): मिल पर किसानों का ₹180 करोड़ से अधिक का बकाया था। प्रशासनिक सख्ती के चलते मिल ने हाल ही में ₹45 करोड़ एस्क्रो खाते में जमा कराए हैं। शेष ₹135 करोड़ के लिए मिल के 4 मुख्य चीनी गोदामों को सील कर दैनिक डिस्पैच से सीधी रिकवरी की जा रही है।
  2. सिंभावली व बृजनाथपुर मिल (हापुड़): NCLT के अंतरिम समाधान पेशेवर (IRP) ने 15 अक्टूबर से पहले किसानों को कम से कम ₹100 करोड़ का नकद वितरण करने का रोडमैप जिला प्रशासन को सौंपा है।
  3. बरकातपुर व दयाल मिल (बिजनौर): बिजनौर प्रशासन ने मिलों के शीरा व बगास डिपो पर मजिस्ट्रेट तैनात किए हैं ताकि बिक्री का एक भी रुपया बाहर न जा सके।

जिला-वार लंबित गन्ना बकाए का विवरण

जनपदप्रमुख बकाएदार चीनी मिलेंकुल लंबित बकाया राशि15 अक्टूबर तक लक्ष्य
शामलीअपर दोआब शामली, बजाज थानाभवन₹265 करोड़₹265 करोड़ (100%)
हापुड़सिंभावली शुगर्स, बृजनाथपुर₹210 करोड़₹100 करोड़ (प्रथम किस्त)
बिजनौरबरकातपुर, चांदपुर, दयाल₹175 करोड़₹175 करोड़ (100%)
लखीमपुरबजाज पलिया, खंभारखेड़ा, गोला₹320 करोड़₹320 करोड़ (100%)

किसान अपने मोबाइल पर ऐसे चेक करें भुगतान

गन्ना विकास विभाग ने स्पष्ट किया है कि जैसे ही एस्क्रो खाते से भुगतान की एडवाइस बैंक को भेजी जाती है, किसान विभागीय पोर्टल enquiry.caneup.in या eGanna App पर जाकर ‘गन्ना तौल एवं भुगतान’ विकल्प में अपनी एडवाइस तिथि और यूटीआर नंबर देख सकते हैं। पैसा सीधे किसान के आधार-लिंक्ड बैंक खाते में आरटीजीएस द्वारा जमा हो रहा है।

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Aamir Raza
लेखक एवं मुख्य संपादक

Aamir Raza

संस्थापक एवं प्रधान संपादक — CaneUp.xyz। उत्तर प्रदेश गन्ना उद्योग, पर्ची कैलेंडर, SAP/MSP मूल्य नीति, ई-गन्ना पोर्टल और किसान अधिकारों पर 10+ वर्षों का जमीनी अनुभव।

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